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केबिन से डाॅक्टर लापता, मरीज परेशान
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Fri, 10 Jun 2016 11:29 PM IST
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परेश्ाान मरीज
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जिला अस्पताल में पटरी से उतरी चिकित्सा व्यवस्था लाख कवायद के बाद भी सुधर नहीं रही। चिकित्सक समय से न तो अस्पताल आते हैं न ही अपने कक्ष में समय से बैठते हैं। बीते नौ जून के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से जिला अस्पताल में व्याप्त दुर्व्यवस्था का मुद्दा उठाया। इसको संज्ञान में लेकर शुक्रवार को एसडीएम जगदंबा सिंह ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। लेकिन स्थिति दो दिन पहले जैसी ही मिली। एसडीएम के निरीक्षण में भी अस्पताल के कई चिकित्सकों के कक्ष खाली मिले।
यह सब देख उपजिलाधिकारी दंग थे, उन्होंने जब इसकी जानकारी सीएमएस से जाननी चाही तो वे भी अस्पताल में उपलब्ध नहीं थे। बाद में पहुंचे सीएमएस ने पूछने पर एसडीएम को बताया कि डाक्टर निरीक्षण पर निकले होंगे, लेकिन उस समय दस से अधिक का समय हो रहा था।
एसडीएम के आने से पूर्व नौ से दस बजे के बीच अमर उजाला की पड़ताल में मिला कि इस समय तक अधिकांश चिकित्सकों का चैम्बर खुला था। लेकिन उसमें डाक्टर नहीं थे। इसमें हड्डी विभाग, दंत विभाग, सर्जन का कक्ष शामिल था। इस संबंध में जानकारी करने के लिए जब 9.40 बजे सीएमएस के चैम्बर पहुंचे तो पता चला कि खुद सीएमएस भी अपने चैम्बर में मौजूद नहीं है। उनकी कुर्सी खाली थी। पूछे जाने पर उनके कर्मचारी ने बताया कि साहब अभी आएं नही हैं। दस बजे के करीब सीएमएस एके पांडेय का पर्दापड़ जिला अस्पताल में हुआ।
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उनके सामने डाक्टरों की ओपीडी खाली पड़ी थी, लेकिन उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा, सामने कैमरा देख सीएमएस हरकत में आ गए। तत्काल स्वंय चिकित्सकों के चैम्बर का निरीक्षण करने लगे। तभी डीएम के निर्देश पर एसडीएम जगदंबा सिंह जिला अस्पताल पहुंचे, उन्होंने ओपीडी का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने सारे चिकित्सकों के चैम्बर की खुद वीडियो रिर्काडिंग कराई। इसके साथ ही उन्होंने चिकित्सकों के उपस्थिति पंजिका को भी देखा। इस संबध में एसडीएम जगदंबा सिंह ने बताया कि इस निरीक्षण की रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रस्तुत करेंगे।
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यह सब देख उपजिलाधिकारी दंग थे, उन्होंने जब इसकी जानकारी सीएमएस से जाननी चाही तो वे भी अस्पताल में उपलब्ध नहीं थे। बाद में पहुंचे सीएमएस ने पूछने पर एसडीएम को बताया कि डाक्टर निरीक्षण पर निकले होंगे, लेकिन उस समय दस से अधिक का समय हो रहा था।
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एसडीएम के आने से पूर्व नौ से दस बजे के बीच अमर उजाला की पड़ताल में मिला कि इस समय तक अधिकांश चिकित्सकों का चैम्बर खुला था। लेकिन उसमें डाक्टर नहीं थे। इसमें हड्डी विभाग, दंत विभाग, सर्जन का कक्ष शामिल था। इस संबंध में जानकारी करने के लिए जब 9.40 बजे सीएमएस के चैम्बर पहुंचे तो पता चला कि खुद सीएमएस भी अपने चैम्बर में मौजूद नहीं है। उनकी कुर्सी खाली थी। पूछे जाने पर उनके कर्मचारी ने बताया कि साहब अभी आएं नही हैं। दस बजे के करीब सीएमएस एके पांडेय का पर्दापड़ जिला अस्पताल में हुआ।
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उनके सामने डाक्टरों की ओपीडी खाली पड़ी थी, लेकिन उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा, सामने कैमरा देख सीएमएस हरकत में आ गए। तत्काल स्वंय चिकित्सकों के चैम्बर का निरीक्षण करने लगे। तभी डीएम के निर्देश पर एसडीएम जगदंबा सिंह जिला अस्पताल पहुंचे, उन्होंने ओपीडी का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने सारे चिकित्सकों के चैम्बर की खुद वीडियो रिर्काडिंग कराई। इसके साथ ही उन्होंने चिकित्सकों के उपस्थिति पंजिका को भी देखा। इस संबध में एसडीएम जगदंबा सिंह ने बताया कि इस निरीक्षण की रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रस्तुत करेंगे।