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शव दफनाने को लेकर दो समुदायों में विवाद
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कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत खानपुर बुजुर्ग गांव में सोमवार की सुबह शव दफनाने को लेकर दो समुदायों के लोग आमने-सामने हो गए। अधिकारियों ने दोनों पक्षों के लोगों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया और मृतक के घर से 400 मीटर दक्षिण उसुरा गांव के पास शव दफनाने पर सहमति बनी।
खानपुर बुजुर्ग गांव निवासी नट बिरादरी के इकबाल खान पुत्र कमाता उर्फ मैनुद्दीन का मुंबई में रविवार की भोर में इंतकाल हो गया। उसके परिवार के लोग गांव के पास स्थित कब्रिस्तान के लिये छुटी भूमि पर लाश को दफनाने की चर्चा करने लगे। जब इसकी भनक पास स्थित दूसरे समुदाय के लोगों को हुई तो वे लोगों के घरों के पास जमीन होने तथा उसमें कभी लाश दफन न होने की बात कहकर विरोध करने लगे। इसके चलते दोनों समुदायों के लोग आमने सामने आ गए। इसकी सूचना पुलिस को हुई तो सीओ नरेश कुमार के साथ कोतवाल नागेश उपाध्याय हमराहियों के साथ मौके पर पहुंच गए। इसके बाद एसडीएम सुरेश कुमार मौर्य भी पहुंच गए। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से वार्ता कर विवाद को सुलझा लिया। प्रधान प्रवीण कुमार राजभर ने बताया कि आपसी रजामंदी से तय हुआ कि आबादी के बीच वह भूमि होने तथा अब तक उसमें किसी की लाश को न दफनाने की बात सामने आने पर मृतक की लाश को उसके घर से चार सौ मीटर दूर उसुरा गांव के दक्षिण सीवान स्थित कब्रिस्तान में दफन किया जाएगा। इसके बाद कब्रिस्तान में लाश को दफन करने की तैयारी की जाने लगी। इकबाल 27 अक्तूबर को ही मुंबई गया था। वह वहीं कार्य करता था। संभावित तनाव के मद्देनजर गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है।
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खानपुर बुजुर्ग गांव निवासी नट बिरादरी के इकबाल खान पुत्र कमाता उर्फ मैनुद्दीन का मुंबई में रविवार की भोर में इंतकाल हो गया। उसके परिवार के लोग गांव के पास स्थित कब्रिस्तान के लिये छुटी भूमि पर लाश को दफनाने की चर्चा करने लगे। जब इसकी भनक पास स्थित दूसरे समुदाय के लोगों को हुई तो वे लोगों के घरों के पास जमीन होने तथा उसमें कभी लाश दफन न होने की बात कहकर विरोध करने लगे। इसके चलते दोनों समुदायों के लोग आमने सामने आ गए। इसकी सूचना पुलिस को हुई तो सीओ नरेश कुमार के साथ कोतवाल नागेश उपाध्याय हमराहियों के साथ मौके पर पहुंच गए। इसके बाद एसडीएम सुरेश कुमार मौर्य भी पहुंच गए। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से वार्ता कर विवाद को सुलझा लिया। प्रधान प्रवीण कुमार राजभर ने बताया कि आपसी रजामंदी से तय हुआ कि आबादी के बीच वह भूमि होने तथा अब तक उसमें किसी की लाश को न दफनाने की बात सामने आने पर मृतक की लाश को उसके घर से चार सौ मीटर दूर उसुरा गांव के दक्षिण सीवान स्थित कब्रिस्तान में दफन किया जाएगा। इसके बाद कब्रिस्तान में लाश को दफन करने की तैयारी की जाने लगी। इकबाल 27 अक्तूबर को ही मुंबई गया था। वह वहीं कार्य करता था। संभावित तनाव के मद्देनजर गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है।
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