मऊ। मऊ-आजमगढ़ रेलवे लाइन पर 43 किमी विद्युतीकरण कार्य पूरा हो जाने पर शनिवार को रेलवे ने रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ा कर ट्रायल किया। इसकी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी और सब कुछ ठीक रहा तो माह के अंत तक रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी मिल जाएगी। शनिवार को ही ट्रायल के बाद सीआरएस ने रूट के साथ ही स्टेशनों का निरीक्षण भी किया। रेल संरक्षा आयुक्त (पूर्वी परिक्षेत्र) मोहम्मद लतीफ खान ने सबसे पहले मऊ रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने यार्ड प्लान, न्यूट्रल सेक्शन, पावर सब स्टेशन, स्टेशन वर्किंग रूल, केंद्रीकृत स्टेशन पैनल, पैदल उपरिगामी पुल और प्लेटफार्म क्लियरेंस की संरक्षा परखी। इसके अलावा उन्होंने पॉइंट क्रासिंग, सिगनलिंग, बर्थिंग ट्रैक बैलास्ट, ओवरहेड ट्रैक्शन की ऊंचाई, फीडर पावर सप्लाई, वितरण प्रणाली तथा नियंत्रण फीडर आइसोलेशन की भी संरक्षा का जायजा लिया। इसके बाद वह स्पेशल टावर वैगन से मऊ-खुरहट ब्लाक सेक्शन के निरीक्षण के लिए रवाना हुए। यहां समपार संख्या-3ए का निरीक्षण करने के साथ ही गेटमैन के विद्युतीकृत खंड पर कार्य करने हेतु संरक्षा ज्ञान को परखा। इसके बाद मोहम्मदाबाद स्टेशन पहुंच कर यात्री सुविधाओं का निरीक्षण किया। मऊ-आजमगढ़ रेल खण्ड पर निरीक्षण के दौरान समपार फाटकों से ओवर हेड की उचित दूरी, ब्लाक सेक्शन में विद्युतीकृत स्टैंडर्ड मानकों के अनुसार लाइन फिटिंग्स का निरीक्षण किया। आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर भी व्यवस्थाओं को परखा। इस दौरान एके शुक्ला, आरके यादव, पीआरओ अशोक कुमार, हिमांशु आदि मौजूद रहे।