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डा. रचना तिवारी को मिला अंतर्नाद सम्मान
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हिंदी साहित्य में गीत परंपरा को सार्थक गति और नव आयाम देने वाली सोनभद्र की कवयित्री डॉ. रचना तिवारी को शारदा नारायण सभागार में अंतर्नाद सम्मान से अलंकृत किया गया। इस दौरान महाकवि श्याम नारायण पांडेय की पत्नी रामावती पांडेय को 51 सौ रुपये की धनराशि प्रदान करने के साथ रोटरी क्लब द्वारा आजीवन निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा देने की प्रतिबद्धता जताई गई।
रोटरी क्लब और कोशिश संस्था की तरफ से आयोजित कार्यक्रम के प्रथम सत्र में दीप प्रज्जवन, मंगलाचरण और वाणी वंदना के बाद अध्यक्ष जगत नारायण सिंह, मुख्य अतिथि डॉ. संजय सिंह, विशिष्ट अतिथि दयाशंकर तिवारी और पुरुषार्थ सिंह को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। प्रशस्ति पत्र का वाचन भाजपा जिला उपाध्यक्ष संतोष सिंह ने किया। द्वितीय सत्र काव्य निशा में डॉ. रचना तिवारी के गीतों का जादू श्रोताओं के सिर चढ़कर बोला। काशी से आए आचार्य पुरंदर पौराणिक के संचालन में दिव्या पांडेय, नागेंद्र सिंह बागी, रुद्र रामिश, जितेंद्र मिश्र काका, लालबहादुर सिंह, डॉ. शमीम, पंडित दयाशंकर तिवारी, पुरुषार्थ सिंह आदि कवियों की प्रस्तुति पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजित होता रहा। डॉ. संजय सिंह ने कहा कि साहित्य समाज का मार्गदर्शन करता है। उसका संरक्षण और संवर्धन आवश्यक है।
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रोटरी क्लब और कोशिश संस्था की तरफ से आयोजित कार्यक्रम के प्रथम सत्र में दीप प्रज्जवन, मंगलाचरण और वाणी वंदना के बाद अध्यक्ष जगत नारायण सिंह, मुख्य अतिथि डॉ. संजय सिंह, विशिष्ट अतिथि दयाशंकर तिवारी और पुरुषार्थ सिंह को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। प्रशस्ति पत्र का वाचन भाजपा जिला उपाध्यक्ष संतोष सिंह ने किया। द्वितीय सत्र काव्य निशा में डॉ. रचना तिवारी के गीतों का जादू श्रोताओं के सिर चढ़कर बोला। काशी से आए आचार्य पुरंदर पौराणिक के संचालन में दिव्या पांडेय, नागेंद्र सिंह बागी, रुद्र रामिश, जितेंद्र मिश्र काका, लालबहादुर सिंह, डॉ. शमीम, पंडित दयाशंकर तिवारी, पुरुषार्थ सिंह आदि कवियों की प्रस्तुति पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजित होता रहा। डॉ. संजय सिंह ने कहा कि साहित्य समाज का मार्गदर्शन करता है। उसका संरक्षण और संवर्धन आवश्यक है।
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