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मधुबन में स्वामित्व योजना की धीमी प्रगति पर नाराज हुए डीएम
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मऊ। जिलाधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में राजस्व कार्यों, आईजीआरएस, जन शिकायतों, लंबित कोर्ट केस और अवमानना वाद की स्थिति के साथ कई बिंदुओं पर समीक्षा बैठक की गई। बैठक में स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा के दौरान तहसील मधुबन में सबसे धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी मधुबन को इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए।
जनपद में गाटों और खसरा की फीडिंग कम होने पर उन्होंने समस्त उपजिलाधिकारी को निर्देश दिया कि इसकी फीडिंग यथाशीघ्र शत-प्रतिशत सुनिश्चित करें। ग्राम न्यायालयों हेतु भूमि चयन के चर्चा के दौरान अभी उनके चिह्नीकरण की प्रक्रिया की बात सामने आई। कार्मिकों के निलंबन एवं उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चर्चा के दौरान तहसील सदर में कई मामलों में अब तक रिपोर्ट आख्या जमा न होने पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर को फटकार लगाते हुए तत्काल कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश दिए। तालाबों पर अवैध अतिक्रमण हटाने के उपरांत भी उनका फिडिंग न होने पर उन्होंने तत्काल फीडिंग करने के निर्देश दिए। लेखपालों के स्थानांतरण को लेकर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि उनके स्थानांतरण ऐसी जगहों पर न करें जहां पूर्व में वह कार्य कर चुके हों। उन्होंने लेखपालों के रेंडमली ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। ऐसे लेखपाल जिनका स्थानांतरण किया जाना है, उनकी सूची तैयार कर तीन बार कंप्यूटर से रेंडमाइजेशन सबके समक्ष करें, ताकि स्थानांतरण में पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने उचित दर विक्रेता की दुकानों की नियुक्ति, गेहूं खरीद, एवं राजस्व न्यायालय के आदेशों के अनुपालन की स्थिति की भी समीक्षा की। पट्टा वितरण की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि इस बात का सर्वे करें कि कितने लोगों ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे किए हैं, उनमें से जितने पात्र हैं उनका विनियमितीकरण कर दें, अपात्र लोगों के खिलाफ तत्काल बेदखली की कार्रवाई करें। जिलाधिकारी ने नए भूमाफिया, शराब एवं ट्रांसपोर्ट माफियाओं का चिन्हीकरण एवं उनके खिलाफ की गई अब तक की कार्रवाईयों के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान जिलाधिकारी ने कोर्ट केस एवं अवमानना वाद, मोटर दुर्घटना क्लेम, आईजीआरएस के तहत शिकायतों के निस्तारण की स्थिति आदि की भी समीक्षा की। इस अवसर पर अपर जिला अधिकारी भानु प्रताप सिंह, नगर मजिस्ट्रेट त्रिभुवन कुमार, उप जिलाधिकारी सदर एवं मधुबन, समस्त तहसीलदार, खाद्य विपणन अधिकारी विपुल सिन्हा, ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजर आशीष मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
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जनपद में गाटों और खसरा की फीडिंग कम होने पर उन्होंने समस्त उपजिलाधिकारी को निर्देश दिया कि इसकी फीडिंग यथाशीघ्र शत-प्रतिशत सुनिश्चित करें। ग्राम न्यायालयों हेतु भूमि चयन के चर्चा के दौरान अभी उनके चिह्नीकरण की प्रक्रिया की बात सामने आई। कार्मिकों के निलंबन एवं उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चर्चा के दौरान तहसील सदर में कई मामलों में अब तक रिपोर्ट आख्या जमा न होने पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर को फटकार लगाते हुए तत्काल कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश दिए। तालाबों पर अवैध अतिक्रमण हटाने के उपरांत भी उनका फिडिंग न होने पर उन्होंने तत्काल फीडिंग करने के निर्देश दिए। लेखपालों के स्थानांतरण को लेकर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि उनके स्थानांतरण ऐसी जगहों पर न करें जहां पूर्व में वह कार्य कर चुके हों। उन्होंने लेखपालों के रेंडमली ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। ऐसे लेखपाल जिनका स्थानांतरण किया जाना है, उनकी सूची तैयार कर तीन बार कंप्यूटर से रेंडमाइजेशन सबके समक्ष करें, ताकि स्थानांतरण में पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने उचित दर विक्रेता की दुकानों की नियुक्ति, गेहूं खरीद, एवं राजस्व न्यायालय के आदेशों के अनुपालन की स्थिति की भी समीक्षा की। पट्टा वितरण की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि इस बात का सर्वे करें कि कितने लोगों ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे किए हैं, उनमें से जितने पात्र हैं उनका विनियमितीकरण कर दें, अपात्र लोगों के खिलाफ तत्काल बेदखली की कार्रवाई करें। जिलाधिकारी ने नए भूमाफिया, शराब एवं ट्रांसपोर्ट माफियाओं का चिन्हीकरण एवं उनके खिलाफ की गई अब तक की कार्रवाईयों के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान जिलाधिकारी ने कोर्ट केस एवं अवमानना वाद, मोटर दुर्घटना क्लेम, आईजीआरएस के तहत शिकायतों के निस्तारण की स्थिति आदि की भी समीक्षा की। इस अवसर पर अपर जिला अधिकारी भानु प्रताप सिंह, नगर मजिस्ट्रेट त्रिभुवन कुमार, उप जिलाधिकारी सदर एवं मधुबन, समस्त तहसीलदार, खाद्य विपणन अधिकारी विपुल सिन्हा, ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजर आशीष मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
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