{"_id":"596fb7394f1c1b682f8b45d1","slug":"deputy-district-collector-ghosi-tp-verma-addressing-the-meeting","type":"story","status":"publish","title_hn":"नदी का जलस्तर स्थिर, खतरा बरकरार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नदी का जलस्तर स्थिर, खतरा बरकरार
mau news
Updated Thu, 20 Jul 2017 01:17 AM IST
विज्ञापन
नदी पानी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोहरीघाट। घाघरा का जल स्तर स्थिर रहने के बाद भी कस्बा सहित तटवर्ती इलाके के लोगों को नदी के तबाही मचाने की चिंता सताने लगी है। घाघरा की लहरे मुक्तिधाम पर स्थित भारतमाता मंदिर तथा शवदाह घाट पर टक्कर मार रही है। नदी के रुख से ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
कई दिनों से नदी में घटाव दर्ज किया जा रहा था। लेकिन बुधवार को नदी का जलस्तर स्थिर रहा। नदी का जल स्थिर रहने के बाद भी शवदाह घाट कटान की जद में आने से कस्बावासियों की नींद उड़ गई है। नदी के उग्र होने से नगर की ऐतिहासिक धरोहरें दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला व मुक्तिधाम के विलीन होने का खतरा बढ़ गया है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो बुधवार को नदी 69.44 मीटर रहा। मंगलवार को भी नदी का जलस्तर 69.44 मीटर रहा। गौरीशंकरघाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर आंका गया है।घाघरा के स्थिर रहने के बावजूद खतरा बरकरार है।शवदाह घाट को बचाने के लिए कवायद सिर्फ खानापूर्ति साबित हो रही है। विभागीय लापरवाही से शवदाह घाट का एक पिलर बह गया था। कटान पीड़ितों की तरफ से धनौली पिछले वर्ष 960 मी की पिचिंग धनौली रामपुर के बंधे के सामने से लेकर मुक्तिधाम से 150 मी उससे आगे शवदाह घाट से लेकर खाकी बाबा की कुटी तक पिचिंग कराए जाने की मांगी की जा रही थी, लेकिन मामले को लटका दिया गया। अब हालत यह है कि मुक्तिधाम पर ही संकट गहराने लगा है।
विज्ञापन
कई दिनों से नदी में घटाव दर्ज किया जा रहा था। लेकिन बुधवार को नदी का जलस्तर स्थिर रहा। नदी का जल स्थिर रहने के बाद भी शवदाह घाट कटान की जद में आने से कस्बावासियों की नींद उड़ गई है। नदी के उग्र होने से नगर की ऐतिहासिक धरोहरें दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला व मुक्तिधाम के विलीन होने का खतरा बढ़ गया है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो बुधवार को नदी 69.44 मीटर रहा। मंगलवार को भी नदी का जलस्तर 69.44 मीटर रहा। गौरीशंकरघाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर आंका गया है।घाघरा के स्थिर रहने के बावजूद खतरा बरकरार है।शवदाह घाट को बचाने के लिए कवायद सिर्फ खानापूर्ति साबित हो रही है। विभागीय लापरवाही से शवदाह घाट का एक पिलर बह गया था। कटान पीड़ितों की तरफ से धनौली पिछले वर्ष 960 मी की पिचिंग धनौली रामपुर के बंधे के सामने से लेकर मुक्तिधाम से 150 मी उससे आगे शवदाह घाट से लेकर खाकी बाबा की कुटी तक पिचिंग कराए जाने की मांगी की जा रही थी, लेकिन मामले को लटका दिया गया। अब हालत यह है कि मुक्तिधाम पर ही संकट गहराने लगा है।
विज्ञापन