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डीएम साहब, हमें कब तक मिलेगा फसलों के नुकसान का मुआवजा

Wed, 13 Oct 2021 11:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 13 Oct 2021 11:06 PM IST
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DM sir, till when will we get compensation for the loss of crops
मऊ। जिले के किसानों की समस्याओं के निस्तारण के लिए किसान दिवस का आयोजन न होने से उनमें आक्रोश पनप रहा है। इसके चलते समस्याओं का त्वरित निस्तारण नहीं हो पा रहा है। सरयू में उफान से नदी के तटवर्ती इलाकों तथा भारी बारिश के चलते निचले इलाकों में जलजमाव से हजारों एकड़ फसल नष्ट हो गई है। फसल क्षति का मुआवजा के लिए किसान प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काटने को विवश हैं। परेशान किसानों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।
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जिले में लगभग दो लाख से अधिक किसान हैं। किसानों की सहूलियत के लिए प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को कृषि भवन के सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में किसान दिवस आयोजित होता है। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते काफी समय से किसान आयोजित नहीं हो रहा है। ऐसे में उनके मन में बस यही सवाल उठ रहा कि डीएम साहब, हम किसानों की समस्याएं कब दूर होगी। किसान अपनी समस्याओं के निस्तारित न होने से अनेक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। लेकिन अब स्थिति सामान्य होने के बाद भी कोविड गाइड लाइन के अनुसार समस्त कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। लेकिन माह के तीसरे बुधवार को होने वाला किसान दिवस का आयोजन नहीं किया जा रहा है। इससे किसानों में आक्रोश पनप रहा है।
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किसानों की मानें तो सरयू नदी में आए उफान तथा भारी बारिश के चलते नदी के तटवर्ती इलाकों तथा निचले इलाकों की हजारों एकड़ फसल नष्ट हो गई है। किसानों को अभी तक एक मुआवजा के तौर पर एक पाई का मुआवजा नहीं मिल सका है। ऐसे में किसान दिवस आयोजित न होने से किसानों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों की मानें तो कोरोना संक्रमण के चलते किसान दिवस बंद कर दिया गया है।
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जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते प्रत्येक महीने के तीसरे बुधवार को कृषि भवन के सभागार में आयोजित होने वाला किसान दिवस स्थगित कर दिया गया था। शासन से दिशा निर्देश न मिलने के चलते आयोजन नहीं हो सका है।
कृषि भवन में हो किसान दिवस का हो आयोजन
मऊ। जिले में प्रत्येक महीने के तीसरे बुधवार को कृषि भवन के सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में किसान दिवस आयोजित न होने से किसान आक्रोशित हैं। चेला राम का पुरा निवासी आशीष राय का कहना था कि कोरोना संक्रमण के बाद स्थिति सामान्य होने के बाद भी किसान दिवस का आयोजन नहीं हो पा रहा है। इससे समस्याओं का त्वरित निस्तारण नहीं हो पा रहा है।

सिंहनुआ के जयप्रकाश सिंह का कहना था कि भारी बारिश के चलते जलजमाव से फसल नष्ट हो गई है। लेकिन मुआवजा मिलना तो दूर फसल क्षति का आकलन तक नहीं हो सका है। ऐसे में किसान दिवस का आयोजन किया जाए। कमथरी निवासी रविंद्र राय का कहना था कि किसान दिवस के आयोजन के लिए आला अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा सका है। किसान नेता राकेश सिंह का कहना कि किसानों की समस्याओं के निस्तारण के लिए किसान दिवस का आयोजन किया जाए अन्यथा हम लोग चुप नहीं बैठेंगे।
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