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Mau News: मऊ के लिए विशेष गंगा में डूबे एमएनएनआईटी के एक छात्र का शव मिला
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शिवकुटी में गंगा में डूबे मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के दो छात्रों में से विकास मौर्य (22) का शव घटनास्थल से करीब दो किमी दूर नदी में उतराता मिला। परिजन शव लेकर मऊ स्थित पैतृक गांव के लिए रवाना हो गए। उधर गंगा में डूबे दूसरे छात्र दीपेंद्र सिंह (21) की तलाश जारी है। विकास मूल रूप से मऊ जनपद के भिखारीपुर का रहने वाला था। वह बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था और एमएनएनआईटी के टैगोर हॉस्टल स्थित कमरा नंबर 108 में रहता था। शुक्रवार सुबह शिवकुटी पुलिस ने एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल) और जल पुलिस के साथ एक बार फिर दोनों छात्रों की तलाश शुरू की। करीब चार घंटे बाद दोपहर 12 बजे के आसपास विकास का शव पानी में उतराता मिला। भाई सूरज ने शिनाख्त की। इसके बाद शव मोर्चरी भेज दिया गया।
कुछ देर बाद पिता विनोद मौर्य व अन्य परिजन भी पहुंच गए। शाम को पोस्टमार्टम के बाद घरवाले शव लेकर मऊ के लिए रवाना हो गए। उधर दूसरे छात्र दीपेंद्र की तलाश चलती रही लेकिन देर शाम तक उसका कुछ पता नहीं चला। संगम में भी जल पुलिस के जवानाें ने जाल डालकर तलाश की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। शिवकुटी थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि एक छात्र का शव मिला है। दूसरे की तलाश की जा रही है।
घरवाले बोले, तैरना जानता था विकास
मोर्चरी पहुंचे परिजन गमगीन रहे। चचेरे भाई अर्जुन ने बताया कि विकास अच्छी तरह से तैरना जानता था। गांव में उसके घर के पास ही नदी है। जहां वह अक्सर तैराकी करता था। उन लोगों ने कहा कि हो सकता है कि साथी को बचाने के चक्कर में वह गहराई में जाकर डूब गया हो। विकास तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था।
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कंप्यूटर साइंस की कर रहा था पढ़ाई
गंगा में डूबने से मृत विकास कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहा था। राजस्थान के अलवर (ताज पल्टन गेट, रेमंड नगर) निवासी दीपेंद्र भी कंप्यूटर साइंस का ही छात्र है। वह टंडन हॉस्टल के कमरा नंबर 217 में रहता है। दोनों के साथ उनके तीन साथी भूपेंद्र, वरुण और यश भी गंगा स्नान के लिए गए थे। इस दौरान तीनों दोस्त नहाने के बाद बाहर निकल आए जबकि इसी दौरान विकास व दीपेंद्र डूब गए।
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कुछ देर बाद पिता विनोद मौर्य व अन्य परिजन भी पहुंच गए। शाम को पोस्टमार्टम के बाद घरवाले शव लेकर मऊ के लिए रवाना हो गए। उधर दूसरे छात्र दीपेंद्र की तलाश चलती रही लेकिन देर शाम तक उसका कुछ पता नहीं चला। संगम में भी जल पुलिस के जवानाें ने जाल डालकर तलाश की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। शिवकुटी थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि एक छात्र का शव मिला है। दूसरे की तलाश की जा रही है।
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घरवाले बोले, तैरना जानता था विकास
मोर्चरी पहुंचे परिजन गमगीन रहे। चचेरे भाई अर्जुन ने बताया कि विकास अच्छी तरह से तैरना जानता था। गांव में उसके घर के पास ही नदी है। जहां वह अक्सर तैराकी करता था। उन लोगों ने कहा कि हो सकता है कि साथी को बचाने के चक्कर में वह गहराई में जाकर डूब गया हो। विकास तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था।
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कंप्यूटर साइंस की कर रहा था पढ़ाई
गंगा में डूबने से मृत विकास कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहा था। राजस्थान के अलवर (ताज पल्टन गेट, रेमंड नगर) निवासी दीपेंद्र भी कंप्यूटर साइंस का ही छात्र है। वह टंडन हॉस्टल के कमरा नंबर 217 में रहता है। दोनों के साथ उनके तीन साथी भूपेंद्र, वरुण और यश भी गंगा स्नान के लिए गए थे। इस दौरान तीनों दोस्त नहाने के बाद बाहर निकल आए जबकि इसी दौरान विकास व दीपेंद्र डूब गए।