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Mau News: चार तहसीलों में आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र के आवेदन फंसे
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सदर तहसील का मुख्य भवन।
जिले के लेखपालों के पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार करने से छात्रों के सामने संकट खड़ा हो गया है। जिले की चारों तहसीलों में इस समय प्रमाणपत्रों के 20 हजार से अधिक आवेदन लंबित पड़े हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या आय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, और निवास प्रमाणपत्रों की है।
22 सितंबर से चल रहा लेखपालों का आंशिक कार्य बहिष्कार अब और उग्र हो गया है। 8 अक्तूबर से अनिश्चितकाल तक लेखपालों ने पूरी तरह से कार्य बहिष्कार का एलान कर दिया है, जिससे आगामी दिनों में संकट और गहराने की आशंका है।
शैक्षणिक सत्र के इस महत्वपूर्ण मोड़ पर प्रमाणपत्र न बनने से छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। दशमोत्तर और अन्य स्कॉलरशिप के फॉर्म भरने के लिए आय और जाति प्रमाण-पत्र अनिवार्य हैं। विश्वविद्यालयों, कॉलेजों में काउंसिलिंग और दाखिले के लिए इन दस्तावेजों की तत्काल जरूरत है। अगले कुछ दिन तक वेबसाइट पर रिपोर्ट नहीं लगी, तो हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।
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विभागीय आंकड़ों के मुताबिक सदर, मुहम्मदाबाद गोहना, घोसी और मधुबन तहसील में 20 हजार 317 प्रमाणपत्र अटके हैं।
सबसे खराब हाल सदर तहसील का है। यहां अकेले 10 हजार प्रमाणपत्र लंबित हैं। मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में 731 जाति प्रमाणपत्र, 962 आय प्रमाणपत्र और 725 निवास प्रमाणपत्र शामिल हैं। घोसी तहसील में 961 जाति प्रमाणपत्र, 961 आय और 678 निवास प्रमाणपत्र हैं।
इसी तरह मधुबन तहसील में मधुबन आय प्रमाणपत्र 2070, जाति 1412 और निवास प्रमाणपत्र 1034 लंबित हैं। सदर तहसील में 4629 आय प्रमाणपत्र, 2955 जाति प्रमाणपत्र, 2974 निवास और 325 ईडब्ल्यूएस लंबित है। ये सभी फाइलें जांच के लिए संबंधित लेखपालों को भेजी गई थीं, लेकिन हड़ताल का हवाला देकर लेखपालों ने इन्हें बिना जांच के ही वापस कर दिया है।
जारी रहेगी हड़ताल
10 अक्तूबर : थाना दिवस पर काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे
12 अक्तूबर : तहसील व जिला मुख्यालय पर रक्तदान शिविर लगाकर आंदोलन
14 अक्तूबर : मोटर साइकिल रैली निकालेंगे
17 से 23 अक्तूबर : तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन
24 अक्तूबर से जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन
लेखपालों की मांगें
- विगत 10 वर्षों से लेखपालों के प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे की मांग व वेतन विसंगति दूर न होना।
- विगत 8 साल से लेखपालों का अंतर मंडलीय स्थानांतरण न होना।
- विगत 2 साल से लेखपालों की पदोन्नति सूची जारी न होना।
- विगत 16 वर्षों से लेखपालों के भत्तों में वृद्धि ना होना।
- प्रभारी राजस्व निरीक्षक से कार्यों से मुक्त न करना।
- विगत 5 वर्षों से उच्च तकनीकी कार्यों के निष्पादन के लिए लैपटॉप व मोबाइल उपलब्ध न कराना। तकनीकी कार्य कराते हुए तकनीकी पद घोषित न करना।
- ग्राम सचिवालय में बिना सुविधा, सुरक्षा और भत्ते की बढ़ोतरी के काम कराना
- विगत 1 वर्ष से तहसील वार लेखपालों का परीक्षा परिणाम न घोषित करना
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आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने वाले परेशान
घोसी तहसील क्षेत्र के खैरा मुहम्मदपुर गांव निवासी रंजू सिंह ने बताया कि उन्होंने आय और निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया है, लेकिन लेखपाल की जांच आख्या नहीं लगने के कारण प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पा रहा है। बड़ागांव निवासी संध्या ने बताया कि आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने के बाद भी जांच प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। सोमारीडीह गांव निवासी कंचन ने भी बताया कि प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया गया है, लेकिन जांच आख्या लंबित होने के कारण उन्हें प्रमाणपत्र नहीं मिल सका है।
हड़ताल से प्रभावित होने वाले कार्य
वरासत, अंश निर्धारण, फार्मर रजिस्ट्री, खतौनी या राजस्व रिकॉर्ड में नाम सुधार और अंश सुधार से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ओलावृष्टि, बाढ़ या सूखा जैसी प्राकृतिक आपदाओं में फसलों के नुकसान का आकलन और रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाएगी। आय, जाति, निवास, ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र नहीं जारी होंगे। जन्म प्रमाणपत्र नहीं बनेंगे।
20 दिन पहले अपने बेटे का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। कई जगहों से पूछताछ के बाद तहसील स्तर पर अटक गया है। 22 सितंबर से लेखपालों के कार्य बहिष्कार के कारण प्रमाणपत्र नहीं बन पाने से बेटे का आधारकार्ड नहीं बन पा रहा है। इससे स्कूल में प्रवेश लेने में दिक्कत आ रही है। - सुमंत सिंह, निवासी हिंडोला।
पोता एक साल पहले हुआ था। उसके जन्म प्रमाणपत्र के लिए 26 दिन पहले आवेदन किया था। लगभग दो सप्ताह में प्रमाणपत्र बन जाना चाहिए, लेकिन अभी तक नहीं बन पाया है। - दुर्ग विजय राजभर, निवासी कमालपुर पहाड़पुर।
लेखपाल संघ से वार्ता चल रही है। शुक्रवार को जिलाध्यक्ष और तहसील अध्यक्षों से बातचीत करके हड़ताल समाप्त करने के लिए कहा जाएगा। जल्द ही समस्या सुलझा ली जाएगी। - प्रविंद्र कुमार, एडीएम, मऊ।
संघ के अध्यक्ष बोले - खराब हो चुके हैं मोबाइल
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष राहुल बाबा, सदर तहसील अध्यक्ष वैभव सिंह, मुहम्मदाबाद गोहना अध्यक्ष अनिल यादव, घोसी तहसील अध्यक्ष अरविंद पांडेय और मधुबन के तहसील अध्यक्ष शरद यादव ने बताया कि लेखपालों को वर्ष 2018 और 2020 तक मोबाइल दिया गया था, जो काफी पुराना हो गया है। इसके हैंग होने से काम करने में देरी होती है। एक आवेदन सत्यापन करने में लगभग 10 मिनट का समय लग जाता है। इसी तरह लैपटॉप भी पुराने हो गए हैं। यही कारण है कि बृहस्पतिवार को लेखपालों ने सभी ऑफीशियल व्हाट्सअप ग्रुप छोड़ दिए हैं। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी चरणबद्ध हड़ताल जारी रहेगी।
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22 सितंबर से चल रहा लेखपालों का आंशिक कार्य बहिष्कार अब और उग्र हो गया है। 8 अक्तूबर से अनिश्चितकाल तक लेखपालों ने पूरी तरह से कार्य बहिष्कार का एलान कर दिया है, जिससे आगामी दिनों में संकट और गहराने की आशंका है।
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शैक्षणिक सत्र के इस महत्वपूर्ण मोड़ पर प्रमाणपत्र न बनने से छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। दशमोत्तर और अन्य स्कॉलरशिप के फॉर्म भरने के लिए आय और जाति प्रमाण-पत्र अनिवार्य हैं। विश्वविद्यालयों, कॉलेजों में काउंसिलिंग और दाखिले के लिए इन दस्तावेजों की तत्काल जरूरत है। अगले कुछ दिन तक वेबसाइट पर रिपोर्ट नहीं लगी, तो हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।
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विभागीय आंकड़ों के मुताबिक सदर, मुहम्मदाबाद गोहना, घोसी और मधुबन तहसील में 20 हजार 317 प्रमाणपत्र अटके हैं।
सबसे खराब हाल सदर तहसील का है। यहां अकेले 10 हजार प्रमाणपत्र लंबित हैं। मुहम्मदाबाद गोहना तहसील में 731 जाति प्रमाणपत्र, 962 आय प्रमाणपत्र और 725 निवास प्रमाणपत्र शामिल हैं। घोसी तहसील में 961 जाति प्रमाणपत्र, 961 आय और 678 निवास प्रमाणपत्र हैं।
इसी तरह मधुबन तहसील में मधुबन आय प्रमाणपत्र 2070, जाति 1412 और निवास प्रमाणपत्र 1034 लंबित हैं। सदर तहसील में 4629 आय प्रमाणपत्र, 2955 जाति प्रमाणपत्र, 2974 निवास और 325 ईडब्ल्यूएस लंबित है। ये सभी फाइलें जांच के लिए संबंधित लेखपालों को भेजी गई थीं, लेकिन हड़ताल का हवाला देकर लेखपालों ने इन्हें बिना जांच के ही वापस कर दिया है।
जारी रहेगी हड़ताल
10 अक्तूबर : थाना दिवस पर काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे
12 अक्तूबर : तहसील व जिला मुख्यालय पर रक्तदान शिविर लगाकर आंदोलन
14 अक्तूबर : मोटर साइकिल रैली निकालेंगे
17 से 23 अक्तूबर : तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन
24 अक्तूबर से जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन
लेखपालों की मांगें
- विगत 10 वर्षों से लेखपालों के प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे की मांग व वेतन विसंगति दूर न होना।
- विगत 8 साल से लेखपालों का अंतर मंडलीय स्थानांतरण न होना।
- विगत 2 साल से लेखपालों की पदोन्नति सूची जारी न होना।
- विगत 16 वर्षों से लेखपालों के भत्तों में वृद्धि ना होना।
- प्रभारी राजस्व निरीक्षक से कार्यों से मुक्त न करना।
- विगत 5 वर्षों से उच्च तकनीकी कार्यों के निष्पादन के लिए लैपटॉप व मोबाइल उपलब्ध न कराना। तकनीकी कार्य कराते हुए तकनीकी पद घोषित न करना।
- ग्राम सचिवालय में बिना सुविधा, सुरक्षा और भत्ते की बढ़ोतरी के काम कराना
- विगत 1 वर्ष से तहसील वार लेखपालों का परीक्षा परिणाम न घोषित करना
आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने वाले परेशान
घोसी तहसील क्षेत्र के खैरा मुहम्मदपुर गांव निवासी रंजू सिंह ने बताया कि उन्होंने आय और निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया है, लेकिन लेखपाल की जांच आख्या नहीं लगने के कारण प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पा रहा है। बड़ागांव निवासी संध्या ने बताया कि आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने के बाद भी जांच प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। सोमारीडीह गांव निवासी कंचन ने भी बताया कि प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया गया है, लेकिन जांच आख्या लंबित होने के कारण उन्हें प्रमाणपत्र नहीं मिल सका है।
हड़ताल से प्रभावित होने वाले कार्य
वरासत, अंश निर्धारण, फार्मर रजिस्ट्री, खतौनी या राजस्व रिकॉर्ड में नाम सुधार और अंश सुधार से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ओलावृष्टि, बाढ़ या सूखा जैसी प्राकृतिक आपदाओं में फसलों के नुकसान का आकलन और रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाएगी। आय, जाति, निवास, ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र नहीं जारी होंगे। जन्म प्रमाणपत्र नहीं बनेंगे।
20 दिन पहले अपने बेटे का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। कई जगहों से पूछताछ के बाद तहसील स्तर पर अटक गया है। 22 सितंबर से लेखपालों के कार्य बहिष्कार के कारण प्रमाणपत्र नहीं बन पाने से बेटे का आधारकार्ड नहीं बन पा रहा है। इससे स्कूल में प्रवेश लेने में दिक्कत आ रही है। - सुमंत सिंह, निवासी हिंडोला।
पोता एक साल पहले हुआ था। उसके जन्म प्रमाणपत्र के लिए 26 दिन पहले आवेदन किया था। लगभग दो सप्ताह में प्रमाणपत्र बन जाना चाहिए, लेकिन अभी तक नहीं बन पाया है। - दुर्ग विजय राजभर, निवासी कमालपुर पहाड़पुर।
लेखपाल संघ से वार्ता चल रही है। शुक्रवार को जिलाध्यक्ष और तहसील अध्यक्षों से बातचीत करके हड़ताल समाप्त करने के लिए कहा जाएगा। जल्द ही समस्या सुलझा ली जाएगी। - प्रविंद्र कुमार, एडीएम, मऊ।
संघ के अध्यक्ष बोले - खराब हो चुके हैं मोबाइल
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष राहुल बाबा, सदर तहसील अध्यक्ष वैभव सिंह, मुहम्मदाबाद गोहना अध्यक्ष अनिल यादव, घोसी तहसील अध्यक्ष अरविंद पांडेय और मधुबन के तहसील अध्यक्ष शरद यादव ने बताया कि लेखपालों को वर्ष 2018 और 2020 तक मोबाइल दिया गया था, जो काफी पुराना हो गया है। इसके हैंग होने से काम करने में देरी होती है। एक आवेदन सत्यापन करने में लगभग 10 मिनट का समय लग जाता है। इसी तरह लैपटॉप भी पुराने हो गए हैं। यही कारण है कि बृहस्पतिवार को लेखपालों ने सभी ऑफीशियल व्हाट्सअप ग्रुप छोड़ दिए हैं। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी चरणबद्ध हड़ताल जारी रहेगी।