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Mau News: आइए, आज रक्तदान कर बनें महादानी, एक यूनिट खून से बच सकती हैं चार लोगों की जान
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर 14 जून को राजकीय महिला चिकित्सालय में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा।
रक्तदान करने वाले महादानियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। यह शिविर रक्त की कमी को पूरा करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।शिविर में शारीरिक जांच तथा अन्य आवश्यक जांच नि:शुल्क की जाएगी। इसमें कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है।
एक यूनिट रक्त कई लोगों को नया जीवन दे सकता है। रक्तदान न केवल दूसरों के लिए लाभकारी होता है, बल्कि यह रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा माना जाता है। यह शरीर में नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण को प्रोत्साहित करता है।
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राजकीय महिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. नीलेश श्रीवास्तव ने कहा कि रक्तदान महादान है, इसलिए सभी को स्वेच्छा से रक्तदान करना चाहिए। नियमित रक्तदान करने वाला व्यक्ति स्वस्थ रहता है।
रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी नहीं आती, बल्कि नई ऊर्जा मिलती है। यह मानवता की सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। एक यूनिट रक्त से किसी की जान बचाई जा सकती है, इसलिए सभी को रक्तदान अवश्य करना चाहिए।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज ने कहा कि रक्तदान से किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है, इससे बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं है। रक्तदान से किसी भी प्रकार की कमजोरी नहीं आती। तीन माह बाद दोबारा रक्तदान किया जा सकता है।
रक्तदान से शरीर में रक्त का संचार बेहतर होता है और नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण तेजी से होता है। नियमित रक्तदान करने वाले लोग सामान्यतः स्वस्थ रहते हैं, इसलिए समय-समय पर रक्तदान अवश्य करना चाहिए।
ये लोग कर सकते हैं रक्तदान
18 वर्ष से अधिक आयु के महिला-पुरुष
वजन कम से कम 50 किलोग्राम
बुखार, संक्रमण या गंभीर बीमारी न हो
रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम से कम 12.5 ग्राम हो
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रक्तदान करने वाले महादानियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। यह शिविर रक्त की कमी को पूरा करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।शिविर में शारीरिक जांच तथा अन्य आवश्यक जांच नि:शुल्क की जाएगी। इसमें कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है।
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एक यूनिट रक्त कई लोगों को नया जीवन दे सकता है। रक्तदान न केवल दूसरों के लिए लाभकारी होता है, बल्कि यह रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा माना जाता है। यह शरीर में नई रक्त कोशिकाओं के निर्माण को प्रोत्साहित करता है।
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राजकीय महिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. नीलेश श्रीवास्तव ने कहा कि रक्तदान महादान है, इसलिए सभी को स्वेच्छा से रक्तदान करना चाहिए। नियमित रक्तदान करने वाला व्यक्ति स्वस्थ रहता है।
रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी नहीं आती, बल्कि नई ऊर्जा मिलती है। यह मानवता की सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। एक यूनिट रक्त से किसी की जान बचाई जा सकती है, इसलिए सभी को रक्तदान अवश्य करना चाहिए।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज ने कहा कि रक्तदान से किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है, इससे बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं है। रक्तदान से किसी भी प्रकार की कमजोरी नहीं आती। तीन माह बाद दोबारा रक्तदान किया जा सकता है।
रक्तदान से शरीर में रक्त का संचार बेहतर होता है और नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण तेजी से होता है। नियमित रक्तदान करने वाले लोग सामान्यतः स्वस्थ रहते हैं, इसलिए समय-समय पर रक्तदान अवश्य करना चाहिए।
ये लोग कर सकते हैं रक्तदान
18 वर्ष से अधिक आयु के महिला-पुरुष
वजन कम से कम 50 किलोग्राम
बुखार, संक्रमण या गंभीर बीमारी न हो
रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम से कम 12.5 ग्राम हो