{"_id":"617306b1eae86c30740adc66","slug":"coalition-may-be-formally-announced-on-subhasp-s-foundation-day-mau-news-vns6185358138","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुभासपा के स्थापना दिवस पर गठबंधन की हो सकती है औपचारिक घोषणा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुभासपा के स्थापना दिवस पर गठबंधन की हो सकती है औपचारिक घोषणा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी से गठबंधन का संकेत दे दिया है। सुभासपा के साथ सपा के गठबंधन की औपचारिक घोषणा हलधरपुर में सुभासपा के स्थापना दिवस समारोह में 27 अक्तूबर को होने के आसार हैं।
सुभासपा के स्थापना दिवस समारोह में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के आने की संभावना है। इसी मंच से दोनों पार्टियों के प्रमुख गठबंधन की घोषणा करेंगे। इसके बाद सीटों के बंटवारे पर दोनों दलों के बड़े नेता आगे फैसला करेंगे। इससे सियासी समीकरण बदलने के आसार हैं। सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर की पिछले दिनों लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ हुई वार्ता के बाद सपा से गठबंधन को अंतिम रूप देने का निर्णय लिया गया था।
सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत मऊ जनपद से ही की है। वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव में गठबंधन के चलते भाजपा ने सदर विधानसभा सीट, जिसमें रतनपुरा ब्लाक के गांव भी शामिल हैं, सुभासपा को दे दी थी। सदर विधानसभा सीट से ओमप्रकाश राजभर ने अपने रिश्तेदार महेंद्र राजभर को टिकट दिया था। चुनाव में भाजपा और सुभासपा के संयुक्त प्रत्याशी महेंद्र राजभर ने मुख्तार अंसारी को कड़ी टक्कर दी थी।
विज्ञापन
हालांकि महेंद्र को हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन, कांटे की टक्कर में मुख्तार महज 8,698 वोटों से ही जीत सके थे। मुख्तार को कुल 96793 (36.62 प्रतिशत) वोट मिले थे, जबकि महेंद्र राजभर को (33.33 प्रतिशत) 88095 मत मिले थे। सपा प्रत्याशी अल्ताफ अंसारी को तीसरे नंबर पर संतोष करना पड़ा था। उन्हें 72016 (27.25 प्रतिशत ) वोट मिले थे। राजनीति के जानकारों का कहना है कि अगर सपा और सुभासपा के गठबंधन का कोई प्रत्याशी घोषित होता है तो वह मुख्तार अंसारी और भाजपा दोनों को कड़ी टक्कर देने की स्थिति में होगा।
विज्ञापन
सुभासपा के स्थापना दिवस समारोह में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के आने की संभावना है। इसी मंच से दोनों पार्टियों के प्रमुख गठबंधन की घोषणा करेंगे। इसके बाद सीटों के बंटवारे पर दोनों दलों के बड़े नेता आगे फैसला करेंगे। इससे सियासी समीकरण बदलने के आसार हैं। सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर की पिछले दिनों लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ हुई वार्ता के बाद सपा से गठबंधन को अंतिम रूप देने का निर्णय लिया गया था।
विज्ञापन
सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत मऊ जनपद से ही की है। वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव में गठबंधन के चलते भाजपा ने सदर विधानसभा सीट, जिसमें रतनपुरा ब्लाक के गांव भी शामिल हैं, सुभासपा को दे दी थी। सदर विधानसभा सीट से ओमप्रकाश राजभर ने अपने रिश्तेदार महेंद्र राजभर को टिकट दिया था। चुनाव में भाजपा और सुभासपा के संयुक्त प्रत्याशी महेंद्र राजभर ने मुख्तार अंसारी को कड़ी टक्कर दी थी।
विज्ञापन
हालांकि महेंद्र को हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन, कांटे की टक्कर में मुख्तार महज 8,698 वोटों से ही जीत सके थे। मुख्तार को कुल 96793 (36.62 प्रतिशत) वोट मिले थे, जबकि महेंद्र राजभर को (33.33 प्रतिशत) 88095 मत मिले थे। सपा प्रत्याशी अल्ताफ अंसारी को तीसरे नंबर पर संतोष करना पड़ा था। उन्हें 72016 (27.25 प्रतिशत ) वोट मिले थे। राजनीति के जानकारों का कहना है कि अगर सपा और सुभासपा के गठबंधन का कोई प्रत्याशी घोषित होता है तो वह मुख्तार अंसारी और भाजपा दोनों को कड़ी टक्कर देने की स्थिति में होगा।