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बजट के अभाव में अधर में लटका सद्भाव मंडप का निर्माण
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मऊ। प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम के तहत केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से 25 प्रतिशत से अधिक आबादी वाले अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में सद्भाव मंडप का निर्माण किया जाना है। इस योजना के अंतर्गत शहर के हकीकतपुरा मुहल्ला में 2.34 करोड़ की लागत से सद्भाव मंडप वर्ष 2019 से बन रहा है। योजना की पहली किश्त से निर्माणदायी संस्था पैकफेड की ओर से निर्माण शुरू किया गया लेकिन अगली किश्तों के न मिलने से इस महत्वपूर्ण सद्भाव मंडप का निर्माण अधर में लटक गया है।
केंद्र सरकार के प्रधान मंत्री जनविकास कार्यक्रम के तहत उन क्षेत्रों में सद्भाव मंडप बनाए जाने हैं, जहां अल्पसंख्यक वर्ग की आबादी 25 प्रतिशत अथवा इससे अधिक है। योजना के उद्देश्य है कि अल्पसंख्यक वर्ग के कमजोर तबके के लोगों की कन्याओं की शादी अथवा अन्य कार्यक्रमों के लिए शहर के पास सुविधायुक्त सस्ता स्थान सुलभ कराया जाए। इसी आशय से वर्ष 2019 में शहर के पास हकीकतपुरा मुहल्ले में सद्भाव मंडप के लिए नगरपालिका ने अल्पसंख्यकों के लिए सद्भाव मंडप निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराया। शासन की ओर से सद्भाव मंडप निर्माण के लिए निर्माणदायी संस्था के रूप में पैकफेड को चयनित किया गया।
शासन से सद्भाव मंडप निर्माण के लिए 2 करोड़ 34 लाख रुपयों का बजट स्वीकृत किए गए। पहली किश्त के रूप में 42 लाख रुपये शासन की ओर से दिए गए। निर्माण दायी संस्था ने सद्भाव मंडप के लिए प्लींथ स्तर तक निर्माण कराया। दो मंजिले सद्भाव मंडप में बड़ा सा हाल, मेहमानों को ठहरने के लिए सात कमरे, शौचालय, स्नानागार, किचेन का निर्माण और सामने खुली जगह के लिए स्थान सुरक्षित रखनी है। सद्भाव मंडप का निर्माण पूरा हो जाने पर इसे नगरपालिका को हैंड ओवर किया जाना है। नगरपालिका इसकी देखरेख करेगी और गरीबों के लिए इसे सस्ती दरों पर उपलब्ध कराएगी। लेकिन काफी दिनों से इसके लिए दूसरी किश्त की रकम नहीं मिलने से संस्था ने काम रोक दिया।
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जिले के अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एसएन सिंह ने बताया कि बजट के अभाव में सद्भाव मंडप का काम रुका हुआ है, बजट मिलने पर निर्माण दायी संस्था आगे का काम शुरू कर देगी। बजट के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
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केंद्र सरकार के प्रधान मंत्री जनविकास कार्यक्रम के तहत उन क्षेत्रों में सद्भाव मंडप बनाए जाने हैं, जहां अल्पसंख्यक वर्ग की आबादी 25 प्रतिशत अथवा इससे अधिक है। योजना के उद्देश्य है कि अल्पसंख्यक वर्ग के कमजोर तबके के लोगों की कन्याओं की शादी अथवा अन्य कार्यक्रमों के लिए शहर के पास सुविधायुक्त सस्ता स्थान सुलभ कराया जाए। इसी आशय से वर्ष 2019 में शहर के पास हकीकतपुरा मुहल्ले में सद्भाव मंडप के लिए नगरपालिका ने अल्पसंख्यकों के लिए सद्भाव मंडप निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराया। शासन की ओर से सद्भाव मंडप निर्माण के लिए निर्माणदायी संस्था के रूप में पैकफेड को चयनित किया गया।
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शासन से सद्भाव मंडप निर्माण के लिए 2 करोड़ 34 लाख रुपयों का बजट स्वीकृत किए गए। पहली किश्त के रूप में 42 लाख रुपये शासन की ओर से दिए गए। निर्माण दायी संस्था ने सद्भाव मंडप के लिए प्लींथ स्तर तक निर्माण कराया। दो मंजिले सद्भाव मंडप में बड़ा सा हाल, मेहमानों को ठहरने के लिए सात कमरे, शौचालय, स्नानागार, किचेन का निर्माण और सामने खुली जगह के लिए स्थान सुरक्षित रखनी है। सद्भाव मंडप का निर्माण पूरा हो जाने पर इसे नगरपालिका को हैंड ओवर किया जाना है। नगरपालिका इसकी देखरेख करेगी और गरीबों के लिए इसे सस्ती दरों पर उपलब्ध कराएगी। लेकिन काफी दिनों से इसके लिए दूसरी किश्त की रकम नहीं मिलने से संस्था ने काम रोक दिया।
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जिले के अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एसएन सिंह ने बताया कि बजट के अभाव में सद्भाव मंडप का काम रुका हुआ है, बजट मिलने पर निर्माण दायी संस्था आगे का काम शुरू कर देगी। बजट के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।