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जिले के समस्त माध्यमिक विद्यालयों में बनाई जाएगा आरोग्य वाटिका
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मऊ। जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में आरोग्य वाटिका बनाई जाएगी। इस वाटिका में औषधीय पौधे लगाकर उनकी देखभाल का जिम्मा छात्रों और शिक्षकों को सौंपा जाएगा। विभाग की पहल एवं पर्यावरण के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद गुणकारी औषधीय पौधों की महत्ता में वृद्धि हुई है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने इस आशय का पत्र जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को जारी किया है।
जिले में 14 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त तथा 436 अशासकीय माध्यमिक विद्यालय हैं। देश में हर घर सदियों से औषधीय गुणों वाले पौधों का उपयोग करता रहा है। कुछ लोग उनकी पूजा भी करते हैं। हालांकि इन पौधों के सदियों पुराने रीति-रिवाजों और उपयोग को कई लोग भूल गए थे। कोविड के बाद लोगों ने फिर से उनके महत्व को समझा और अपने दैनिक जीवन में उनका उपयोग भी करना शुरू कर दिया है। अब छात्रों को औषधीय पौधों के महत्व के लिए सभी राजकीय, सहायता प्राप्त तथा अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में अब छात्रों को औषधीय पौधों के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए एक आरोग्य वाटिका लगाई जाएगी। आरोग्य वाटिका बनाने के लिए विशेष स्थान का चयन किया जाएगा और इसकी जिम्मेदारी प्रधानाचार्य द्वारा नामित शिक्षक को दी जाएगी।
वाटिका में लगाए जाने वाले पौधों में हल्दी, चंदन, नीम, गिलोय, सर्पगंधा, ब्राह्मी, सहजन, चाय, करंज, आमला, अमरुद और तुलसी आदि पौधे होंगे। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं को घरों में भी औषधीय पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। डीआईओएस राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि जिले के समस्त माध्यमिक विद्यालयों में आरोग्य वाटिका का स्थल चयनित कर औषधीय पौधे लगाने के लिए प्रधानाचार्यो को पत्र जारी कर दिया गया है।
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जिले में 14 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त तथा 436 अशासकीय माध्यमिक विद्यालय हैं। देश में हर घर सदियों से औषधीय गुणों वाले पौधों का उपयोग करता रहा है। कुछ लोग उनकी पूजा भी करते हैं। हालांकि इन पौधों के सदियों पुराने रीति-रिवाजों और उपयोग को कई लोग भूल गए थे। कोविड के बाद लोगों ने फिर से उनके महत्व को समझा और अपने दैनिक जीवन में उनका उपयोग भी करना शुरू कर दिया है। अब छात्रों को औषधीय पौधों के महत्व के लिए सभी राजकीय, सहायता प्राप्त तथा अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में अब छात्रों को औषधीय पौधों के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए एक आरोग्य वाटिका लगाई जाएगी। आरोग्य वाटिका बनाने के लिए विशेष स्थान का चयन किया जाएगा और इसकी जिम्मेदारी प्रधानाचार्य द्वारा नामित शिक्षक को दी जाएगी।
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वाटिका में लगाए जाने वाले पौधों में हल्दी, चंदन, नीम, गिलोय, सर्पगंधा, ब्राह्मी, सहजन, चाय, करंज, आमला, अमरुद और तुलसी आदि पौधे होंगे। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं को घरों में भी औषधीय पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। डीआईओएस राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि जिले के समस्त माध्यमिक विद्यालयों में आरोग्य वाटिका का स्थल चयनित कर औषधीय पौधे लगाने के लिए प्रधानाचार्यो को पत्र जारी कर दिया गया है।
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