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Mau News: फाइलेरिया संक्रमण से अनभिज्ञ हैं लोग, मच्छरों से फैलने वाले इस रोग के ये हैं लक्षण, ऐसे करें बचाव

Thu, 06 Apr 2023 07:11 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Thu, 06 Apr 2023 07:11 AM IST
सार

सुनीता को जब फाइलेरिया के पूरे संक्रमण चक्र और दवा से उस चक्र को बाधित करने की जानकारी दी गई तो वह आश्चर्य चकित हो गई। उसने कहा कि मुझे तो लगा था कि तनाव के चलते मेरा दाहिना पैर फूलकर मोटा हो गया है। इसे मैं तनाव का कारण मान रही थी लेकिन अब आपकी बात मुझे सही लगने लगी है मेरे ससुर को भी यह बीमारी थी।

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At first she refused to take medicine, now she has become "responsible"
फाइलेरिया

विस्तार

दोहरीघाट क्षेत्र की एक महिला फाइलेरिया रोग से पीड़ित है। उसके घर एमडीए अभियान की टीम दवा खिलाने जब पहुंची तो उसने तमाम तरह के बहाने करते हुए दवा खाने से मना कर दिया। बाद में उसके के घर जिला मुख्यालय की टीम के जिला मलेरिया अधिकारी गए। दवा के असर को बताते हुए जागरूक किया। आखिर महिला ने बताए अनुसार दवा का सेवन किया और ठीक हो गई। अब महिला ‘जिम्मेदार’ बनकर अन्य लोगों को भी जागरूक कर रही। जिले के दोहरीघाट के पिडसुई गांव की सुनीता (58) फाइलेरिया रोग से ग्रसित है। उसके दाहिने पैर में फाइलेरिया ने संक्रमण कर रखा है, उसने पहले दवा खाने से इंकार कर दिया था। इस बात का पता चलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल एमओ तरुण कुमार, एमआई राजेश यादव और बीसीपीएम सुरेंद्र नाथ की टीम सुनीता से मिलने उसके घर पहुंची।

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सुनीता को जब फाइलेरिया के पूरे संक्रमण चक्र और दवा से उस चक्र को बाधित करने की जानकारी दी गई तो वह आश्चर्य चकित हो गई। उसने कहा कि मुझे तो लगा था कि तनाव के चलते मेरा दाहिना पैर फूलकर मोटा हो गया है। इसे मैं तनाव का कारण मान रही थी लेकिन अब आपकी बात मुझे सही लगने लगी है मेरे ससुर को भी यह बीमारी थी।
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जिला मलेरिया अधिकारी बेदी यादव ने बताया कि समझाने पर सुनीता ने स्वयं तो दवा खाया ही, उसने पूरे पिडसुई गांव को हमारी टीम के साथ घूम-घूम कर जागरूक किया और सभी को दवा खाने के लिए प्रेरित करना शुरू कर दिया।

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At first she refused to take medicine, now she has become "responsible"
मच्छर - फोटो : iStock
स्थिति यह हो गई कि उस गांव में सभी लोगों ने दवा का सेवन कर लिया है। उन्होंने बताया कि यह संचारी रोग है जो मच्छरों के कारण फैलता है। जिससे बचने के लिये घर में पूरे कपड़े पहनें। सोने से पहले मच्छरदानी लगाएं। घर में मच्छर भगाने वाली लिक्विड दवाओं का उपयोग करें। समय-समय बॉडी चेकअप के लिए भी डॉक्टर के पास जरूर जाएं।
अगर आपको स्तनों में बदलाव या दर्द महसूस हो रहा है तो इस बारे में डॉक्टर से बात करें। अगर आप ऐसे इलाके में रहते हैं जहां फाइलेरिया होने की आशंका ज्यादा है तो ऐसे में मच्छरों और अन्य कीटों से जितना हो सके उतना बचाव करें।
 

At first she refused to take medicine, now she has become "responsible"
मच्छर - फोटो : iStock
मच्छरों से बचाव करने के लिए हमेशा पूरे कपड़े पहने और मच्छरों से बचाव करने वाली दवाओं या क्रीम का इस्तेमाल करें। इसके रोधी दवा अभियान और मापअप राउंड दोनों को मिला कर जिले में 21, 61, 226 लाख लोगों को टीम के सामने दवा का सेवन कराया गया, जबकि 2021-22 में जनपद के 19,59,339 व्यक्तियों को यह दवा खिलाई गई थी।
जिले में पिछले सत्र में जनपद में फाइलेरिया के लिम्फोडिमा के 879 और हाइड्रोसील के 183 मरीज हैं। जिनका इलाज चल रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेश अग्रवाल ने बताया कि फायलेरिया एक संचारी रोग है जो कि मच्छरों के कारण फैलता है।
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