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गोरखपुर एसटीएफ के हत्थ चढ़ें आरोपियों में विशाल रहा है छात्र संघ का नेता
Updated Wed, 25 Jul 2018 10:24 PM IST
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नौकरी दिलाने का झांसा देने के मामले में गोरखपुर एसटीएफ के हत्थे चढ़े मऊ जिले के हलधरपुर थाना क्षेत्र के निवसी दो दलित युवकों में विशाल कुमार नगर के प्रतिष्ठीत कालेज डीसीएसके से वर्ष 2016-17 में महामंत्री रह चुका है। इसके बाद से विशाल कुमार नेतागिरी करना जारी रखा था। इसीक्रम में पकड़ा गया दयानिधि नौकरी करने के नाम पर बाहर रहता था।
एसटीफ गोरखपुर ने हलधरपुर थाने के जगदीपुर गांव निवासी विशाल कुमार पुत्र छट्ठू प्रसाद को तथा इसहाकपुर मुस्तफाबाद निवासी दयानिधि पुत्र रामअवध को दबोचा। आरोप है कि दोनों सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से वसूली किए थे। इसबीच शिकायत मिलने पर एसटीएफ गोरखपुर ने दोनों को दबोचा। इसहाकपुर मुस्तफाबाद गांव निवासी दयानिधि के पिता खेती बारी करते है। तीन भाईयों में बड़ा दयानिधि नौकरी करने के नाम पर बाहर ही रहता था। घर पर उसकी माता पिता के साथ दो छोटे भाई है। इसीक्रम में विशाल कुमार अपने माता पिता की इकलौती संतान है। गांव के लोगों की मानें तो विशाल शुरू से ही बहुत महत्वाकांक्षी रहा। इसके चलते वह वर्ष 2016-17 में डीसीएसके महाविद्यालय से छात्रसंघ के लिए महामंत्री चुना गया। विशाल के सिर से नेतागिरी का भूत नहीं उतरा था। इसके चलते वह इधर उधर घुमता था। दोनों के पकड़े जाने पर एएसपी एसके श्रीवास्तव से संपर्क कर उनके बारे में जानकारी हासिल की गई। इस दौरान एएसपी ने बताया कि दोनों के विरूद्घ स्थानीय थाने में कोई रिपोर्ट आदि नहीं दर्ज है। नाही इससे पूर्व उनके बारे में कोई शिकायत मिली थी। दोनों युवकों के पकड़े जाने की जानकारी होने पर क्षेत्र के लोग अवाक थे।
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एसटीफ गोरखपुर ने हलधरपुर थाने के जगदीपुर गांव निवासी विशाल कुमार पुत्र छट्ठू प्रसाद को तथा इसहाकपुर मुस्तफाबाद निवासी दयानिधि पुत्र रामअवध को दबोचा। आरोप है कि दोनों सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से वसूली किए थे। इसबीच शिकायत मिलने पर एसटीएफ गोरखपुर ने दोनों को दबोचा। इसहाकपुर मुस्तफाबाद गांव निवासी दयानिधि के पिता खेती बारी करते है। तीन भाईयों में बड़ा दयानिधि नौकरी करने के नाम पर बाहर ही रहता था। घर पर उसकी माता पिता के साथ दो छोटे भाई है। इसीक्रम में विशाल कुमार अपने माता पिता की इकलौती संतान है। गांव के लोगों की मानें तो विशाल शुरू से ही बहुत महत्वाकांक्षी रहा। इसके चलते वह वर्ष 2016-17 में डीसीएसके महाविद्यालय से छात्रसंघ के लिए महामंत्री चुना गया। विशाल के सिर से नेतागिरी का भूत नहीं उतरा था। इसके चलते वह इधर उधर घुमता था। दोनों के पकड़े जाने पर एएसपी एसके श्रीवास्तव से संपर्क कर उनके बारे में जानकारी हासिल की गई। इस दौरान एएसपी ने बताया कि दोनों के विरूद्घ स्थानीय थाने में कोई रिपोर्ट आदि नहीं दर्ज है। नाही इससे पूर्व उनके बारे में कोई शिकायत मिली थी। दोनों युवकों के पकड़े जाने की जानकारी होने पर क्षेत्र के लोग अवाक थे।
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