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सरयू में लगाई आस्था की डुबकी
Tue, 15 Jan 2019 10:47 PM IST
पवन सिंह
mau
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Published by: पवन सिंह
Updated Tue, 15 Jan 2019 10:47 PM IST
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दोहरीघाट के घाघरा नदी में डुबकी लगाते श्रद्धालु।
- फोटो : mau
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मकर संक्रांति का पर्व जिले में मंगलवार को उत्साह और श्रद्धा के बीच मनाया गया। दोहरीघाट के सरयू और तमसा में आस्थावानों ने डुबकी लगाई और दान पुण्य कर अपने को धन्य किया। जगह-जगह मेले के आयोजन भी किए गए। मंदिरों में पूजन अर्चन करने के लिए लोगों की खासी भीड़ रही। लोगों ने तिल, लाई, गुड़ चूड़े के साथ ही पतंगबाजी का आनंद उठाया।
मकर संक्रांति पर नगर के हनुमान घाट, मड़इयाघाट, बमघाट, सत्तीघाट, ढेकुलियाघाट और रामघाट ब्रह्मस्थान पोखरा, शीतला माता धाम, करहां स्थित गुरामदरी धाम पोखरा तथा नागा बाबा की कुटी सहित दोहरीघाट के सरयू तट के विभिन्न घाटों पर तड़के से ही स्नान करने वाले लोगों का तांता लगा रहा। लोगों ने स्नान कर उगते सूर्य को अर्ध्य दिया। साथ ही तिल, चावल छूकर रस्म पूरी की।
इसके बाद घाटों पर स्थित मंदिर पर पूजन अर्चन किया। साथ ही जिले के विभिन्न स्थानों पर लगने वाले मेले में भारी भीड़ रही। सहादतपुरा मुहल्ला स्थित ब्रह्मस्थान पर सुबह से ही मेला लगा हुआ था। श्रद्घालुजनों ने मंदिर में दर्शन पूजन कर ब्रह्म बाबा से मन्नत मांगी।
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मेले में बच्चों ने झूले चर्खी का आनंद उठाया तो वहीं महिलाओं ने व्यंजनों का लुत्फ उठाया। बहू बेटियों ने अपनी सखी सहेलियों के साथ एक दूसरे के घर घूमकर त्यौहार की बधाई दी। जबकि बच्चों संग बड़ों ने भी दिनभर खूब पतंगबाजी की। दिनभर ‘ये काटा, वो काटा, भक्काटा’ की आवाजे गूंजती रहीं।
दोहरीघाट : मकर संक्रांति पर कस्बा स्थित सरयू नदी में खासी संख्या में भोर से ही स्नानार्थियों की भीड़ घाटों पर जुटी रही। भारी संख्या में नदी तट के विभिन्न घाटों पर भोर से ही स्नान करने का क्रम चलता रहा। मंदिरों पर पूजन अर्चन किया गया।
पिपरीडीह : विभिन्न इलाकों में मकर संक्रांति का पर्व परंपरागत ढंग से से मनाया गया। क्षेत्र के प्रसिद्घ वनदेवी धाम में सुबह से ही श्रद्घालुओं का रेला लगा रहा। मंदिर पर भजन कीर्तन होता रहा। मंदिर पर लगे मेले का लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। लोग देर शाम तक वनदेवी पार्क में मौज मस्ती करते देखे गए। मंदिर पर लाई, चूरा तथा रेवड़ी की दुकानें सजी हुई थी।
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मकर संक्रांति पर नगर के हनुमान घाट, मड़इयाघाट, बमघाट, सत्तीघाट, ढेकुलियाघाट और रामघाट ब्रह्मस्थान पोखरा, शीतला माता धाम, करहां स्थित गुरामदरी धाम पोखरा तथा नागा बाबा की कुटी सहित दोहरीघाट के सरयू तट के विभिन्न घाटों पर तड़के से ही स्नान करने वाले लोगों का तांता लगा रहा। लोगों ने स्नान कर उगते सूर्य को अर्ध्य दिया। साथ ही तिल, चावल छूकर रस्म पूरी की।
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इसके बाद घाटों पर स्थित मंदिर पर पूजन अर्चन किया। साथ ही जिले के विभिन्न स्थानों पर लगने वाले मेले में भारी भीड़ रही। सहादतपुरा मुहल्ला स्थित ब्रह्मस्थान पर सुबह से ही मेला लगा हुआ था। श्रद्घालुजनों ने मंदिर में दर्शन पूजन कर ब्रह्म बाबा से मन्नत मांगी।
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मेले में बच्चों ने झूले चर्खी का आनंद उठाया तो वहीं महिलाओं ने व्यंजनों का लुत्फ उठाया। बहू बेटियों ने अपनी सखी सहेलियों के साथ एक दूसरे के घर घूमकर त्यौहार की बधाई दी। जबकि बच्चों संग बड़ों ने भी दिनभर खूब पतंगबाजी की। दिनभर ‘ये काटा, वो काटा, भक्काटा’ की आवाजे गूंजती रहीं।
दोहरीघाट : मकर संक्रांति पर कस्बा स्थित सरयू नदी में खासी संख्या में भोर से ही स्नानार्थियों की भीड़ घाटों पर जुटी रही। भारी संख्या में नदी तट के विभिन्न घाटों पर भोर से ही स्नान करने का क्रम चलता रहा। मंदिरों पर पूजन अर्चन किया गया।
पिपरीडीह : विभिन्न इलाकों में मकर संक्रांति का पर्व परंपरागत ढंग से से मनाया गया। क्षेत्र के प्रसिद्घ वनदेवी धाम में सुबह से ही श्रद्घालुओं का रेला लगा रहा। मंदिर पर भजन कीर्तन होता रहा। मंदिर पर लगे मेले का लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। लोग देर शाम तक वनदेवी पार्क में मौज मस्ती करते देखे गए। मंदिर पर लाई, चूरा तथा रेवड़ी की दुकानें सजी हुई थी।