{"_id":"60e343d58ebc3ec7d87729ea","slug":"even-after-three-months-the-victims-of-the-fire-incident-did-not-get-compensation-mau-news-vns5988467142","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन माह बाद भी अग्नि कांड पीड़ितों को नहीं मिला मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन माह बाद भी अग्नि कांड पीड़ितों को नहीं मिला मुआवजा
विज्ञापन
रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के नसीराबाद कला ग्राम पंचायत में तीन माह पहले आग लग गई थी। इस आगलगी में 24 से अधिक किसानों की फसल जलकर बरबाद हो गई थी। लेकिन तीन माह बाद भी अग्नि कांड के पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिला। क्षतिपूर्ति के लिए अधिकारियों के कहने पर किसानों ने कोपागंज मंडी समिति को आनलाइन आवेदन कर दिया। तीन महीने बाद अधिकारियों द्वारा कहा जा रहा है कि किसानों को रसड़ा कृषि मंडी को आवेदन करना चाहिए था। इसके चलते ग्रामीणों में आक्रोश है।
पहली अप्रैल 2021 को तपती दोपहरी में नसीराबाद कला ग्राम पंचायत के सीवान में आग लग गई। देखते ही देखते सैकड़ों एकड़ फसल जलकर राख हो गई। 24 किसानों की फसल जलकर नष्ट हो गई। प्रशासन और राजस्व अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्षतिपूर्ति का आश्वासन दिया। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कहा गया कि जिन की भी फसल आग से जलकर राख हो गई है, वह ऑनलाइन आवेदन करें। ग्रामीणों ने जब ऑनलाइन आवेदन किया तो पोर्टल पर मंडी समिति कोपागंज आया। मंडी समिति कोपागंज को रेखांकित करते हुए ग्रामीणों ने आनलाइन आवेदन कर दिया। परंतु अब प्रशासन के अधिकारी कह रहे हैं कि रतनपुरा विकासखंड रसड़ा मंडी समिति के अंतर्गत आता है। रसड़ा कृषि उत्पादन मंडी समिति बलिया जनपद का हिस्सा है। कोपागंज और रसड़ा की खींचतान में अग्निकांड पीड़ितों को एक पैसा भी अब तक नहीं मिल सका। नसीराबाद कला ग्राम पंचायत के विजेंद्र सिंह, पूर्व प्रमुख अक्षय कुमार राजभर, विनोद कुमार पांडेय आदि का कहना है कि प्रशासन को पूर्व में ही इस बात से अवगत कराना चाहिए था कि रतनपुरा क्षेत्र बलिया जनपद के रसड़ा मंडी समिति के अंतर्गत आता है। तीन महीने व्यतीत हो जाने के बावजूद भी रसड़ा और कोपागंज के बीच फंसे किसान परेशान हैं। क्योंकि अग्निकांड की ज्वाला में उनकी सारी कमाई और भविष्य के सपने राख हो गए थे।
विज्ञापन
पहली अप्रैल 2021 को तपती दोपहरी में नसीराबाद कला ग्राम पंचायत के सीवान में आग लग गई। देखते ही देखते सैकड़ों एकड़ फसल जलकर राख हो गई। 24 किसानों की फसल जलकर नष्ट हो गई। प्रशासन और राजस्व अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्षतिपूर्ति का आश्वासन दिया। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कहा गया कि जिन की भी फसल आग से जलकर राख हो गई है, वह ऑनलाइन आवेदन करें। ग्रामीणों ने जब ऑनलाइन आवेदन किया तो पोर्टल पर मंडी समिति कोपागंज आया। मंडी समिति कोपागंज को रेखांकित करते हुए ग्रामीणों ने आनलाइन आवेदन कर दिया। परंतु अब प्रशासन के अधिकारी कह रहे हैं कि रतनपुरा विकासखंड रसड़ा मंडी समिति के अंतर्गत आता है। रसड़ा कृषि उत्पादन मंडी समिति बलिया जनपद का हिस्सा है। कोपागंज और रसड़ा की खींचतान में अग्निकांड पीड़ितों को एक पैसा भी अब तक नहीं मिल सका। नसीराबाद कला ग्राम पंचायत के विजेंद्र सिंह, पूर्व प्रमुख अक्षय कुमार राजभर, विनोद कुमार पांडेय आदि का कहना है कि प्रशासन को पूर्व में ही इस बात से अवगत कराना चाहिए था कि रतनपुरा क्षेत्र बलिया जनपद के रसड़ा मंडी समिति के अंतर्गत आता है। तीन महीने व्यतीत हो जाने के बावजूद भी रसड़ा और कोपागंज के बीच फंसे किसान परेशान हैं। क्योंकि अग्निकांड की ज्वाला में उनकी सारी कमाई और भविष्य के सपने राख हो गए थे।
विज्ञापन