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20 दिनों के भीतर पीड़ित किसानों को मिले मुआवजा
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Thu, 09 Apr 2015 11:38 PM IST
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उत्तर प्रदेश किसानसभा के तत्वावधान में किसानों, मजदूरों व महिलाओं ने अपनी विभिन्न मांगाें को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। साथ ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री को संबोधित 15 सूत्री मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बेमौसम बारिश से रबी फसलाें का व्यापक पैमाने पर नुकसान हुआ है। शासन प्रशासन की ओर से सुधि लेने की जहमत तक नहीं उठाई जा सकी है।
फसल क्षति का आकलन कराकर उचित मुआवजा दिया जाए। भूमि अधिग्रहण बिल को वापस लिया जाए। किसानों को पर्याप्त बिजली न मिलने से खेती किसानी भगवान भरोसें हो रही है।
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किसानाें को 24 घंटे बिजली दी जाए। नहराें तथा राजकीय नलकूपाें की स्थिति दिन ब दिन दयनीय होती जा रही है। नहरोेेें की सफाई कराकर पानी टेल तक पहुंचाया जाए।
वृद्धा, विकलांगों, विधवा को समाजवादी पेंशन योजना के बराबर 500 रुपया प्रतिमाह पेंशन दिया जाए। चीनी मिल से गन्ना पर्ची का वितरण सुनिश्चित नहीं किया जा सका है।
इससे गन्ना किसानों के खेतों में पड़ा होने से किसानों की आर्थिक स्थिति दयनीय होती जा रही है। गन्ना पर्ची का अविलंब वितरण सुनिश्चित कराया जाए। वृद्धा, विधवाओं तथा विकलांगों को समाजवादी पेंशन योजना के बराबर 500 रुपया पेंशन प्रति माह दिया जाए।
सरकार की ओर से प्रत्येक ग्राम सभा में साफ सफाई तथा रासायनिक दवाओं के छिड़काव के लिए 10 हजार रुपये ग्राम प्रधान तथा एएनएम के संयुक्त खाते में भेजा जाता है लेकिन धन का बंदरबांट कर लिया जाता है। मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना था कि 60 वर्ष के समस्त किसानों, महिलाओें, मजदूरों तथा बुनकरों, विकलांगों को 3000 रुपया प्रति माह पेंशन दिया जाए।
20 दिनों के अंदर पीड़ित किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में संगठन के जिला महामंत्री मदन लाल श्रीवास्तव, हरिनारायण सिंह, गुफरान अहमद, अनिरुद्ध पांडेय, इंद्रदेव शर्मा, पीएन सिंह, रामबली चौहान, लल्लन तिवारी आदि शामिल थे।
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प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बेमौसम बारिश से रबी फसलाें का व्यापक पैमाने पर नुकसान हुआ है। शासन प्रशासन की ओर से सुधि लेने की जहमत तक नहीं उठाई जा सकी है।
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फसल क्षति का आकलन कराकर उचित मुआवजा दिया जाए। भूमि अधिग्रहण बिल को वापस लिया जाए। किसानों को पर्याप्त बिजली न मिलने से खेती किसानी भगवान भरोसें हो रही है।
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किसानाें को 24 घंटे बिजली दी जाए। नहराें तथा राजकीय नलकूपाें की स्थिति दिन ब दिन दयनीय होती जा रही है। नहरोेेें की सफाई कराकर पानी टेल तक पहुंचाया जाए।
वृद्धा, विकलांगों, विधवा को समाजवादी पेंशन योजना के बराबर 500 रुपया प्रतिमाह पेंशन दिया जाए। चीनी मिल से गन्ना पर्ची का वितरण सुनिश्चित नहीं किया जा सका है।
इससे गन्ना किसानों के खेतों में पड़ा होने से किसानों की आर्थिक स्थिति दयनीय होती जा रही है। गन्ना पर्ची का अविलंब वितरण सुनिश्चित कराया जाए। वृद्धा, विधवाओं तथा विकलांगों को समाजवादी पेंशन योजना के बराबर 500 रुपया पेंशन प्रति माह दिया जाए।
सरकार की ओर से प्रत्येक ग्राम सभा में साफ सफाई तथा रासायनिक दवाओं के छिड़काव के लिए 10 हजार रुपये ग्राम प्रधान तथा एएनएम के संयुक्त खाते में भेजा जाता है लेकिन धन का बंदरबांट कर लिया जाता है। मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना था कि 60 वर्ष के समस्त किसानों, महिलाओें, मजदूरों तथा बुनकरों, विकलांगों को 3000 रुपया प्रति माह पेंशन दिया जाए।
20 दिनों के अंदर पीड़ित किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में संगठन के जिला महामंत्री मदन लाल श्रीवास्तव, हरिनारायण सिंह, गुफरान अहमद, अनिरुद्ध पांडेय, इंद्रदेव शर्मा, पीएन सिंह, रामबली चौहान, लल्लन तिवारी आदि शामिल थे।