{"_id":"5f21b6578ebc3e9fef4268e1","slug":"corona-infected-doctor-dies-administration-handed-over-to-khak-mau-news-vns538632845","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना संक्रमित चिकित्सक की मौत, प्रशासन ने कराया सुपुर्द-ए-खाक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना संक्रमित चिकित्सक की मौत, प्रशासन ने कराया सुपुर्द-ए-खाक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घोसी (मऊ)। जिले के घोसी कस्बा के करीमुद्दीनपुरा निवासी कोरोना 62 बुजुर्ग की बुधवार की सुबह आजमगढ़ मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। बुधवार को घोसी प्रशासन ने मेडिकल टीम के देखरेख में शव को सुुपुर्द-ए-खाक करा दिया। मृत बुजुर्ग यूनानी पद्घति के डॉक्टर थे। घोसी बाजार के करीमुद्दीनपुर के बगई गांव स्थित कब्रिस्तान में मृत वृद्ध के शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद रही। साथ ही अंतिम संस्कार के दौरान विशेष एहतियात बरत रही थी। इस दौरान कोरोना संक्रमित परिवार के दस लोगों को ही प्रशासन अपने साथ कब्रिस्तान लाया था। सुरक्षा के चलते बाकी रिश्तेदारों तथा अन्य को रोक दिया गया था।
बताते चले कि घोसी कस्बा के करीमुद्दीन बरकातनगर निवासी 62 वर्षीय बुजुर्ग जो कि यूनानी चिकित्सक थे। वो बीते दिनों घोसी सीएचसी पर एंटीजेन टेस्ट में कोरोना संक्रमित मिले थे। उनकी तबियत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने सीधे एल-2 अस्पताल आजमगढ़ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया था। बुधवार को जहां सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बुधवार को मृतक के परिवार के करीब दस सदस्यों ने करीमुद्दीनपुर के बगई स्थित कबिस्तान में ही मृतक को सुपर्द-ए-खाक किया। इससे पहले चर्चित व्यक्ति होने के चलते बड़ी संख्या में लोग जनाजे में शामिल हो गए थे, लेकिन इसकी सूचना मिलने पर एसडीएम आशुतोष राय पुलिस बल के साथ पहुंचकर परिजनों को छोड़कर सभी को हटवा दिया।
प्रशासन की बढी मुश्किलें
घोसी (मऊ)। कोरोना से तहसील में पहली मौत होने के बाद तहसील प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई। क्योंकि प्रशासन को अभी तक चिकित्सक के संक्रमित होने का सोर्स पता नहीं चल सका है। सोर्स के पता नहीं चलने पर समुदाय में संक्रमण फैलने की आशंका को लेकर प्रशासन परेशान है। दरअसल कुछ लोगों द्वारा पार्टी के कार्य के सिलसिले में बिहार जाने पर चिकित्सक के संक्रमित होने की अंदेशा जता रहे हैं तो कुछ लोगों द्वारा चिकित्सक के वाराणसी में भी क्लीनिक में संचालित करने के दौरान संक्रमण के जद में आने की बात कही जा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बताते चले कि घोसी कस्बा के करीमुद्दीन बरकातनगर निवासी 62 वर्षीय बुजुर्ग जो कि यूनानी चिकित्सक थे। वो बीते दिनों घोसी सीएचसी पर एंटीजेन टेस्ट में कोरोना संक्रमित मिले थे। उनकी तबियत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने सीधे एल-2 अस्पताल आजमगढ़ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया था। बुधवार को जहां सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बुधवार को मृतक के परिवार के करीब दस सदस्यों ने करीमुद्दीनपुर के बगई स्थित कबिस्तान में ही मृतक को सुपर्द-ए-खाक किया। इससे पहले चर्चित व्यक्ति होने के चलते बड़ी संख्या में लोग जनाजे में शामिल हो गए थे, लेकिन इसकी सूचना मिलने पर एसडीएम आशुतोष राय पुलिस बल के साथ पहुंचकर परिजनों को छोड़कर सभी को हटवा दिया।
विज्ञापन
प्रशासन की बढी मुश्किलें
घोसी (मऊ)। कोरोना से तहसील में पहली मौत होने के बाद तहसील प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई। क्योंकि प्रशासन को अभी तक चिकित्सक के संक्रमित होने का सोर्स पता नहीं चल सका है। सोर्स के पता नहीं चलने पर समुदाय में संक्रमण फैलने की आशंका को लेकर प्रशासन परेशान है। दरअसल कुछ लोगों द्वारा पार्टी के कार्य के सिलसिले में बिहार जाने पर चिकित्सक के संक्रमित होने की अंदेशा जता रहे हैं तो कुछ लोगों द्वारा चिकित्सक के वाराणसी में भी क्लीनिक में संचालित करने के दौरान संक्रमण के जद में आने की बात कही जा रही हैं।
विज्ञापन