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देश व्यापी हड़ताल के विरोध में आवाज की बुलंद
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मऊ। केंद्रीय श्रम संगठनों की ओर से बुधवार को केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों तथा लोकतंत्र एंव संवैधानिक मूल्यों पर बढ़ते हमलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। इसमें एसबीआई को छोड़कर सभी बैंकों के कर्मचारियों ने भाग लिया। कलेक्ट्रेट पर धरना दिया और राष्ट्रपति और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। सीटू के सुगर वर्कर्स फेडरेशन आफ इंडिया के प्रदेश महासचिव कामरेड शिवाकांत मिश्र ने केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि वृहद् आंदोलनों से मिले मजदूरों के हित में मिले अधिकारों को केंद्र एवं राज्य सरकारें कारपोरेट घरानों के दबाव में बदल रही हैं।
जिला श्रमिक समन्वय समिति के महामंत्री राम अवतार सिंह ने कहा कि सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के कारण कर्मचारी, किसान, छात्र, नौजवान, मजदूर वर्गों में आक्रोश व्याप्त है। अपने अध्यक्षीय भाषण में एटक के राज्य कौंसिल एटक के सदस्य सूर्यदेव पाण्डेय ने कहा कि प्रमुख मांगें न्यूनतम वेतन 21,000 रूपया घोषित किया जाए,न्यूनतम वेतन के पुर्ननिर्धारण के लिए बोर्ड का गठन किया जाए।पुरानी पेंशन बहाल किया जाए,एक वर्ष की सेवा पर 45 दिन के वेतन के बराबर ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाए। समान उद्योग समान कार्य समान वेतन लागू किया जाए।पूर्व विधायक का. इम्तेयाज अहमद ने श्रमिक संगठनो के आंदोलन को समर्थन दिया। डीवाईएफआई के जिलाध्यक्ष जयहिन्द राजभर एंव अभिषेक मिश्रा ने जेएनयू के छात्रों पर लाठी चार्ज की निंदा की।बैंक कर्मचारी नेता बालाजी मोदी एंव विक्रमा राम ने सरकार से 22 सूत्रीय श्रमिक समस्याओं के समाधान की मांग किया। धरना सभा को कांग्रेस नेता खालिद अंसारी, आंगनबाडी नेता किताबुन्निशा ,बीना राय,अशोक कुमार,राज्य कर्मचारी महासंघ के पीयूष उपाध्याय, दवा प्रतिनिधि संगठन के विनय तिवारी ,ईं सुशील वर्मा,प्रदीप सिंह,प्रमोद राय ने संबोधित किया। धरना में भाकपा, माकपा,भाकपा (माले) एस यू सी आई (सी),इंकलाबी मजदूर केंद्र,उत्तर प्रदेश किसान सभा ,महासभा, किसान संग्राम समिति, उत्तर प्रदेश किसान फेडरेशन बुनकर वाहिनी आदि संगठनों ने भाग लिया।
मिला-जुला रहा बंद का असर रहा
मऊ। विभिन्न संग्ठनों की ओर से भारत बंद का जनपद में मिला जुला असर रहा। मुस्लिम बहुल इलाकों में कारोबारियों ने अपने कारोबारी पूर्ण रूप से रखा। बुनकरों के लूम और पावर लूम बंद रहे। दुकानें बंद रहीं। जिला मुुख्यालय पर सदर चौक, मिर्जाहादीपुरा,औरंगाबाद में पूर्ण बंदी रही। फलों सब्जियों की दुकानें चाय और पानी की गुमटियां तक बंद रहीं। कोपागंज संवाददाता के अनुसार बुधवार को भारत बंद के ऐलान पर क्षेत्र के कोपागंज बाजार और कुर्थीजाफरपुर में कांग्रेस ,सपा,बहुजन,एवं भाकपा सहित छोटे से बड़स्त्रत्त्े कारोबारियों से बंद को सफल बनाने अपील किया। लेकिन बंद का असर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में ही दिखा। कोपागंज कसबा एवं कुर्थीजाफरपुर बाजार में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपनी अपनी दुकानें सुबह से बंद रखी , जबकि अन्य दुकानेंप्रतिदिन की भांति खुली रही। घोसी संवाददाता के अनुसार कसबे में बुधवार को साप्ताहिक बंदी थी। मुस्लिम बहुल इलाकों की दुुकानें बंद रहीं। बाकी क्षेत्रों में दुकानें खुली रहीं। मुहम्मदाबाद गोहना वलीदपुर में मुसलिम बहुल इलाकों में बंदी रही।
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50 करोड़ का कारोबार हुआ प्रभावित:
मऊ। बैंकों की बंदी के चलते बुधवार को जनपद में लगभग 50 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। एसबीआई को छोड़कर जिले के सभी बैंकों की शाखाओं में पूर्ण बंदी रहने से कारोबारियों को काफी नुुकसान हुआ।
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जिला श्रमिक समन्वय समिति के महामंत्री राम अवतार सिंह ने कहा कि सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के कारण कर्मचारी, किसान, छात्र, नौजवान, मजदूर वर्गों में आक्रोश व्याप्त है। अपने अध्यक्षीय भाषण में एटक के राज्य कौंसिल एटक के सदस्य सूर्यदेव पाण्डेय ने कहा कि प्रमुख मांगें न्यूनतम वेतन 21,000 रूपया घोषित किया जाए,न्यूनतम वेतन के पुर्ननिर्धारण के लिए बोर्ड का गठन किया जाए।पुरानी पेंशन बहाल किया जाए,एक वर्ष की सेवा पर 45 दिन के वेतन के बराबर ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाए। समान उद्योग समान कार्य समान वेतन लागू किया जाए।पूर्व विधायक का. इम्तेयाज अहमद ने श्रमिक संगठनो के आंदोलन को समर्थन दिया। डीवाईएफआई के जिलाध्यक्ष जयहिन्द राजभर एंव अभिषेक मिश्रा ने जेएनयू के छात्रों पर लाठी चार्ज की निंदा की।बैंक कर्मचारी नेता बालाजी मोदी एंव विक्रमा राम ने सरकार से 22 सूत्रीय श्रमिक समस्याओं के समाधान की मांग किया। धरना सभा को कांग्रेस नेता खालिद अंसारी, आंगनबाडी नेता किताबुन्निशा ,बीना राय,अशोक कुमार,राज्य कर्मचारी महासंघ के पीयूष उपाध्याय, दवा प्रतिनिधि संगठन के विनय तिवारी ,ईं सुशील वर्मा,प्रदीप सिंह,प्रमोद राय ने संबोधित किया। धरना में भाकपा, माकपा,भाकपा (माले) एस यू सी आई (सी),इंकलाबी मजदूर केंद्र,उत्तर प्रदेश किसान सभा ,महासभा, किसान संग्राम समिति, उत्तर प्रदेश किसान फेडरेशन बुनकर वाहिनी आदि संगठनों ने भाग लिया।
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मिला-जुला रहा बंद का असर रहा
मऊ। विभिन्न संग्ठनों की ओर से भारत बंद का जनपद में मिला जुला असर रहा। मुस्लिम बहुल इलाकों में कारोबारियों ने अपने कारोबारी पूर्ण रूप से रखा। बुनकरों के लूम और पावर लूम बंद रहे। दुकानें बंद रहीं। जिला मुुख्यालय पर सदर चौक, मिर्जाहादीपुरा,औरंगाबाद में पूर्ण बंदी रही। फलों सब्जियों की दुकानें चाय और पानी की गुमटियां तक बंद रहीं। कोपागंज संवाददाता के अनुसार बुधवार को भारत बंद के ऐलान पर क्षेत्र के कोपागंज बाजार और कुर्थीजाफरपुर में कांग्रेस ,सपा,बहुजन,एवं भाकपा सहित छोटे से बड़स्त्रत्त्े कारोबारियों से बंद को सफल बनाने अपील किया। लेकिन बंद का असर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में ही दिखा। कोपागंज कसबा एवं कुर्थीजाफरपुर बाजार में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपनी अपनी दुकानें सुबह से बंद रखी , जबकि अन्य दुकानेंप्रतिदिन की भांति खुली रही। घोसी संवाददाता के अनुसार कसबे में बुधवार को साप्ताहिक बंदी थी। मुस्लिम बहुल इलाकों की दुुकानें बंद रहीं। बाकी क्षेत्रों में दुकानें खुली रहीं। मुहम्मदाबाद गोहना वलीदपुर में मुसलिम बहुल इलाकों में बंदी रही।
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50 करोड़ का कारोबार हुआ प्रभावित:
मऊ। बैंकों की बंदी के चलते बुधवार को जनपद में लगभग 50 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। एसबीआई को छोड़कर जिले के सभी बैंकों की शाखाओं में पूर्ण बंदी रहने से कारोबारियों को काफी नुुकसान हुआ।