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भक्तों ने महागौरी की पूजा की, रखा अष्टमी का व्रत
mau
Updated Wed, 17 Oct 2018 10:59 PM IST
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शारदीय नवरात्र के महाअष्टमी पर नगर के शीतला धाम पर दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालु।
- फोटो : mau
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नवरात्र की अष्टमी को दुर्गा मंदिरों में मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की आराधना की गई। नगर सहित जिले के प्रमुख देवी मंदिरों में तड़के से ही मां का पूजन अर्चन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ लगी रही। महा अष्टमी के अवसर पर नौ दिन का व्रत रखने के अलावा वो श्रद्धालु भी व्रत रखे थे जो प्रथमा और अष्टमी पर व्रत रखते है।
नवरात्र की अष्टमी के दिन देवी महागौरी की पूजा हुई। महीगौरी को सृष्टि का आधार भी कहा जाता है। नगर के शीतला माता मंदिर, आजमगढ़ मोड़ स्थित मां सिद्धेश्वरी मंदिर, वनदेवी धाम, निधियांव गांव का अष्टभुजी मंदिर, मांदी सिपाह स्थित मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों मेें श्रद्घालुओं की लंबी लाइन लगी रही। उन्होंने नारियल, चुनरी के साथ महागौरी का पूजन अर्चन किया। उधर नगर में बने दुर्गा पंडालों को देखने और मां के दर्शन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से भारी संख्या में लोगों के आने से देर शाम तक मेला जैसा दृश्य रहा। दोहरीघाट संवाददाता के अनुसार देवी मंदिरों तथा पूजा पंडालों में दर्शनार्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दुर्गा पंडालो शंख ध्वनि के बीच घंटे और घड़ियालों की मधुर स्वर से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। वहीं घरों में महिलाओं ने रात में कलश स्थापित कर मंत्रोच्चार के बीच मां दुर्गा की पूजा की।
घोसी संवाददाता के मुताबिक नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों के साथ दुर्गापंडालों में सुबह से ही भक्तों कीभारी भीड़ रही। घोसी नगर के पकड़ी रोड स्थित मां शारदा मंदिर में महिलाओ की संख्या अधिक रही। यही हाल नगर के बड़ागांव चौक स्थित श्रीराम जानकी मंदिर के साथ मझवारा मोड़ स्थित मां काली मंदिर पर रहा।पकड़ी गांव में नैन माई,सोमरीडीह स्थित दुर्गा मंदिर,मधुबन मोड़,बड़ागांव मल्लाह टोला में स्थापित दुर्गा प्रतिमा पंडाल के साथ मझवारा मोड़, बड़ागांव भरटोला,कस्बा बाजार सहित तिलई गांव,पकड़ी,बलुआपोखरा पर स्थापित दुर्गापंडालो में देर शाम तक लोग पूजन अर्चन करते रहे।
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नवरात्र की अष्टमी के दिन देवी महागौरी की पूजा हुई। महीगौरी को सृष्टि का आधार भी कहा जाता है। नगर के शीतला माता मंदिर, आजमगढ़ मोड़ स्थित मां सिद्धेश्वरी मंदिर, वनदेवी धाम, निधियांव गांव का अष्टभुजी मंदिर, मांदी सिपाह स्थित मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों मेें श्रद्घालुओं की लंबी लाइन लगी रही। उन्होंने नारियल, चुनरी के साथ महागौरी का पूजन अर्चन किया। उधर नगर में बने दुर्गा पंडालों को देखने और मां के दर्शन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से भारी संख्या में लोगों के आने से देर शाम तक मेला जैसा दृश्य रहा। दोहरीघाट संवाददाता के अनुसार देवी मंदिरों तथा पूजा पंडालों में दर्शनार्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दुर्गा पंडालो शंख ध्वनि के बीच घंटे और घड़ियालों की मधुर स्वर से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। वहीं घरों में महिलाओं ने रात में कलश स्थापित कर मंत्रोच्चार के बीच मां दुर्गा की पूजा की।
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घोसी संवाददाता के मुताबिक नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों के साथ दुर्गापंडालों में सुबह से ही भक्तों कीभारी भीड़ रही। घोसी नगर के पकड़ी रोड स्थित मां शारदा मंदिर में महिलाओ की संख्या अधिक रही। यही हाल नगर के बड़ागांव चौक स्थित श्रीराम जानकी मंदिर के साथ मझवारा मोड़ स्थित मां काली मंदिर पर रहा।पकड़ी गांव में नैन माई,सोमरीडीह स्थित दुर्गा मंदिर,मधुबन मोड़,बड़ागांव मल्लाह टोला में स्थापित दुर्गा प्रतिमा पंडाल के साथ मझवारा मोड़, बड़ागांव भरटोला,कस्बा बाजार सहित तिलई गांव,पकड़ी,बलुआपोखरा पर स्थापित दुर्गापंडालो में देर शाम तक लोग पूजन अर्चन करते रहे।
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