खौफनाक: वीडियो बनाने के विवाद में पिता-पुत्र ने किशोर को जमीन पर पटका, दो बोतल उड़ेला तेजाब
मऊ जिले के मधुबन क्षेत्र में बीती रात एक किशोर पर हत्या की नीयत से पिता-पुत्र ने तेजाब उड़ेल दिया। किशोर का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने कुछ दिन पहले एक वीडियो बनाए जाने को लेकर पिता-पुत्र का विरोध किया था। तेजाब से झुलसे किशोर की हालत गंभीर है।
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यूपी के मऊ जिले में एक किशोर को वीडियो बनाने का विरोध करना भारी पड़ गया। विरोध से नाराज पिता-पुत्र ने बीती रात किशोर को दबोच लिया। जमीन पर पटका और शरीर पर दो बोतल तेजाब उड़ेल दिया। बुरी तरह झुलसने के कारण किशोर बेसुध हो गया तो मरा जानकर पिता-पुत्र भाग निकले। यह रूह कंपाने वाली वारदात की कहानी तेजाब के हमले में गंभीर रूप से झुलसे किशोर ने सुनाई।
पीड़ित के पिता की तहरीर पर पुलिस आरोपी पिता-पुत्र के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। दोनों आरोपी फरार हैं। घटना मधुबन थाना क्षेत्र के उंदूरा गांव की है। तहरीर के मुताबिक, मधुबन थाना क्षेत्र के पलिया निवासी विजय राजभर का पुत्र सचिन (17) टेंट हाउस में काम करता है। बीती रात सचिन एक वैवाहिक कार्यक्रम से घर लौट रहा था।
तीन घंटे बाद आया होश तो किशोर ने परिजनों को बुलाया
रास्ते में उंदूरा गांव निवासी राजेंद्र और उसके 20 वर्षीय पुत्र सनी ने सचिन को दबोच लिया। पिता-पुत्र की जोड़ी ने सचिन को सड़क पर पटक दिया और दो बोतल में रखा तेजाब उसके शरीर पर उड़ेल दिया। गंभीर रूप से झुलसने के कारण सचिन बेसुध हो गया तो उसे मृत समझकर आरोपी पिता-पुत्र भाग निकले।
घटना के करीब तीन घंटे बाद सचिन को होश आया तो उसने मोबाइल से परिजनों को हमले के बार में जानकारी दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने आननफानन उसे फतेहपुर मंडाव सीएचसी पहुंचाया। जहां डाक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस दोनों आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुटी है। इस बाबत एसओ मधुबन सुदेश कुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है।
वीडियो को लेकर क्या था विवाद
जिला अस्पताल में भर्ती सचिन ने बताया कि कुछ दिन पहले उसके चाचा अपने बेटे को किसी बात को लेकर डांट रहे थे। इसी बीच आरोपी युवक सनी की बहन इसका वीडियो बनाने लगी। जो उसे नागवार गुजरा और उसने विरोध करते हुए मना कर दिया।
इसकी जानकारी होने पर सनी और उसके पिता राजेंद्र ने उसे बहुत बुरा भला कहने के साथ जान से मारने की धमकी दी। एक सप्ताह तक कुछ न होने के बाद वह इससे बेफिक्र हो गया था। कहा कि नहीं पता था कि छोटी सी बात में मुझपर ऐसा जानलेवा हमला होगा। बताया कि आरोपी राजेंद्र गोरखपुर में किसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थकर्मी के पद पर तैनात है।