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‘दलित पिछड़े वर्ग का हक मार रही सपा’
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Tue, 28 Apr 2015 11:27 PM IST
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फूलन सेना के कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया।
फूलन सेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता वीरेंद्र निषाद ने कहा कि सपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र मेें वायदा किया था कि उनकी सरकार बनी तो निषाद, बिंद, कश्यप, कुम्हार आदि 17 जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाएगा।
लेकिन सत्ता में आए तीन वर्ष से अधिक समय होने के बाद भी मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। इसी क्रम में संगठन के जिलाध्यक्ष नरसिंह साहनी ने कहा कि सपा सरकार जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट का आड़ लेकर अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति को ज्येष्ठता क्रम में पदोन्नतियों में आरक्षण के लाभ से वंचित कर दलित पिछड़े वर्ग का हक मार रही है।
उन्होंने संविधान संशोधन कर उक्त जातियों को प्रमोशन में आरक्षण का लाभ दिए जाने वकालत किया। इसी क्रम में संगठन के जिला प्रभारी मुरारी राम ने कहा कि सपा सरकार जंगलराज का पर्याय बन चुकी है।
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कानून का राज खत्म है। किसान आत्महत्या कर रहा है। गरीबों, दलितों व शोषितों का दमन सिर के ऊपर से पानी की तरह गुजर रहा है।
सपा सरकार को वर्ष 2017 में उखाड़ फेंकने का आह्वान करते हुए दलित, शोषित, गरीब जातियों को लामबंद होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। धरने को सखीचंद निषाद, मुरारी राम, रामजी निषाद, मुन्नीलाल चौहान,कुमारी देवी, मोहनलाल निषाद, जितेंद्र, देवीलाल, मोतीचंद,दीपक, नवाब अख्तर, दीपचंद निषाद, अशोक निषाद आदि शामिल थे।
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फूलन सेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता वीरेंद्र निषाद ने कहा कि सपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र मेें वायदा किया था कि उनकी सरकार बनी तो निषाद, बिंद, कश्यप, कुम्हार आदि 17 जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाएगा।
लेकिन सत्ता में आए तीन वर्ष से अधिक समय होने के बाद भी मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। इसी क्रम में संगठन के जिलाध्यक्ष नरसिंह साहनी ने कहा कि सपा सरकार जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट का आड़ लेकर अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति को ज्येष्ठता क्रम में पदोन्नतियों में आरक्षण के लाभ से वंचित कर दलित पिछड़े वर्ग का हक मार रही है।
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उन्होंने संविधान संशोधन कर उक्त जातियों को प्रमोशन में आरक्षण का लाभ दिए जाने वकालत किया। इसी क्रम में संगठन के जिला प्रभारी मुरारी राम ने कहा कि सपा सरकार जंगलराज का पर्याय बन चुकी है।
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कानून का राज खत्म है। किसान आत्महत्या कर रहा है। गरीबों, दलितों व शोषितों का दमन सिर के ऊपर से पानी की तरह गुजर रहा है।
सपा सरकार को वर्ष 2017 में उखाड़ फेंकने का आह्वान करते हुए दलित, शोषित, गरीब जातियों को लामबंद होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। धरने को सखीचंद निषाद, मुरारी राम, रामजी निषाद, मुन्नीलाल चौहान,कुमारी देवी, मोहनलाल निषाद, जितेंद्र, देवीलाल, मोतीचंद,दीपक, नवाब अख्तर, दीपचंद निषाद, अशोक निषाद आदि शामिल थे।