Mau News: हेट स्पीच के मामले में विधायक अब्बास अंसारी पर आरोप तय, कोर्ट ने 30 जनवरी तय की अगली तारीख
एमपी/एमएलए कोर्ट में दो मामलों में अब्बास अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी हुई। हेट स्पीच के मामले में विधायक अब्बास पर कोर्ट ने आरोप तय किए। साथ ही कोर्ट में साक्ष्य के लिए 30 जनवरी और दूसरे मामले में हाजिरी के लिए 29 जनवरी की तिथि तय की गई है।
विस्तार
बीते विधानसभा के आम चुनाव के दौरान हेट स्पीच और चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के दो मामलो में आरोपी विधायक अब्बास अंसारी की पेशी कासगंज जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। सीजेएम एमपी/एमएलए श्वेता चौधरी ने हेट स्पीच के मामले में अब्बास अंसारी आदि पर आरोप तय किए। साक्ष्य के लिए 30 जनवरी तथा दूसरे मामले में हाजिरी के लिए 29 जनवरी की तिथि नियत की है। दोनों मामले शहर कोतवाली क्षेत्र के हैं।
यह है पूरा मामला
पहले मामले में अभियोजन के अनुसार एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में अपराध संख्या 97/ 22 धारा 506, 171च भादवि के तहत एफआईआर दर्ज हुई। इसमें सदर विधायक अब्बास अंसारी व अन्य को आरोपी बनाया गया।
आरोप था कि 3 मार्च 22 को विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधानसभा सीट से सुभासपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे अब्बास अंसारी ने नगर क्षेत्र के पहाड़पुर मैदान में जनसभा के दौरान कहा कि जनपद मऊ के प्रशासन को चुनाव के बाद रोककर हिसाब-किताब करने व इसके बाद सबक सिखाने की धमकी मंच से दी गई थी।
पुलिस ने विवेचना में मामले में धारा 506, 171 एफ,186,189,153 ए, 120बी भादवि में सदर विधायक अब्बास अंसारी व उसके भाई उमर अंसारी, इलेक्शन एजेंट गाजीपुर जनपद के पुरानी कचहरी यूसुपुर मुहम्मदाबाद निवासी मंसूर अंसारी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया है।
मामले में उमर अंसारी की पत्रावली अलग कर दी गई है। अब्बास अंसारी सहित अन्य आरोपियों के विरुद्ध सीजेएम ने आरोप तय किया तथा साक्ष्य के लिए 30 जनवरी की तिथि नियत की। दूसरे मामले में अभियोजन के अनुसार एसआई राजेश कुमार वर्मा की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई थी।
आरोप है कि 27 फरवरी 22 को विधानसभा चुनाव के दौरान सुभासपा प्रत्याशी अब्बास अंसारी ने बिना अनुमति के राजाराम पुरा से लेकर भरहु का पूरा तक रोड शो निकाला। जिसमें 5-6 गाड़ियां तथा 100-150 लोगों की भीड़ एकत्र हो गई थी।
पुलिस ने मामले की एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना अब्बास अंसारी, उमर अंसारी, गणेश दत्त मिश्रा, मंसूर अंसारी, मोहम्मद ईशा खान, शाहिद लारी, शाकिर लारी, जुल्फेकार और धर्मेंद्र सोनकर के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। मामले में उच्च न्यायालय ने आरोपियों पर किसी प्रकार की उत्पीड़ात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई है। मामले में सीजेएम ने 29 जनवरी की तिथि नियत की है।