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Mau News: मृदा की उर्वरा शक्ति को संजोए रखने पर जोर
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की तरफ से चलाए जा रहे ‘खेत बचाओ अभियान’’ के तहत बढुआगोदाम क्षेत्र मे
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से चलाए जा रहे ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत बढ़ुआगोदाम क्षेत्र में राष्ट्रीय बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के वैज्ञानिकों ने किसानों को जागरूक किया।
कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, उर्वरकों के संतुलित प्रयोग, जैव उर्वरकों के विकल्प के रूप में उपयोग तथा सतत कृषि तकनीकों की जानकारी दी।
संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अंजनी कुमार सिंह ने मृदा की उर्वरा शक्ति को संजोए रखने पर बल दिया। उन्होंने मृदा में लाभकारी सूक्ष्मजीवों और सूक्ष्मजीव आधारित उत्पादों के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों की खपत कैसे कम की जा सकती है, इस पर विस्तार से जानकारी दी।
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वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कल्याणी कुमारी ने संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, जैव उर्वरक और मृदा नमूना विधि पर चर्चा की। संवाद सत्र में किसानों ने मृदा उर्वरता और फसलों में लगने वाले कीटों से जुड़ी समस्याओं पर वैज्ञानिक डॉ. सामराज जे.एम. से सवाल पूछे और समाधान प्राप्त किया।कार्यक्रम से लगभग 120 किसान लाभान्वित हुए।
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कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, उर्वरकों के संतुलित प्रयोग, जैव उर्वरकों के विकल्प के रूप में उपयोग तथा सतत कृषि तकनीकों की जानकारी दी।
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संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अंजनी कुमार सिंह ने मृदा की उर्वरा शक्ति को संजोए रखने पर बल दिया। उन्होंने मृदा में लाभकारी सूक्ष्मजीवों और सूक्ष्मजीव आधारित उत्पादों के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों की खपत कैसे कम की जा सकती है, इस पर विस्तार से जानकारी दी।
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वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कल्याणी कुमारी ने संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, जैव उर्वरक और मृदा नमूना विधि पर चर्चा की। संवाद सत्र में किसानों ने मृदा उर्वरता और फसलों में लगने वाले कीटों से जुड़ी समस्याओं पर वैज्ञानिक डॉ. सामराज जे.एम. से सवाल पूछे और समाधान प्राप्त किया।कार्यक्रम से लगभग 120 किसान लाभान्वित हुए।