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डेढ़ सौ गांवों में आठ घंटे ठप रही बिजली आपूर्ति
mau
Updated Mon, 27 Aug 2018 10:51 PM IST
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क्षेत्र के हलधरपुर स्थित 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र का ब्रेकर सोमवार की सुबह फट गया। इससे जुड़े पांच विद्युत उपकेंद्रों से संबद्ध 150 से अधिक गांवों की बिजली गुल हो गई। आठ घंटे बार शाम छह बजे तकनीकी खराबी दूर कर आपूर्ति बहाल की गई। हलधरपुर स्थित 132 केवीए विद्युत उपकेंद्र से 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र अदरी, रतनपुरा, अरदौना, हलधरपुर, अईलख विद्युत उपकेंद्रों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। हलधरपुर विद्युत उपकेंद्र का ब्रेकर सुबह 10 बजे जोर की आवाज के साथ फट गया।
इसके चलते पांच विद्युत उपकेंद्रों से संबद्ध 150 गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली गुल होने से लोग दिनभर गर्मी तथा उमस से बेहाल रहे। आपूर्ति बाधित रहने से कृषि तथा कुटीर उद्योग पर असर तो पड़ा ही साथ ही सुबह की पेयजलापूर्ति भी बाधित हुई। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने तकनीकी टीम की मदद से ब्रेकर की खराबी को दूर कराना शुरू किया। जिस पर शाम छह बजे तकनीकी खराबी को कर्मचारियों ने दूर किया तब जाकर बिजली आपूर्ति शुरू की गई।
किसानों तथा विद्युत उपभोक्ताओं का कहना था कि विद्युत उपकेंद्रों में आए दिन तकनीकी खामी तथा तारों के टूटने से घंटों विद्युत आपूर्ति ठप हो जा रही है। इससे काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। विद्युत उपकेंद्र में नई मशीनें व उपकरण लगाने की मांग करने के बाद भी मामले को लटका कर रखा गया है। कम बिजली मिलने से कृषि कार्य तथा कुटीर उद्योग पर विपरीत असर पड़ रहा है। आला अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपा गया बावजूद विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुधारा नहीं जा रहा।
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एसडीओ भानु प्रताप ने बताया कि ब्रेकर फटने की सूचना मिलने पर तकनीकी टीम को उपकेंद्र पर भेज कर खराबी दूर कराया गया। शाम छह बजे आपूर्ति शुरू करा दी गई। बताया कि क्षेत्र के जर्जर तारों और ट्रांसफार्मरों की जांच कराई जा रही है। स्टीमेट बनवाकर मुख्यालय को भेजवाया जाएगा। ताकि इन्हें ठीक कराया जा सके। जिससे आए दिन होने वाला फॉल्ट रुके।
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इसके चलते पांच विद्युत उपकेंद्रों से संबद्ध 150 गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली गुल होने से लोग दिनभर गर्मी तथा उमस से बेहाल रहे। आपूर्ति बाधित रहने से कृषि तथा कुटीर उद्योग पर असर तो पड़ा ही साथ ही सुबह की पेयजलापूर्ति भी बाधित हुई। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने तकनीकी टीम की मदद से ब्रेकर की खराबी को दूर कराना शुरू किया। जिस पर शाम छह बजे तकनीकी खराबी को कर्मचारियों ने दूर किया तब जाकर बिजली आपूर्ति शुरू की गई।
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किसानों तथा विद्युत उपभोक्ताओं का कहना था कि विद्युत उपकेंद्रों में आए दिन तकनीकी खामी तथा तारों के टूटने से घंटों विद्युत आपूर्ति ठप हो जा रही है। इससे काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। विद्युत उपकेंद्र में नई मशीनें व उपकरण लगाने की मांग करने के बाद भी मामले को लटका कर रखा गया है। कम बिजली मिलने से कृषि कार्य तथा कुटीर उद्योग पर विपरीत असर पड़ रहा है। आला अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपा गया बावजूद विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुधारा नहीं जा रहा।
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एसडीओ भानु प्रताप ने बताया कि ब्रेकर फटने की सूचना मिलने पर तकनीकी टीम को उपकेंद्र पर भेज कर खराबी दूर कराया गया। शाम छह बजे आपूर्ति शुरू करा दी गई। बताया कि क्षेत्र के जर्जर तारों और ट्रांसफार्मरों की जांच कराई जा रही है। स्टीमेट बनवाकर मुख्यालय को भेजवाया जाएगा। ताकि इन्हें ठीक कराया जा सके। जिससे आए दिन होने वाला फॉल्ट रुके।