{"_id":"5bf83ccbbdec224163421bac","slug":"201542995147-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्थानांतरित हुआ धन पर नहीं पहुंचा खाते में","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
स्थानांतरित हुआ धन पर नहीं पहुंचा खाते में
Updated Fri, 23 Nov 2018 11:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतहपुर मंडाव ब्लाक के रमऊपुर गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना में फर्जीवाड़ा का मामला प्रकाश में आया है। योजना के लाभार्थी के खाते में धन भेजा ही नहीं गया। जबकि आनलाइन सूची में धन को अवमुक्त दिखाया गया। जानकारी होने पर लाभार्थी ने आला अधिकारियों को अवगत कराया। लेकिन चार माह बीतने के बाद भी अधिकारी लाभार्थी का टरका रहे। परेशानहाल लाभार्थी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत क्षेत्र के रमऊपुर गांव में वित्तीय वर्ष 2018-19 के तहत 26 लाभार्थियों का चयन किया गया। विभाग की तरफ से सभी लाभार्थियों के खाते में 1.10 लाख धन भेजा गया। लेकिन लाभार्थी सुमन देवी पत्नी शंभू चौहान के खाते में 1.10 लाख रूपया नहीं आया। जबकि आनलाइन सूची में आहरित दिखा दिया गया। लाभार्थी को जब मामले की जानकारी हुई तो ब्लाक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराया। शिकायत की सुनवाई न होने से परेशान लाभार्थी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। ग्राम प्रधान ऊषा यादव का कहना है कि लाभार्थी द्वारा गलत खाता दिए जाने के कारण समस्या आई है। इस बाबत खंड विकास अधिकारी सुवेदिता सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में है, लेकिन प्रधानमंत्री आवास से संबंधित कार्य ग्राम्य विकास विभाग लखनऊ से होता है। इस मामले में विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत क्षेत्र के रमऊपुर गांव में वित्तीय वर्ष 2018-19 के तहत 26 लाभार्थियों का चयन किया गया। विभाग की तरफ से सभी लाभार्थियों के खाते में 1.10 लाख धन भेजा गया। लेकिन लाभार्थी सुमन देवी पत्नी शंभू चौहान के खाते में 1.10 लाख रूपया नहीं आया। जबकि आनलाइन सूची में आहरित दिखा दिया गया। लाभार्थी को जब मामले की जानकारी हुई तो ब्लाक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराया। शिकायत की सुनवाई न होने से परेशान लाभार्थी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। ग्राम प्रधान ऊषा यादव का कहना है कि लाभार्थी द्वारा गलत खाता दिए जाने के कारण समस्या आई है। इस बाबत खंड विकास अधिकारी सुवेदिता सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में है, लेकिन प्रधानमंत्री आवास से संबंधित कार्य ग्राम्य विकास विभाग लखनऊ से होता है। इस मामले में विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन