फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   Burials buried in Karbala

कर्बला पहुंचकर दफन किए गए ताजिए

Sun, 01 Oct 2017 11:44 PM IST
mau news
mau news Updated Sun, 01 Oct 2017 11:44 PM IST
विज्ञापन
Burials buried in Karbala
ताजिया जुलूस में मातम करते काजीटोला ताजिया कमेटी के लोग।
मऊ। मुहर्रम के दसवीं पर रविवार को जिले में विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर जुलूस कड़ी सुरक्षा के बीच निकाला गया। देर शाम तक जिले के कोपागंज, अमिला, मधुबन और घोसी में ताजिया कर्बला पहुंचकर दफन हो गई। सकुशल पर्व संपन्न होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली। जिन स्थानों पर मुहर्रम का जुलूस निकाला गया, वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।  
विज्ञापन

अमिला संवाददाता के अनुसार मुहर्रम के दसवीं पर रविवार की शाम चार बजे के करीब नगर क्षेत्र के विभिन्न मुहल्लों से छह ताजिया निकाली गई। इस दौरान ताजिएदार मातम मनाते हुए कर्बला पहुंचे। यहां ताजिया दफ़न हुआ।
विज्ञापन

मधुबन संवाददाता के अनुसार  तहसील मुख्यालय के विभिन्न गांवों से रविवार की शाम तीन बजे 12 ताजिया का जलुस निकला। जो मधुबन बाजार में पहुंचकर मिला। यहां से मातम करते हुए अंजुमनें कर्बला पहुंची। शाम साढ़े पांच बजे के करीब कर्बला में ताजिया दफन किया गया।  
विज्ञापन
विज्ञापन

कोपागंज संवाददाता के अनुसार बुनकर बाहुल्य क्षेत्रकोपागंज नगर पंचायत में रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच दसवीं मुहर्रम का ताजिया जुलूसकाछीकला स्थित कर्बला में दफ़न किया गया। यह ताजिया जुलूस नगर के नौ  अलग-अलगस्थानों से सुबह नौ बजे शुरू हुआ था। नौहा मातम करते हुए शाम सवा चार बजे अंजुमनें कर्बलापहुंची। बीती रात्रि ताजिया के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना को ध्यान में रखते हुए प्रशासन काफी एलर्ट था। इस दौरान ईमाम जुम्मा शिया जामा मस्जिद मुहम्मदतकी  ने बताया की यजीद के गलत कारनामों के ख़िलाफ़ इमाम हुसैन ने अपने 72 साथियों के साथ कर्बला में जंग करतेहुए शहादत दिया। बोले इस्लाम में मुहब्बत, भाई चारा, मानवता और लोगों की इज्जत करना सिखाताहै। बोले यजीद इतना जालिम कट्टरतानाशाह था की इमाम हुसैन उनके भाई बेटो,दोस्तों यहां तक की छ: महीने के उनकेमासूम बेटे जनाबे अली असगर को तीन दिन तक भूखा,प्यासा रख शहीद कर दिया। इतना ही नहीं  इमाम हुसैनऔर उनके सगे संबंधियों को शहीद कर उनके सिर को भालो पर चढ़ा दिया। इसअत्याचार और जुल्म को लेकर शिया समुदाय आंसू बहाता है। दसवींमुहर्रम का ताजिया जुलूस कसबे के नौ  अलग-अलग स्थानों से उठकर शाम सवा चार बजे नौहामातम करते हुए कर्बला में दफ़न किया गया। इस दौरान कर्रार अली,अंसार रजा,शिबू,डॉ सलमान,आबिद अली,जावेद,हसनैन वकार रजा  सहित सैकड़ो रहे।

 घोसी संवाददाता के अनुसार  रविवार की दोपहर ईमामबाड़े से दसवीं का जुलूस निकाला गया। इस दौरान ताजिएदार  धार्मिक रीतिरिवाज जुलूस को लेकर नीमतले पहुंचे। यहां कुछ देर रुकने के बाद जुलस  चाकू,जंजीर के मातम,सीनाजनी के साथ आगे बढ़ते हुए देर शाम राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित इमामबाड़ा पर जाकर दफन हुआ। अंजुमन सज्जादिया, अंजुमन मसुमिया कदीम, अंजुमन मासुमिया, अंजुमन तंजिमुल हुसैनी आदि छह अंजुमनों ने सीना जनी ,मातम और नौहखानी किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed