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केवल इस्लाम धर्म में ही होता है तीस दिन का लगातार व्रत:

Sun, 09 May 2021 11:07 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 09 May 2021 11:07 PM IST
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Avoid public iftar party
घोसी। रमजान माह में रोजा इफ्तार पार्टी भाईचारे का संदेश देता है लेकिन कोरोना काल में रोजेदार सार्वजनिक इफ्तार पार्टी से परहेज करें। बहुत जरूरी हो तो ही घरों से निकलें। तरावीह की नमाज और अन्य धार्मिक कार्य घरों में ही अदा करें। ये बातें नगर के पट्टीमुहम्मद उर्फ काजीपुरा निवासी सलामतुल्लाह आजमी ने कहीं।
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उन्होंने कहा कि रोजा के रूप में तीस दिन का लगातार व्रत सिर्फ इस्लाम धर्म में ही होता है, जो कोई भी रख सकता है। इसमें धर्म की कोई पाबंदी नहीं है। जिसकी भी इच्छा हो रोजा पूरे अकीदत के साथ रोजा रख कर मनोवांछित कामना कर सकता है। कहा कि बुजुर्ग एवं बच्चे रोजा रखने से परहेज करें क्योंकि इस उम्र में शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता कमजोर होती है, जिसके कारण आपका जीवन संकट में पड़ सकता है। रोग प्रतिरोधी क्षमता बनाए रखने के लिए समय समय पर अन्न, जल सहित पौष्टिक तत्वों की जरूरत होती है। कोरोना काल में मानव जीवन को बचाए रखने के लिए घर से बाहर निकलने से परहेज करें। यदि बगैर घर से निकले कार्य नहीं होने वाला है तो मात्र कार्यों की पूर्ति करने तक ही निकले और घर लौटकर सैनिटाइज कर लें।
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