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Mau News: दो करोड़ से बनेगा बिंदटोलिया में बोल्डर डैंपनर, रुकेगा सरयू का कटान

Sun, 09 Mar 2025 11:58 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 09 Mar 2025 11:58 PM IST
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Boulder dampener will be built in Bindtoliya with two crores, Saryu erosion will stop
मऊ। फतहपुर मंडाव ब्लॉक के बिंदटोलिया के लोगों को कटान की समस्या से निजात देने के लिए दो करोड़ की लागत से डैंपनर बनाया जाएगा। सरयू नदी में उफान के दौरान कटान से निजात दिलाने को लेकर गांव में सिंचाई विभाग बोल्डर डैंपनर बनाएगा। प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया चल रही है। मधुबन के उत्तरी दिशा में स्थित धर्मपुर बिशुनपुर के बिंदटोलिया गांव के पास प्रतिवर्ष बरसात में कटान से खेत और जमीन नदी में समा जाते हैं।वर्षों से कटान होने से हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन नदी में विलीन हो चुकी है। कटान से आस पास के कई गांवों में खतरा मंडरा रहा है। वर्ष 2021 में शासन की तरफ से 12.34 करोड़ की लागत से प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से ड्रेजिंग डाईवर्जन चैनलाइजेशन परियोजना के बाद भी समस्या से निजात नहीं मिल सकी। कटान तेज होने से गांव का अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा। बिंदटोलिया गांव के लोगों ने कई बार कटान समस्या को लेकर प्रदर्शन भी किया। शासन के निर्देश पर सिंचाई विभाग की तरफ से गांव को कटान से बचाव की कवायद तेज हो गई है। अब सिंचाई विभाग 750 मीटर बोल्डर डैंपनर बनाएगा। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सिंह का कहना है कि फतहपुर मंडाव ब्लॉक क्षेत्र के बिंदटोलिया गांव में दो करोड़ से बोल्डर डैंपनर बनाया जाएगा।
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तटवर्ती इलाकों को कटान से बचाने के लिए 40 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार

बरसात होने के पूर्व ही शासन के निर्देश पर सिंचाई विभाग अलर्ट मूड में है। दोहरीघाट कस्बा सहित आसपास तटवर्ती इलाकों के ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व को बचाने के लिए 40 करोड़ की लागत से कार्ययोजना तैयार की गई है। बरसात में प्रतिवर्ष सरयू नदी में उफान आने से नदी के तटवर्ती इलाकों में किसानोें की उपजाऊ जमीन नदी में विलीन हो जाती है। अब तक हजारो एकड़ जमीन नदी में विलीन हो चुकी है। कई पौराणिक धरोहरें नदी में समा चुकी है। नदी के उग्र रूप धारण करने पर मुक्तिधाम, भारतमाता मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला सहित ऐतिहासिक और पौराणिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा है। खाकी बाबा की कुटी से लेकर डीह बाबा तक कटान रोकने के लिए 10 करोड़ की परियोजना पर काम शुरू कर दिया था। उस समय नदी का जलस्तर बढ़ने से काम शुरू नहीं हो पाया। अब डीह बाबा की कुटी से खाकी बाबा की कुटी तक की परियोजना पर काम शुरू हो गया है। दो प्रोेजेक्ट को पूरा कर लिया गया है। एक परियोजना पर काम चल रहा है।
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