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Mau News: ठेले पर डिजिटल इंडिया से चला रहे परिवार की आजीविका
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डिजिटल इंडिया की चर्चा आते ही मन में बड़ी बिल्डिंग, अच्छी दुकानें और कॉरपोरेट ऑफिस की चमक-धमक की कल्पना नजर आती है, लेकिन क्या आपने कभी ठेले पर डिजिटल इंडिया को देखा है। मऊ जिले के कलेक्ट्रेट-तहसील और अन्य स्थानों पर युवा ठेले पर डिजिटल इंडिया से कमा कर परिवार की आजीविका चला रहे हैं।
यहां पर ठेले पर कई दुकानें लगती हैं, जहां कम्प्यूटर पर ऑनलाइन कार्य होता है। कलेक्ट्रेट-तहसील सहित अन्य स्थानों पर पूर्व के दिनों में जीविकोपार्जन के लिए कई युवा गुमटी में कम्प्यूटर पर ऑनलाइन फार्म, खतौनी, रजिस्ट्री संबंध कार्य, जनसेवा केंद्र और अन्य कार्याें को करते थे। लेकिन अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान उनकी गुमटी को हटा दिया गया। जिसके बाद उनपर रोजगार का संकट आ गया, लेकिन इन लोगों ने हार नहीं मानी। ठेले को ही अपनी दुकान बना ली। आज सभी अपने कार्य की बदौलत अपने परिवार का अच्छा पालन पोषण कर रहे हैं। ठेले पर दुकान लगाने वाले बबलू कुमार राजभर और धीरज कौशिक ने बताया कि गुमटी हटने के बाद परिवार पर संकट आ गया। ठेले पर कम्प्यूटर रखकर काम करने की बात पर कई बार विचार किया, लेकिन काम करना शुरू किया गया। आज देखते देखते 40 से अधिक लोग ठेले पर ही कम्प्यूटर से संबधित ऑनलाइन कार्य कर रहे हैं। वहीं दुकान लगाने वाले टुनटुन राम और विरजू राम ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के स्वरोजगार वाली बात से काफी साहस मिला। आज हम 400 से 600 रुपये रोजाना कमा लेते हैं।
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यहां पर ठेले पर कई दुकानें लगती हैं, जहां कम्प्यूटर पर ऑनलाइन कार्य होता है। कलेक्ट्रेट-तहसील सहित अन्य स्थानों पर पूर्व के दिनों में जीविकोपार्जन के लिए कई युवा गुमटी में कम्प्यूटर पर ऑनलाइन फार्म, खतौनी, रजिस्ट्री संबंध कार्य, जनसेवा केंद्र और अन्य कार्याें को करते थे। लेकिन अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान उनकी गुमटी को हटा दिया गया। जिसके बाद उनपर रोजगार का संकट आ गया, लेकिन इन लोगों ने हार नहीं मानी। ठेले को ही अपनी दुकान बना ली। आज सभी अपने कार्य की बदौलत अपने परिवार का अच्छा पालन पोषण कर रहे हैं। ठेले पर दुकान लगाने वाले बबलू कुमार राजभर और धीरज कौशिक ने बताया कि गुमटी हटने के बाद परिवार पर संकट आ गया। ठेले पर कम्प्यूटर रखकर काम करने की बात पर कई बार विचार किया, लेकिन काम करना शुरू किया गया। आज देखते देखते 40 से अधिक लोग ठेले पर ही कम्प्यूटर से संबधित ऑनलाइन कार्य कर रहे हैं। वहीं दुकान लगाने वाले टुनटुन राम और विरजू राम ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के स्वरोजगार वाली बात से काफी साहस मिला। आज हम 400 से 600 रुपये रोजाना कमा लेते हैं।
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