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जिला अस्पताल में नहीं रुक रहीं चोरियां
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जिला अस्पताल से एसी और पंखों तथा अन्य कीमती सामानों की चोरी की सिलसिला कई महीनों से चल रहा है। पिछले आठ महीनों में यहां से चार नये एयर कंडीशनर और आठ पंखे चोरी हो गए हैं। इसके पूर्व भी आठ एसी इस अस्पताल से लापता हो गए थे। इन उपकरणों की चोरी की रिपोर्ट अस्पताल प्रशासन ने दर्ज नहीं कराई। सूत्रों की मानें तो कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से इन उपकरणों को कंडम दिखाकर मामला रफा दफा किया जा रहा।
जिला अस्पताल में सबसे पहले इमरजेंसी, अल्ट्रासाउंड कक्ष, पैथालाजी, ओपीडी और ब्लड बैंक में 22 एसी लगाए गए थे। ट्रामा विंग में भी कई एसी लगाए गए थे। ओपीडी के सभी विभागों के सामने गैलरियों और हाल में कई वाल फैन लगाए गए थे। हाल में छोड़कर अन्य सभी स्थानों पर लगे फैन गायब हैं। पैथालाजी में लगा एसी गायब है। एक साल से अधिक समय से बंद पड़े ट्रामा विंग में लगे एसी दो हफ्ते पहले ही चोरी हो गए। चूंकि इस बंद बिल्डिंग में कोई आता जाता नहीं है। अस्पताल के कर्मचारी ही जानते हैं कि कहां कहां ऐसी लगे हैं। इस भवन में कुल सात एसी लगे थे। पूरे अस्पताल भवन में विगत आठ महीनों में अब तक आठ एसी चोरी हो चुके हैं। अस्पताल से आवासीय कालोनियों तक खंभों पर लगी सोडियम लाइट में से अब एक भी नहीं है। पुरानी एंबुलेंस में लगा एसी भी चोरी हो चुका है। अस्पताल के भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार इन चोरियों में अस्पताल के ही कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत है।
अस्पताल के सीएमएस डा. बृज कुमार का दावा है कि उनके कार्यकाल में ट्रामा सेंटर से ही एसी चोरी हुए हैं। उनकी लिखित सूचना देकर एफआईआर दर्ज करा दी गई है। पुलिस से जांच के लिए कहा गया है। कुछ पुराने एसी खराब हो गए हैं जो डेड स्टाक में रखे गए हें। अब उनकी मरम्मत कराने योग्य नहीं हैं।
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जिला अस्पताल में सबसे पहले इमरजेंसी, अल्ट्रासाउंड कक्ष, पैथालाजी, ओपीडी और ब्लड बैंक में 22 एसी लगाए गए थे। ट्रामा विंग में भी कई एसी लगाए गए थे। ओपीडी के सभी विभागों के सामने गैलरियों और हाल में कई वाल फैन लगाए गए थे। हाल में छोड़कर अन्य सभी स्थानों पर लगे फैन गायब हैं। पैथालाजी में लगा एसी गायब है। एक साल से अधिक समय से बंद पड़े ट्रामा विंग में लगे एसी दो हफ्ते पहले ही चोरी हो गए। चूंकि इस बंद बिल्डिंग में कोई आता जाता नहीं है। अस्पताल के कर्मचारी ही जानते हैं कि कहां कहां ऐसी लगे हैं। इस भवन में कुल सात एसी लगे थे। पूरे अस्पताल भवन में विगत आठ महीनों में अब तक आठ एसी चोरी हो चुके हैं। अस्पताल से आवासीय कालोनियों तक खंभों पर लगी सोडियम लाइट में से अब एक भी नहीं है। पुरानी एंबुलेंस में लगा एसी भी चोरी हो चुका है। अस्पताल के भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार इन चोरियों में अस्पताल के ही कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत है।
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अस्पताल के सीएमएस डा. बृज कुमार का दावा है कि उनके कार्यकाल में ट्रामा सेंटर से ही एसी चोरी हुए हैं। उनकी लिखित सूचना देकर एफआईआर दर्ज करा दी गई है। पुलिस से जांच के लिए कहा गया है। कुछ पुराने एसी खराब हो गए हैं जो डेड स्टाक में रखे गए हें। अब उनकी मरम्मत कराने योग्य नहीं हैं।
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