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रिपोर्ट तो दर्ज, पर पुलिस और बैंक के पाट में पीस रही कार्रवाई
Updated Fri, 17 Aug 2018 10:56 PM IST
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एटीएम कार्ड बदलकर खाते से रुपया निकाले जाने की घटना की रिपोर्ट तो पुलिस ने दर्ज तो कर ली, लेकिन घटना के माह से अधिक समय बीतने के बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। इस दौरान पुलिस पीड़ित को डाटा लाने के लिए बैंक भेज रही है, तो दूसरी तरफ बैंक पुलिस के आने पर ही डाटा देने की बात कह रही। पुलिस और बैंक के बीच पाट में फंसा पीड़ित पिस रहा है।
सरायलखंसी थाना क्षेत्र के जयसिंहपुर गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह एक ठेकेदार के यहां काम करते है। बीते दिनों 28 जून को वो अपने परिवार के लिए खाते में रुपया भेजे। इस दौरान धर्मेंद्र का पुत्र विवेक सिंह रुपया निकालने के लिए भीटी स्थित एटीएम पर गया। एटीएम पर मौजूद दो युवकों ने बच्चे को बताया कि रुपया खत्म हो गया है। चाहो तो धनराशि चेक कर सकते हो। बच्चे दोनों के झांसे में आकर अपना एटीएम कार्ड उन्हे सौंप दिए। इस दौरान दोनों ने एटीएम का कोड बच्चे से पूछा, खाता चेक करने के बाद उसे बदल कर एटीएम कार्ड वापस कर दिए। साथ ही शाम सात बजे से सुबह के नौ बजे के बीच आरोपियों ने धर्मेंद्र के खाते से पचास हजार रुपये निकाल लिये। इस बात की जानकारी होने पर धर्मेंद्र लखनऊ से चलकर मऊ पहुंचे। साथ ही शाखा प्रबंधक के साथ पुलिस से शिकायत दर्ज कराए। कोतवाली पुलिस ने छह जुलाई को मामले की रिपोर्ट दर्ज की। पीड़ित की माने तो तब से आजतक पुलिस कोई कार्रवाई नहीं की। संपर्क करने पर पुलिस बोलती है, बैंक से डिटेल लेकर आओ, जबकि शाखा प्रबंधक का कहना है कि वो डाटा तभी देेंगे जब पुलिस आकर उनसे मांगेगी। पीड़ित के अनुसार वह कई बार उच्चाधिकारियों को भी पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग कर चुका है। लेकिन सुनवाई कही नहीं हो रही है।
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सरायलखंसी थाना क्षेत्र के जयसिंहपुर गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह एक ठेकेदार के यहां काम करते है। बीते दिनों 28 जून को वो अपने परिवार के लिए खाते में रुपया भेजे। इस दौरान धर्मेंद्र का पुत्र विवेक सिंह रुपया निकालने के लिए भीटी स्थित एटीएम पर गया। एटीएम पर मौजूद दो युवकों ने बच्चे को बताया कि रुपया खत्म हो गया है। चाहो तो धनराशि चेक कर सकते हो। बच्चे दोनों के झांसे में आकर अपना एटीएम कार्ड उन्हे सौंप दिए। इस दौरान दोनों ने एटीएम का कोड बच्चे से पूछा, खाता चेक करने के बाद उसे बदल कर एटीएम कार्ड वापस कर दिए। साथ ही शाम सात बजे से सुबह के नौ बजे के बीच आरोपियों ने धर्मेंद्र के खाते से पचास हजार रुपये निकाल लिये। इस बात की जानकारी होने पर धर्मेंद्र लखनऊ से चलकर मऊ पहुंचे। साथ ही शाखा प्रबंधक के साथ पुलिस से शिकायत दर्ज कराए। कोतवाली पुलिस ने छह जुलाई को मामले की रिपोर्ट दर्ज की। पीड़ित की माने तो तब से आजतक पुलिस कोई कार्रवाई नहीं की। संपर्क करने पर पुलिस बोलती है, बैंक से डिटेल लेकर आओ, जबकि शाखा प्रबंधक का कहना है कि वो डाटा तभी देेंगे जब पुलिस आकर उनसे मांगेगी। पीड़ित के अनुसार वह कई बार उच्चाधिकारियों को भी पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग कर चुका है। लेकिन सुनवाई कही नहीं हो रही है।
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