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रेलवे सब पावर स्टेशन का काम करा रहे ठेकेदारों को हटाने पर बढ़ा विवाद
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मऊ। मऊ वाराणसी रेल मार्ग पर पिपरीडीह रेलवे स्टेशन के पास बन रहे रेलवे के सब पावर स्टेशन के निर्माण को लेकर कंपनी के पुराने ठेकेदारों को काम से रोककर कंपनी के नए प्रोजेक्ट मैनेजर ने नए ठेकेददारों को काम दे दिया है। इस लेकर कई दिनों से विवाद चल रहा था। बुधवार को कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने पुराने ठेकेदारों के मजदूरों को काम करने से मना कर दिया। पुराने ठेकेदार और मजदूर अपने बकाए की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद में प्रोजेक्ट मैनेजर की तहरीर पर सरायलखंसी थाने की पुलिस ने तीन नामजद सहित लगभग 70 मजदूरों और ठेकेदारों के विरुद्ध गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।
पिपरीडीह, फेफना सहित कई स्थानों पर रेलवे के सब पावर स्टेशन और वाराणसी भटनी , बलिया शाहगंज रेल मार्ग के विद्युती करण का ठेका रेलवे ने एक चाइनीज कंपनी को दिया है। कंपनी ने अपने प्रोजेक्टर मैनेजर का तबादला कर दिया है। अब नये प्रोजेक्ट मैनेजर कफील अख्तर रिजवी को पिपरीडीह के सब स्टेशन के निर्माण का जिम्मा दे दिया है। पहले से यहां कार्य करा रहे ठेकेदारों कौशलेंद्र सिंह, अजय सिंह, और सवैश सिंह आदि का कहना है कि नए प्रोजेक्ट मैनेजर ने उनके एग्रीमेंट को अचानक कैंसिल कर दिया और नए ठेकेदारों को काम सौंप दिया।
पुराने ठेकेदारों ने जब अपने बकाया भुगतान की मांग किया तो उन्हें तीन दिन के अंदर भुगतान का आश्वासन दिया। लेकिन इन ठेकेदारों का आरोप है कि बकाया भुगतान नहीं किया गया और हमारे मजदूरों को काम करने से रोका जाने लगा। इस लेकर शहर के गृहस्थ प्लाजा में पुराने ठेकेदारों और नये प्रोजेक्ट मैनेजर के बीच वार्ता हुई। जिसमें जल्दी भुगतान का आश्वासन दिया गया।
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बुधवार को प्रोजेक्ट मैनेजर और नये ठेकेदारों ने पुराने ठेकेदारों के मजदूरों को काम करने से मना कर दिया। तो पहले से काम कर रहे मजदूर नाराज हो गए। मजदूरों ने कहा कि उनकी बकाया मजदूरी दी जाए यदि बकाया मजदूरी नहीं मिली तो वे अपने ऊपर डीजल छिड़कर आत्महत्या कर लेंगे। मामला बढ़ता देख प्रोजेक्ट मैनेजर ने सरायलखंसी थाने की पुलिस को तहरीर दी। प्रोजेक्ट मैनेजर ने अपने साथ मारपीट का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। तहरीर के आधार पर ठेकेदार कौशलेंद्र सिंह, अजय सिंह और सर्वेश सिंह सहित 70 मजदूरों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने, हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।
ठेकेदारों ने एसपी से लगाई गुहार
मऊ। ठेकेदार कौशलेंद्र सिंह आदि का कहना है कि हम लोग रेलवे अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं और अपर पुलिस पुलिस अधीक्षक से मिलकर उन्हें प्रार्थना पत्र दिए हैं। हम ठेकेदारों का लाखों का बकाया कंपनी के ऊपर है, उसे दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट मैनेजर अथवा किसी के साथ मारपीट अथवा अभद्रता के आरोप निराधार हैं।
रेलवे से इस विवाद को कोई लेना देना नहीं
मऊ। रेलवे के चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर गोरखपुर एसपी यादव का कहना था कि इस प्रकरण से रेलवे का कोई लेना देना नहीं हैं। रेलवे कंपनी को कार्य के सापेक्ष भुगतान करती है। ये ठेकेदारों और कंपनी के बीच का मामला है। उधर कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर कफील अख्तर रिजवी से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होने बात नहीं की। इस बाबत एसओ राम सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
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पिपरीडीह, फेफना सहित कई स्थानों पर रेलवे के सब पावर स्टेशन और वाराणसी भटनी , बलिया शाहगंज रेल मार्ग के विद्युती करण का ठेका रेलवे ने एक चाइनीज कंपनी को दिया है। कंपनी ने अपने प्रोजेक्टर मैनेजर का तबादला कर दिया है। अब नये प्रोजेक्ट मैनेजर कफील अख्तर रिजवी को पिपरीडीह के सब स्टेशन के निर्माण का जिम्मा दे दिया है। पहले से यहां कार्य करा रहे ठेकेदारों कौशलेंद्र सिंह, अजय सिंह, और सवैश सिंह आदि का कहना है कि नए प्रोजेक्ट मैनेजर ने उनके एग्रीमेंट को अचानक कैंसिल कर दिया और नए ठेकेदारों को काम सौंप दिया।
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पुराने ठेकेदारों ने जब अपने बकाया भुगतान की मांग किया तो उन्हें तीन दिन के अंदर भुगतान का आश्वासन दिया। लेकिन इन ठेकेदारों का आरोप है कि बकाया भुगतान नहीं किया गया और हमारे मजदूरों को काम करने से रोका जाने लगा। इस लेकर शहर के गृहस्थ प्लाजा में पुराने ठेकेदारों और नये प्रोजेक्ट मैनेजर के बीच वार्ता हुई। जिसमें जल्दी भुगतान का आश्वासन दिया गया।
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बुधवार को प्रोजेक्ट मैनेजर और नये ठेकेदारों ने पुराने ठेकेदारों के मजदूरों को काम करने से मना कर दिया। तो पहले से काम कर रहे मजदूर नाराज हो गए। मजदूरों ने कहा कि उनकी बकाया मजदूरी दी जाए यदि बकाया मजदूरी नहीं मिली तो वे अपने ऊपर डीजल छिड़कर आत्महत्या कर लेंगे। मामला बढ़ता देख प्रोजेक्ट मैनेजर ने सरायलखंसी थाने की पुलिस को तहरीर दी। प्रोजेक्ट मैनेजर ने अपने साथ मारपीट का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। तहरीर के आधार पर ठेकेदार कौशलेंद्र सिंह, अजय सिंह और सर्वेश सिंह सहित 70 मजदूरों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने, हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।
ठेकेदारों ने एसपी से लगाई गुहार
मऊ। ठेकेदार कौशलेंद्र सिंह आदि का कहना है कि हम लोग रेलवे अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं और अपर पुलिस पुलिस अधीक्षक से मिलकर उन्हें प्रार्थना पत्र दिए हैं। हम ठेकेदारों का लाखों का बकाया कंपनी के ऊपर है, उसे दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट मैनेजर अथवा किसी के साथ मारपीट अथवा अभद्रता के आरोप निराधार हैं।
रेलवे से इस विवाद को कोई लेना देना नहीं
मऊ। रेलवे के चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर गोरखपुर एसपी यादव का कहना था कि इस प्रकरण से रेलवे का कोई लेना देना नहीं हैं। रेलवे कंपनी को कार्य के सापेक्ष भुगतान करती है। ये ठेकेदारों और कंपनी के बीच का मामला है। उधर कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर कफील अख्तर रिजवी से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होने बात नहीं की। इस बाबत एसओ राम सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है।