मुख्तार अंसारी के कई प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई, जेल में मिलेगी सुविधा या नहीं, कोर्ट ने फैसले की तय की तारीख
बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी को जेल में सुविधा दिए जाने, दक्षिण टोला थाने में दर्ज गैंगस्टर के मामले को एमपी/एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित करने और मेडिकल बोर्ड का गठन कर उनके स्वास्थ्य की जांच कराए जाने की मांग के प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई हुई।
विस्तार
मऊ जिले के सदर विधायक मुख्तार अंसारी के कई प्रार्थना पत्रों पर गुरुवार को विशेष न्यायधीश गैंगेस्टर कोर्ट के पीठासीन अधिकारी रामअवतार ने गुरुवार को सुनवाई की। इन पत्रों में मुख्तार अंसारी को जेल में सुविधा दिए जाने, दक्षिण टोला थाने में दर्ज गैंगस्टर के मामले को एमपी/एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित करने और मेडिकल बोर्ड का गठन कर उनके स्वास्थ्य की जांच कराए जाने की मांग शामिल है।
विशेष न्यायाधीश ने चारों प्रार्थना पत्रों पर मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह और विशेष लोक अभियोजक के तर्कों को सुना। इसके बाद मेडिकल बोर्ड का गठन कर जांच कराए जाने और जेल में भोजन-टीवी उपलब्ध कराए जाने के कुल दो मामले में निर्णय के लिए 25 जून की तिथि नियत की है।
वहीं, गैंगस्टर एक्ट का मामला एमपी/एमएलए कोर्ट मे स्थानांतरित किए जाने के मामले मे थाना दक्षिण टोला से प्रगति आख्या तलब करते हुए सुनवाई के लिए 24 जून की तिथि नियत की। साथ ही मुख्तार को जेल में उच्च श्रेणी की सुविधा उपलब्ध कराने के मामले में कोर्ट ने जेल अधीक्षक बांदा से आख्या तलब कर सुनवाई के लिए 23 जून की तिथि नियत की है।
दक्षिण टोला थाना क्षेत्र में दर्ज गैंगस्टर के मामले में आरोपी मुख्तार अंसारी इस समय बांदा जेल में बंद है। मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह ने विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है। प्रार्थना पत्र में उन्होंने उल्लेख किया है कि मुख्तार अंसारी न्यायिक अभिरक्षा में बांदा जेल में बंद है। जेल मैनुअल के अनुसार जेल में निरुद्ध बंदियों की श्रेणी का निर्धारण करते समय विचार किए जाने के लिए जिन आधारों को मानदंड बनाया जाता है। उसके अनुसार मुख्तार अंसारी पूर्ण रूप से उच्च श्रेणी के बंदी की सुविधा प्राप्त करने के हकदार हैं। क्योंकि मुख्तार अंसारी विचाराधीन बंदी हैं। सीनियर सिटीजन और ग्रेजुएट भी हैं, साथ ही आयकर दाता हैं। इसके साथ ही पिछले 25 वर्षों से उत्तर प्रदेश विधानसभा के निर्वाचित सदस्य की हैसियत से लाखों जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
ऐसे में जेल मैनुअल के अनुसार मुख्तार अंसारी को उच्च श्रेणी का बंदी घोषित करते हुए जेल अधीक्षक बांदा को निर्देशित किया जाए कि मुख्तार अंसारी को उच्चतर श्रेणी की सुविधा प्रदान करें। इसके अलावा मेडिकल बोर्ड का गठन कर उनके स्वास्थ्य की जांच कराई जाए और उन्हें जेल मे टीवी उपलब्ध कराई जाए। इस पर जेल से आख्या मांगी गई थी। लेकिन बादा जेल से आख्या नहीं आ सकी थी। इसके अलावा विशेष लोक अभियोजन ने प्रार्थना पत्र देकर गैंगस्टर एक्ट का मामला एमपी/एमएलए कोर्ट मे स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है।