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शिक्षामित्रों को मान्य नहीं है10 हजार रुपये का मानदेय
mau news
Updated Sat, 09 Sep 2017 12:13 AM IST
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शिक्षामित्रों के धरना प्रदर्शन को संबोधित करते अरविंद।
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मऊ। प्राथमिक शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में चल रहा शिक्षामित्रों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। मांग पूरी न होने से नाराज शिक्षामित्रों ने घंटों प्रदर्शन किया। साथ ही प्रभारी मंत्री नंद गोपाल नंदी को ज्ञापन सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए महामंत्री विद्यासागर ने कहा कि सरकार द्वारा दिए जाने वाले 10 हजार रुपये मानदेय हम शिक्षामित्रों को स्वीकार नहीं है। शिक्षामित्रों के मान सम्मान को ध्यान में रखते हुए समान कार्य समान वेतन तब तक दिया जाए जब तक प्रत्येक शिक्षामित्र शिक्षक नहीं बन जाता। बलिराम चंद्र सिंह ने कहा कि जब तक शिक्षामित्रों की मांग मान नहीं ली जाती है तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आंदोलन को सफल बनाने के लिए शिक्षामित्रों का आह्वान किया। राजकुमार यादव ने कहा कि हमें दिल्ली में धरने के लिए मानसिक रुप से तैयार रहने की आवश्यकता है। जिस दिन दिल्ली जाने का ऐलान हो जाए शत प्रतिशत शिक्षामित्र दिल्ली जाने का कार्य करें। प्रवीण राय ने कहा कि सरकार वादाखिलाफी कर सकती है तो उप्र की जनता सबक सिखाने को तैयार बैठी है। कहा कि कैबिनेट द्वारा पास किए 10 हजार रुपये मानदेय को वापस लिया जाए। अंत में शिक्षामित्रों ने प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपा। राजकुमार यादव ने कहा कि नई दिल्ली में धरने के लिए मानसिक रुप से तैयार रहने की आवश्यकता है। जिस दिन दिल्ली जाने का ऐलान हो जाए शत प्रतिशत शिक्षामित्रों को दिल्ली जाने का कार्य करें। धरने को वेदप्रकाश आर्य, चंद्रभान यादव, हरिगोविंद, अशोक यादव, हरिकेश मौर्य, दीपनरायन सिंह, रीतू शर्मा, सरिता सिंह, माया तिवारी आदि ने संबोधित किया।
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धरने को संबोधित करते हुए महामंत्री विद्यासागर ने कहा कि सरकार द्वारा दिए जाने वाले 10 हजार रुपये मानदेय हम शिक्षामित्रों को स्वीकार नहीं है। शिक्षामित्रों के मान सम्मान को ध्यान में रखते हुए समान कार्य समान वेतन तब तक दिया जाए जब तक प्रत्येक शिक्षामित्र शिक्षक नहीं बन जाता। बलिराम चंद्र सिंह ने कहा कि जब तक शिक्षामित्रों की मांग मान नहीं ली जाती है तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आंदोलन को सफल बनाने के लिए शिक्षामित्रों का आह्वान किया। राजकुमार यादव ने कहा कि हमें दिल्ली में धरने के लिए मानसिक रुप से तैयार रहने की आवश्यकता है। जिस दिन दिल्ली जाने का ऐलान हो जाए शत प्रतिशत शिक्षामित्र दिल्ली जाने का कार्य करें। प्रवीण राय ने कहा कि सरकार वादाखिलाफी कर सकती है तो उप्र की जनता सबक सिखाने को तैयार बैठी है। कहा कि कैबिनेट द्वारा पास किए 10 हजार रुपये मानदेय को वापस लिया जाए। अंत में शिक्षामित्रों ने प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपा। राजकुमार यादव ने कहा कि नई दिल्ली में धरने के लिए मानसिक रुप से तैयार रहने की आवश्यकता है। जिस दिन दिल्ली जाने का ऐलान हो जाए शत प्रतिशत शिक्षामित्रों को दिल्ली जाने का कार्य करें। धरने को वेदप्रकाश आर्य, चंद्रभान यादव, हरिगोविंद, अशोक यादव, हरिकेश मौर्य, दीपनरायन सिंह, रीतू शर्मा, सरिता सिंह, माया तिवारी आदि ने संबोधित किया।
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