{"_id":"6aa050ba16851b506603d031","slug":"education-makes-a-person-self-reliant-and-strengthens-the-sense-of-justice-dr-ramvilas-mau-news-c-295-1-svns1028-151656-2026-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के साथ न्याय की भावना मजबूत करती है: डॉ. रामविलास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के साथ न्याय की भावना मजबूत करती है: डॉ. रामविलास
विज्ञापन
Photo Title
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर घोसी ब्लॉक क्षेत्र के धरौली स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ शिक्षा, साक्षरता और सामाजिक जागरूकता के महत्व पर विशेष संवाद आयोजित किया गया।
इस अवसर पर राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित प्रभारी प्रधानाध्यापक डॉ. रामविलास भारती ने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे व्यक्ति में तर्कशीलता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, संवैधानिक चेतना तथा अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझने की क्षमता विकसित होती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रत्येक बच्चे का शिक्षित और जागरूक होना आवश्यक है। विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन करने, जिज्ञासापूर्वक प्रश्न पूछने, अंधविश्वास से दूर रहने और वैज्ञानिक सोच विकसित करने का आह्वान किया। संवाद के दौरान बच्चों ने साक्षरता, शिक्षा के अधिकार, समान अवसर, बालिका शिक्षा और समाज में शिक्षा की भूमिका से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे।
विज्ञापन
डॉ. भारती ने उनके प्रश्नों के सहज और उदाहरण सहित उत्तर देते हुए शिक्षा को व्यक्तिगत विकास के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने नियमित अध्ययन करने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को शिक्षा एवं साक्षरता के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति की अध्यक्ष बदामी, पूजा, राकेश कुमार गौतम, अर्जुन यादव आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
इस अवसर पर राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित प्रभारी प्रधानाध्यापक डॉ. रामविलास भारती ने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे व्यक्ति में तर्कशीलता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, संवैधानिक चेतना तथा अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझने की क्षमता विकसित होती है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रत्येक बच्चे का शिक्षित और जागरूक होना आवश्यक है। विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन करने, जिज्ञासापूर्वक प्रश्न पूछने, अंधविश्वास से दूर रहने और वैज्ञानिक सोच विकसित करने का आह्वान किया। संवाद के दौरान बच्चों ने साक्षरता, शिक्षा के अधिकार, समान अवसर, बालिका शिक्षा और समाज में शिक्षा की भूमिका से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे।
विज्ञापन
डॉ. भारती ने उनके प्रश्नों के सहज और उदाहरण सहित उत्तर देते हुए शिक्षा को व्यक्तिगत विकास के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने नियमित अध्ययन करने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को शिक्षा एवं साक्षरता के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति की अध्यक्ष बदामी, पूजा, राकेश कुमार गौतम, अर्जुन यादव आदि उपस्थित रहे।