Cyber Crime: एपीके फाइल अपलोड कराकर खाते से उड़ाए थे आठ लाख रुपये, शातिर अरेस्ट; अनपढ़ को झांसे में लेता था
एपीके फाइल अपलोड करवाकर अनपढ़ लोगों से साइबर फ्राॅड करने वाले शातिर को मऊ जिले की साइबर सेल पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली में पीड़ित ने आठ लाख रुपये से जुड़े मामले में रिपोर्ट दर्ज कराया था।
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UP Crime News: मऊ जिले की साइबर सेल की टीम को बड़ी सफलता मिली है, पुलिस ने एपीके फाइल के माध्यम से साइबर क्राइम करने के एक मास्टर मांइड आरोपी को पकड़ने में सफल रही है। यह कार्रवाई पुलिस ने मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के भांटीकला निवासी पीड़ित की तहरीर पर की।
पीड़ित ने एपीके फाइल अपलोड होते ही उसके खाते से आठ लाख की राशि गायब होने पर इसको लेकर मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस को मिली इस सफलता की जानकारी शुक्रवार को सीओ सिटी अंजनी कुमार पांडेय ने प्रेसवार्ता कर दी।
बताया कि पीड़ित ने बताया कि उन्हें किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा यूबीआई बैंक के केवाईसी अपडेट करने के नाम पर वाट्सएप पर एपीके फाईल भेजी गई थी। जागरूकता के अभाव में जैसे ही इस फाइल को पीड़ित ने फोन में खोला तो उसके खाते से आठ लाख 5000 रुपये की धोखाधड़ी हो गई।
पुलिस ने की कार्रवाई
सीओ सिटी ने बताया कि साइबर सेल की टीम इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी थी। जहां इस दौरान उन्होंने अपनी जांच के दौरान प्रतापगढ़ जिले के रानीगंत थाना क्षेत्र के डिधवल निवासी प्रमोद कुमार को हिरासत में लेने की कार्रवाई की।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह साइबर क्राइम में शामिल है। उसके लिए वह खाते खुलवाने का काम करता है। बताया कि उसके द्वारा पहले ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाता है जो कि कम-पढ़ा लिखा और जागरूक न हो। उसके बाद उसे मदद का झांसा देकर अलग-अलग बैंकों में उनके बैंक खाते खुलवाता था। जिनका प्रयोग धोखाधड़ी कर धनराशि डलवाने में करता था।
बताया कि वह ऐसे लोगों का एटीएम अपने पास रखता था, जिसके बाद धोखाधड़ी से आई राशि को वह निकाल लेता था। आरोपी को गिरफ्तार करने वाले में साइबर प्रभारी आकाश सिंह, मुख्य आरक्षी शैलेंद्र कुमार कनौजिया, शशीकांतमणी त्रिपाठी, अर्वेंद्र प्रताप मिश्रा, अनुप यादव, प्रभात कुशवाह, शरद मिश्रा शामिल थे।