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बिजली संविदाकर्मियों ने किया धरना-प्रदर्शन
Sat, 29 Dec 2018 11:28 PM IST
पवन सिंह
mau
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Published by: पवन सिंह
Updated Sat, 29 Dec 2018 11:28 PM IST
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नगर के हाइडिल कालोनी स्थित बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय के समीप धरना प्रदर्शन करते संविदा कर्मचारी।
- फोटो : mau
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विद्युत मजदूर संगठन के तत्वावधान में विद्युत मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया। साथ ही पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष को संबोधित अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों केे नजरंदाज किया गया तो वह बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार ने कहा कि हाड़तोड़ मेहनत करने के बाद संविदाकर्मियों को हक व अधिकार नहीं मिल सका है। संगठन के माध्यम से विभागीय अधिकारियों की वार्ता में आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो सका है। ऊर्जा मंत्री की घोषणा के अनुसार संविदाकर्मियों को विभाग से सीधे वेतन का भुगतान किया जाए। जूनियर इंजीनियर के रिक्त 1600 पदों पर पात्रता अवधि पांच वर्ष करते हुए टीजी दो की पदोन्नति की जाए।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि हर हाल में सरकार पुरानी पेंशन प्रणाली को पुन: लागू करे। ताकि सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें इसका लाभ मिल सके। वर्ष 2005 तक ऊर्जा निगमों में नियुक्त कर्मियों को भी राज्य सरकार की भांति पेंशन सुविधा दी जाए। संविदाकर्मियों का मानदेय बढ़ाकर 25 हजार रुपया किया जाए। कंप्यूटर संगणक को वरिष्ठता से पदोन्नति कोटे में सहायक अभियंता बनाया जाए। पदोन्नति के लिए डिप्लोमा की बाध्यता समाप्त किया जाए। कार्यालय सहायक से लेखाकार के पद पर पदोन्नति में बीकाम की बाध्यता समाप्त किया जाए।
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अंत में पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष को संबोधित अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपा। धरने को परशुराम, रामआशरे, बब्लू, संतोष आदि शामिल रहे।
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धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार ने कहा कि हाड़तोड़ मेहनत करने के बाद संविदाकर्मियों को हक व अधिकार नहीं मिल सका है। संगठन के माध्यम से विभागीय अधिकारियों की वार्ता में आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो सका है। ऊर्जा मंत्री की घोषणा के अनुसार संविदाकर्मियों को विभाग से सीधे वेतन का भुगतान किया जाए। जूनियर इंजीनियर के रिक्त 1600 पदों पर पात्रता अवधि पांच वर्ष करते हुए टीजी दो की पदोन्नति की जाए।
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प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि हर हाल में सरकार पुरानी पेंशन प्रणाली को पुन: लागू करे। ताकि सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें इसका लाभ मिल सके। वर्ष 2005 तक ऊर्जा निगमों में नियुक्त कर्मियों को भी राज्य सरकार की भांति पेंशन सुविधा दी जाए। संविदाकर्मियों का मानदेय बढ़ाकर 25 हजार रुपया किया जाए। कंप्यूटर संगणक को वरिष्ठता से पदोन्नति कोटे में सहायक अभियंता बनाया जाए। पदोन्नति के लिए डिप्लोमा की बाध्यता समाप्त किया जाए। कार्यालय सहायक से लेखाकार के पद पर पदोन्नति में बीकाम की बाध्यता समाप्त किया जाए।
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अंत में पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष को संबोधित अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपा। धरने को परशुराम, रामआशरे, बब्लू, संतोष आदि शामिल रहे।