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किसानों को मृदा स्वास्थ्य के महत्व के बारे में किया जागरुक
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बढुुआगोदाम। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत राष्ट्रीय सूक्ष्म उपयोगी जीव ब्यूरो कुशमौर की तरफ से किसानों के लिए खाद्य एवं पोषण विषय पर राष्ट्रीय स्तर के अभियान के अंतर्गत एक दिवसीय किसान गोष्ठी और प्रदर्शनी का आयोजन किया। इस दौरान किसानों को मृदा स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी गई।
ब्यूरो के वैज्ञानिक डॉ. अभिजीत एस कश्यप ने कार्यक्रम के बारे में विस्तार से चर्चा की। वैज्ञानिक विशेषज्ञों की टीम ने किसान गोष्ठी के दौरान भोजन और पोषण के संबंध में जानकारी साझा की। डॉ. ज्योत्सना तिलगाम द्वारा किसानों को भोजन के प्रकार भोजन में मौजूद पोषकतत्वों और संतुलित आहार के अर्थ के बारे में जागरूक करने का प्रयास किया। डॉ नाजिया मंजर ने विभिन्न खाद्य आदतों के पक्षों और विपक्षों विभिन्न कुपोषण और उनके उपचारों को समझाते हुए एक परिवार में गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए पोषण का महत्व शामिल है। डॉ. आदर्श कुमार ने आयरन व जिंक की कमी के कारण छिपी भूख के बारे में भी किसानों को जागरूक किया।
किसानों को सूक्ष्मजीवों आधारित प्रौद्योगिकियों की प्रदर्शनी के लिए ले जाया गया। वैज्ञानिक विशेषज्ञों की टीम ने प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को सूक्ष्मजीव आधारित प्रौद्योगिकियों के विकास मेंआईसीएआर.एनबीएआईएम की भूमिका के बारे में बताया गया। उन्हें ट्राइकोडर्मा बैसिलस एवं राइजोबियम और उनके बीज उपचार जैसे विभिन्न सूक्ष्मजीव में पेश किया गया था। जैव निर्माण आधारित प्रौद्योगिकियों में बायोएनपीके बायोजिंक बायोफोस और बायोपोटाश से परिचित कराया गया। किसानों को मृदा स्वास्थ्य के महत्व के बारे में बताया गया और मृदा परीक्षण मशीन का प्रदर्शन भी किया गया। मशरूम उत्पादन का प्रदर्शन किया गया और स्पॉन से लेकर मशरुम उत्पादन तक से जुड़े विभिन्न कदमों को समझाया गया। कुछ महिला किसानों ने मशरूम उत्पादन प्रौद्योगिकी में गहरी रुचि दिखाई। गोष्ठी एवं प्रदर्शनी के आयोजन के लिए आईसीएआर एनबीएआईएम के निदेशकए डॉ. अनिल कुमार सक्सेना को धन्यवाद दिया।
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ब्यूरो के वैज्ञानिक डॉ. अभिजीत एस कश्यप ने कार्यक्रम के बारे में विस्तार से चर्चा की। वैज्ञानिक विशेषज्ञों की टीम ने किसान गोष्ठी के दौरान भोजन और पोषण के संबंध में जानकारी साझा की। डॉ. ज्योत्सना तिलगाम द्वारा किसानों को भोजन के प्रकार भोजन में मौजूद पोषकतत्वों और संतुलित आहार के अर्थ के बारे में जागरूक करने का प्रयास किया। डॉ नाजिया मंजर ने विभिन्न खाद्य आदतों के पक्षों और विपक्षों विभिन्न कुपोषण और उनके उपचारों को समझाते हुए एक परिवार में गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए पोषण का महत्व शामिल है। डॉ. आदर्श कुमार ने आयरन व जिंक की कमी के कारण छिपी भूख के बारे में भी किसानों को जागरूक किया।
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किसानों को सूक्ष्मजीवों आधारित प्रौद्योगिकियों की प्रदर्शनी के लिए ले जाया गया। वैज्ञानिक विशेषज्ञों की टीम ने प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को सूक्ष्मजीव आधारित प्रौद्योगिकियों के विकास मेंआईसीएआर.एनबीएआईएम की भूमिका के बारे में बताया गया। उन्हें ट्राइकोडर्मा बैसिलस एवं राइजोबियम और उनके बीज उपचार जैसे विभिन्न सूक्ष्मजीव में पेश किया गया था। जैव निर्माण आधारित प्रौद्योगिकियों में बायोएनपीके बायोजिंक बायोफोस और बायोपोटाश से परिचित कराया गया। किसानों को मृदा स्वास्थ्य के महत्व के बारे में बताया गया और मृदा परीक्षण मशीन का प्रदर्शन भी किया गया। मशरूम उत्पादन का प्रदर्शन किया गया और स्पॉन से लेकर मशरुम उत्पादन तक से जुड़े विभिन्न कदमों को समझाया गया। कुछ महिला किसानों ने मशरूम उत्पादन प्रौद्योगिकी में गहरी रुचि दिखाई। गोष्ठी एवं प्रदर्शनी के आयोजन के लिए आईसीएआर एनबीएआईएम के निदेशकए डॉ. अनिल कुमार सक्सेना को धन्यवाद दिया।
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