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बीआरसी पर डीएम का छापा
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Thu, 30 Apr 2015 11:03 PM IST
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परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों के शिक्षक पद पर समायोजन में खेल चल रहा है। गुरुवार को जिले के सभी ब्लाक संसाधन केंद्रों पर शिक्षामित्रों को नियुक्ति पत्र वितरित किया जाना था, लेकिन नियुक्ति पत्र वितरित करने के बजाय कोपागंज ब्लाक स्थित बीआरसी पर गुपचुप तरीके से समायोजन किया जा रहा था। इसकी सूचना मिलने पर डीएम चंद्रकांत पांडेय ने गुरुवार को अपराह्न बीआरसी पर छापा मारा। डीएम ने शिक्षामित्र समायोजन से संबंधित सभी अभिलेखों को अपने कब्जे में ले लिया। साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को तलब किया है। लिपिक सतेंद्र को डीएम कार्यालय से अटैच किया है। इस दौरान नियुक्ति पत्र न मिलने से शिक्षामित्र मायूस हुए।
शिक्षामित्रों के शिक्षक पद पर समायोजित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दूसरे चरण में 845 शिक्षामित्राें को शिक्षक पद पर समायोजित होना है, लेकिन विभाग की ओर से 691 पद ही रिक्त बताया जा रहा है। जन्मतिथि के आधार पर वरिष्ठता सूची बनाई गई है। ऐसे में 154 शिक्षामित्रों को शिक्षक बनने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। जबकि शिक्षामित्र विभागीय अधिकारियों पर पद छिपाने का आरोप लगा रहे हैं। महिलाओं व विकलांग शिक्षामित्रों से विकल्प मांगने की भी विभागीय प्रक्रिया को लेकर शिक्षामित्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शिक्षामित्रों की माने तो विकल्प के रूप में तीन-तीन विद्यालय मांगे जा रहे हैं, लेकिन विकल्प एक दूसरे से टैली कर रहे हैं। जबकि वरिष्ठता के क्रम वाले शिक्षामित्र वरिष्ठता के आधार पर विकल्प के रूप में एक विद्यालय मांगे जाने की बात कर रहे हैं। शिक्षामित्रों का आरोप है कि तीन विद्यालयों का विकल्प मांगने की प्रक्रिया शुरू कर सुविधा शुल्क वसूलने की सोची समझी चाल है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से गुरुवार को प्रत्येक बीआरसी पर नियुक्ति पत्र वितरित किए जाने का फरमान जारी किया गया था। शिक्षामित्र पूर्वाह्न 10 बजे से ही बीआरसी पर जम गए थे, लेकिन शाम तक नियुक्ति पत्र वितरित नहीं किया जा सका। नाराज शिक्षामित्रों ने गुपचुप तरीके से समायोजन प्रक्रिया करने की शिकायत जिलाधिकारी से की। जिलाधिकारी ने बीएसए से लोकेशन लिया। जिलाधिकारी ने बीआरसी कोपागंज पर छापा मारा। डीएम ने बीआरसी कर्मचारियों से पूछताछ की तो पता चला कि बीएसए पांच मिनट पहले ही बीआरसी आए हैं। डीएम ने शिक्षामित्र समायोजन से संबंधित अभिलेखों को कब्जे में ले लिया। साथ ही बीएसए को कलेक्ट्रेट तलब किया है। वहीं लिपिक सतेंद्र को डीएम कार्यालय से अटैच कर दिया।
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शिक्षामित्रों के शिक्षक पद पर समायोजित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दूसरे चरण में 845 शिक्षामित्राें को शिक्षक पद पर समायोजित होना है, लेकिन विभाग की ओर से 691 पद ही रिक्त बताया जा रहा है। जन्मतिथि के आधार पर वरिष्ठता सूची बनाई गई है। ऐसे में 154 शिक्षामित्रों को शिक्षक बनने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। जबकि शिक्षामित्र विभागीय अधिकारियों पर पद छिपाने का आरोप लगा रहे हैं। महिलाओं व विकलांग शिक्षामित्रों से विकल्प मांगने की भी विभागीय प्रक्रिया को लेकर शिक्षामित्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शिक्षामित्रों की माने तो विकल्प के रूप में तीन-तीन विद्यालय मांगे जा रहे हैं, लेकिन विकल्प एक दूसरे से टैली कर रहे हैं। जबकि वरिष्ठता के क्रम वाले शिक्षामित्र वरिष्ठता के आधार पर विकल्प के रूप में एक विद्यालय मांगे जाने की बात कर रहे हैं। शिक्षामित्रों का आरोप है कि तीन विद्यालयों का विकल्प मांगने की प्रक्रिया शुरू कर सुविधा शुल्क वसूलने की सोची समझी चाल है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से गुरुवार को प्रत्येक बीआरसी पर नियुक्ति पत्र वितरित किए जाने का फरमान जारी किया गया था। शिक्षामित्र पूर्वाह्न 10 बजे से ही बीआरसी पर जम गए थे, लेकिन शाम तक नियुक्ति पत्र वितरित नहीं किया जा सका। नाराज शिक्षामित्रों ने गुपचुप तरीके से समायोजन प्रक्रिया करने की शिकायत जिलाधिकारी से की। जिलाधिकारी ने बीएसए से लोकेशन लिया। जिलाधिकारी ने बीआरसी कोपागंज पर छापा मारा। डीएम ने बीआरसी कर्मचारियों से पूछताछ की तो पता चला कि बीएसए पांच मिनट पहले ही बीआरसी आए हैं। डीएम ने शिक्षामित्र समायोजन से संबंधित अभिलेखों को कब्जे में ले लिया। साथ ही बीएसए को कलेक्ट्रेट तलब किया है। वहीं लिपिक सतेंद्र को डीएम कार्यालय से अटैच कर दिया।
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