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सर्वशिक्षा अभियान भी अभिभावकों को नहीं लुभा रहा
BEARU, AMAR UJALA, MAU
Updated Fri, 13 May 2016 11:44 PM IST
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झोपड़ी में स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
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सर्व शिक्षा अभियान के जरिए सरकार भले ही शिक्षा की अलख जलाने का प्रयास कर रही हो, लेकिन सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या में विशेष परिवर्तन नहीं देखा जा रहा। मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक क्षेत्र में मौजूद विद्यालयों में छात्रों की संख्या आज भी तयशुदा लक्ष्य से 32 प्रतिशत कम है। इस संबंध में बात करने पर जहां विभाग के अधिकारी कहते हैं, जुलाई माह में लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। वहीं अभिभावक विद्यालयों में व्याप्त व्यवस्थाओं से संतुष्ट नहीं दिखते।
जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। बीते वर्ष इन विद्यालयों मेें एक लाख 67588 छात्र थे। इसके सापेक्ष जिले में करीब पांच हजार शिक्षक हैं। जबकि विभाग की नियमावली के अनुसार एक विद्यालय पर प्रति 35 छात्रों पर एक शिक्षक की तैनाती होनी चाहिए।
लेकिन यह संख्या मानक के विपरीत है। नए शिक्षण सत्र में दूसरा माह बीतने को है, अधिकांश परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक माहौल को बेहतर नहीं बनाया जा सका। एक तरफ छात्रों को किताब नहीं मिल सकी। तो दूसरी तरफ विद्यालयों में व्याप्त अव्यवस्था के चलते छात्रों की संख्या में इजाफा नहीं हुआ। अगर पंजीकरण पर नजर डालें तो सब सही, लेकिन भौतिक सत्यापन में छात्रों की विद्यालय पर उपस्थिति नगण्य के बराबर रहती है। जो कागजी कोरम को दर्शाता है। इसके बाद भी लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा।
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जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। बीते वर्ष इन विद्यालयों मेें एक लाख 67588 छात्र थे। इसके सापेक्ष जिले में करीब पांच हजार शिक्षक हैं। जबकि विभाग की नियमावली के अनुसार एक विद्यालय पर प्रति 35 छात्रों पर एक शिक्षक की तैनाती होनी चाहिए।
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लेकिन यह संख्या मानक के विपरीत है। नए शिक्षण सत्र में दूसरा माह बीतने को है, अधिकांश परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक माहौल को बेहतर नहीं बनाया जा सका। एक तरफ छात्रों को किताब नहीं मिल सकी। तो दूसरी तरफ विद्यालयों में व्याप्त अव्यवस्था के चलते छात्रों की संख्या में इजाफा नहीं हुआ। अगर पंजीकरण पर नजर डालें तो सब सही, लेकिन भौतिक सत्यापन में छात्रों की विद्यालय पर उपस्थिति नगण्य के बराबर रहती है। जो कागजी कोरम को दर्शाता है। इसके बाद भी लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा।
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