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परदहां ब्लाक क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में गहराया पेयजल संकट
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बढुआगोदाम (मऊ)। परदहां ब्लॉक में परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को खाने के लिए मिड-डे-मील के तहत भोजन तो मिल रहा है, लेकिन पीने के लिए पानी उन्हें घर से लाना पड़ रहा है। बरसात के आखिरी महीने में हुई भारी बारिश से जल स्तर बढ़ने के चलते हैंडपंप और सबमर्सिबल से गंदा पानी आने से परिषदीय विद्यालयों में शुद्ध पेयजल का संकट गहरा गया है। प्रदूषित पानी के सेवन से बच्चे विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं।
परदहां ब्लॉक क्षेत्र में परदहां ब्लॉक के 69 प्राथमिक तथा 35 उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। शासन की तरफ से परिषदीय विद्यालयों में कायाकल्प योजना के तहत अभियान चलाकर ब्लॉक के सभी परिषदीय विद्यालयों में पेयजल सहित 19 पैरामीटर से संतृप्त कराया जाना था। लेकिन इससे बच्चों की परेशानियां कम नहीं हुई हैं। कई परिषदीय विद्यालयों शुद्ध पेयजल संकट गहरा गया है। इन स्कूलों में या तो पेयजल का कोई साधन नहीं है या फिर हैंडपंप से प्रदूषित पानी आ रहा है। बच्चे इस समस्या से निपटने के लिए बोतल में पानी लेकर पढ़ाई करने पहुंच रहे हैं।
मध्यांतर में भोजन के बाद बोतल का पानी खत्म हो जाता है, जिसके बाद बच्चों का घर जाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। इन हालात में स्कूलों में पठन पाठन पर विपरीत असर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा हालत खराब तो रसोइयों की है, उन्हें खाना बनाने के लिए दूर से पानी लाना पड़ा रहा है। यही हाल प्राइमरी स्कूल खरगजेपुर मे हैंडपंप से गंदा पानी आ रहा हैं जबकि वाटर लेबल अधिक होने से भार, ओहनाइच, पतिला, कंधेरी, हरदसपुर, डुमरांव, इमिलियाडीह, बकवल सहित दो दर्जन से अधिक विद्यालयों में गंदा पानी आ रहा हैं। इस मामले में बीईओ माधवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि पेयजल की समस्या का समाधान अधिकांश विद्यालयों में करा दिया गया है। शीघ्र ही सभी कार्य पूराकर लिया जाएगा।
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परदहां ब्लॉक क्षेत्र में परदहां ब्लॉक के 69 प्राथमिक तथा 35 उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। शासन की तरफ से परिषदीय विद्यालयों में कायाकल्प योजना के तहत अभियान चलाकर ब्लॉक के सभी परिषदीय विद्यालयों में पेयजल सहित 19 पैरामीटर से संतृप्त कराया जाना था। लेकिन इससे बच्चों की परेशानियां कम नहीं हुई हैं। कई परिषदीय विद्यालयों शुद्ध पेयजल संकट गहरा गया है। इन स्कूलों में या तो पेयजल का कोई साधन नहीं है या फिर हैंडपंप से प्रदूषित पानी आ रहा है। बच्चे इस समस्या से निपटने के लिए बोतल में पानी लेकर पढ़ाई करने पहुंच रहे हैं।
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मध्यांतर में भोजन के बाद बोतल का पानी खत्म हो जाता है, जिसके बाद बच्चों का घर जाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। इन हालात में स्कूलों में पठन पाठन पर विपरीत असर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा हालत खराब तो रसोइयों की है, उन्हें खाना बनाने के लिए दूर से पानी लाना पड़ा रहा है। यही हाल प्राइमरी स्कूल खरगजेपुर मे हैंडपंप से गंदा पानी आ रहा हैं जबकि वाटर लेबल अधिक होने से भार, ओहनाइच, पतिला, कंधेरी, हरदसपुर, डुमरांव, इमिलियाडीह, बकवल सहित दो दर्जन से अधिक विद्यालयों में गंदा पानी आ रहा हैं। इस मामले में बीईओ माधवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि पेयजल की समस्या का समाधान अधिकांश विद्यालयों में करा दिया गया है। शीघ्र ही सभी कार्य पूराकर लिया जाएगा।
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