{"_id":"5863f6b44f1c1b741aeeccc4","slug":"dense-fog-in-mau","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोहरे की आगोश में जनजीवन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोहरे की आगोश में जनजीवन
ब्यूरो/अमर उजाला,मऊ
Updated Wed, 28 Dec 2016 11:00 PM IST
विज्ञापन
गुरुवार की सुबह कोहरे और ठंड के बीच नगर क्षेत्र के नरईबांध के पास नेशनल हाइवे के पास से लाइट जलाकर गुजरते वाहन।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहरवासी बुधवार को कोहरे की आगोश में रहे। हालांकि दिन में हल्की धूप निकली लेकिन ठंड के आगे वह बेअसर ही साबित हुई। शाम होते-होते शीतलहर ने लोगों को कंपकपा कर रख दिया। बाजारों में जल्द ही सन्नाटा छा गया तो लोग घरों में जा दुबके। वहीं कई स्थानों पर लोग ठंड और कोहरे से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते दिखे। लेकिन जिला प्रशासन की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था अभी तक कागजों तक की सिमट कर रह गई है।
बुधवार का दिन शहरवासियों के लिए ठिठुरने वाला दिन रहा। बुधवार की सुबह आठ बजे तक घना कोहरा छाया रहा। इस बीच आम जनजीवन पर मौसम के बदलाव का व्यापक असर नजर आया। लोग अपने घरों से देर से निकले। सुबह छह बजे तक प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। इक्का दुक्का वाहन ही चलते नजर आ रहे थे। मध्याह्न 12 बजे हल्की धूप निकली। लेकिन उसने भी कोई खास राहत नहीं दी। शाम होते-होते शीतलहरी और कोहरे एक बार फिर अपने पैर पसार दिए और लोग ठिठुर उठे। इसके बाद भी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने का काम कागज पर ही चल रहा है।
कोहरे के चलते रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित होने से महानगरों कीे ओर जाने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ट्रेनों के विलंब से चलने की वजह से प्लेटफार्म पर प्रतीक्षारत यात्रियों के लिए एक-एक पल बिताना भारी पड़ रहा है। घना कोहरा होने से बसों और ट्रेनों की गति धीमी होने से लोग निर्धारित समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार का दिन शहरवासियों के लिए ठिठुरने वाला दिन रहा। बुधवार की सुबह आठ बजे तक घना कोहरा छाया रहा। इस बीच आम जनजीवन पर मौसम के बदलाव का व्यापक असर नजर आया। लोग अपने घरों से देर से निकले। सुबह छह बजे तक प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। इक्का दुक्का वाहन ही चलते नजर आ रहे थे। मध्याह्न 12 बजे हल्की धूप निकली। लेकिन उसने भी कोई खास राहत नहीं दी। शाम होते-होते शीतलहरी और कोहरे एक बार फिर अपने पैर पसार दिए और लोग ठिठुर उठे। इसके बाद भी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने का काम कागज पर ही चल रहा है।
विज्ञापन
कोहरे के चलते रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित होने से महानगरों कीे ओर जाने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ट्रेनों के विलंब से चलने की वजह से प्लेटफार्म पर प्रतीक्षारत यात्रियों के लिए एक-एक पल बिताना भारी पड़ रहा है। घना कोहरा होने से बसों और ट्रेनों की गति धीमी होने से लोग निर्धारित समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।
विज्ञापन