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Mau News: चार महीने से नहीं मानदेय नहीं, नाराज आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोहरीघाट पर अपने मानदेय की मांग को लेकर प्रदर्शन करतीं आशा कार्यकत्र
मऊ। उत्तर प्रदेश वर्कर्स यूनियन के तत्वावधान में चार महीने से मानदेय का भुगतान नहीं होने से नाराज आशा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित नौ सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आशा कार्यकर्ताओं से 50 से अधिक काम लिए जा रहे हैं, लेकिन भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिन दो-चार कार्यों की प्रोत्साहन राशियां दी भी जा रही हैं, उनका निर्धारण वर्षों पूर्व किया गया था। उनके श्रम के सापेक्ष उन दरों का कभी कोई पुनर्निर्धारण नहीं किया गया। परदहां ब्लाॅक की मृतक आशा स्व. पन्ना देवी, दोहरीघाट की आशा स्व. संजू मौर्या, फतेहपुर मंडाव ब्लाॅक की स्व. मीना सिंह, घोसी की स्व. बादामी देवी, स्व. अतवारी देवी, स्व. सरोज देवी के परिवार के आश्रितों को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
आशा कार्यकर्ता, आशा संगीनी के बकाये का तत्काल भुगतान किया जाए। 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश के अनुरूप आशा संगिनी और आशा कार्यकर्ताओं को राज्य स्वास्थ्यकर्मी के रूप में मान्यता देकर उन्हें न्यूनतम वेतन, मातृत्व अवकाश, कार्यस्थलों में सुरक्षा की गारंटी दी जाए। 46 वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश के अनुरूप सभी आशा संगिनी और आशा कार्यकर्ताओं को कर्मचारी भविष्यनिधि (ईपीएफ) व राज्य कर्मचारी बीमा निगम (ईएसआई) का सदस्य बनाया जाए। बिना पेंशन और ग्रेच्युटी के भुगतान किसी भी आशा कार्यकर्ता को सेवानिवृत्त न किया जाए। सेवा के दौरान दुर्घटनाओं में और अन्य कारणों से जान गंवाने वाली आशा कार्यकर्ताओं के आश्रितों को 20 लाख का मुआवजा दिया जाए। यौन हिंसा रोकने के लिए जिला स्तर पर जेंडर सेंसटाइजेशन कमेटी अगेंस्ट सेक्सुअल हैरेसमेंट का गठन किया जाए।
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घोसी: आशा बहू कल्याण समिति के तत्वावधान में आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों ने सोमवार को मानदेय का पूर्ण भुगतान न होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोसी पर अनिश्चितकालीन हड़ताल और प्रदर्शन कर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था जब तक मानदेय और पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र भुगतान की व्यवस्था नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में रेनू भारती, पूनम देवी, कमला देवी, इन्द्रलेश, रिजवाना, चंदा देवी, नीलम सिंह, होशिला आदि शामिल थे।
दोहरीघाट: आशा संगिनी और आशा कार्यकत्रियों ने चार माह से प्रोत्साहन राशि न मिलने के विरोध में सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोहरीघाट पर प्रदर्शन किया। साथ ही जमकर नारेबाजी किया। प्रदर्शनकारियों ने ब्लॉक लेखा अधिकारी पर खाते में धनराशि भेजने के नाम पर पैसा लेने का आरोप लगाया। साथ ही सीएचसी अधीक्षक डॉ. फैजान को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक उनका बकाया प्रोत्साहन राशि नहीं मिल जाती, वे आपातकालीन सेवाओं के अलावा कोई अन्य कार्य नहीं करेंगी। चार महीनों से प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे उनके घरेलू खर्च और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग अनावश्यक दबाव बनाकर बिना पैसे दिए उनसे कार्य कराना चाहता है। प्रोत्साहन राशि का भुगतान होने तक आपातकालीन सेवाओं के अतिरिक्त कोई कार्य नहीं करेंगी। लेखा अधिकारी पर जननी सुरक्षा योजना सहित अन्य मदों में लाभार्थियों या आशा कार्यकर्ताओं के खाते में धनराशि भेजने के नाम पैसा लेने का भी आरोप लगाया। ब्लॉक लेखा अधिकारी को हटाया जाए। प्रदर्शन करने वालों में गिरजा, मीरा मौर्य, मीरा देवी, सुग्गी देवी, उर्मिला, किरन, उर्मिला राय, प्रमिला, संजू, रमावती आदि शामिल थे।
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प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आशा कार्यकर्ताओं से 50 से अधिक काम लिए जा रहे हैं, लेकिन भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिन दो-चार कार्यों की प्रोत्साहन राशियां दी भी जा रही हैं, उनका निर्धारण वर्षों पूर्व किया गया था। उनके श्रम के सापेक्ष उन दरों का कभी कोई पुनर्निर्धारण नहीं किया गया। परदहां ब्लाॅक की मृतक आशा स्व. पन्ना देवी, दोहरीघाट की आशा स्व. संजू मौर्या, फतेहपुर मंडाव ब्लाॅक की स्व. मीना सिंह, घोसी की स्व. बादामी देवी, स्व. अतवारी देवी, स्व. सरोज देवी के परिवार के आश्रितों को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
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आशा कार्यकर्ता, आशा संगीनी के बकाये का तत्काल भुगतान किया जाए। 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश के अनुरूप आशा संगिनी और आशा कार्यकर्ताओं को राज्य स्वास्थ्यकर्मी के रूप में मान्यता देकर उन्हें न्यूनतम वेतन, मातृत्व अवकाश, कार्यस्थलों में सुरक्षा की गारंटी दी जाए। 46 वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश के अनुरूप सभी आशा संगिनी और आशा कार्यकर्ताओं को कर्मचारी भविष्यनिधि (ईपीएफ) व राज्य कर्मचारी बीमा निगम (ईएसआई) का सदस्य बनाया जाए। बिना पेंशन और ग्रेच्युटी के भुगतान किसी भी आशा कार्यकर्ता को सेवानिवृत्त न किया जाए। सेवा के दौरान दुर्घटनाओं में और अन्य कारणों से जान गंवाने वाली आशा कार्यकर्ताओं के आश्रितों को 20 लाख का मुआवजा दिया जाए। यौन हिंसा रोकने के लिए जिला स्तर पर जेंडर सेंसटाइजेशन कमेटी अगेंस्ट सेक्सुअल हैरेसमेंट का गठन किया जाए।
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घोसी: आशा बहू कल्याण समिति के तत्वावधान में आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों ने सोमवार को मानदेय का पूर्ण भुगतान न होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोसी पर अनिश्चितकालीन हड़ताल और प्रदर्शन कर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था जब तक मानदेय और पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र भुगतान की व्यवस्था नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में रेनू भारती, पूनम देवी, कमला देवी, इन्द्रलेश, रिजवाना, चंदा देवी, नीलम सिंह, होशिला आदि शामिल थे।
दोहरीघाट: आशा संगिनी और आशा कार्यकत्रियों ने चार माह से प्रोत्साहन राशि न मिलने के विरोध में सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोहरीघाट पर प्रदर्शन किया। साथ ही जमकर नारेबाजी किया। प्रदर्शनकारियों ने ब्लॉक लेखा अधिकारी पर खाते में धनराशि भेजने के नाम पर पैसा लेने का आरोप लगाया। साथ ही सीएचसी अधीक्षक डॉ. फैजान को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक उनका बकाया प्रोत्साहन राशि नहीं मिल जाती, वे आपातकालीन सेवाओं के अलावा कोई अन्य कार्य नहीं करेंगी। चार महीनों से प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे उनके घरेलू खर्च और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग अनावश्यक दबाव बनाकर बिना पैसे दिए उनसे कार्य कराना चाहता है। प्रोत्साहन राशि का भुगतान होने तक आपातकालीन सेवाओं के अतिरिक्त कोई कार्य नहीं करेंगी। लेखा अधिकारी पर जननी सुरक्षा योजना सहित अन्य मदों में लाभार्थियों या आशा कार्यकर्ताओं के खाते में धनराशि भेजने के नाम पैसा लेने का भी आरोप लगाया। ब्लॉक लेखा अधिकारी को हटाया जाए। प्रदर्शन करने वालों में गिरजा, मीरा मौर्य, मीरा देवी, सुग्गी देवी, उर्मिला, किरन, उर्मिला राय, प्रमिला, संजू, रमावती आदि शामिल थे।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोहरीघाट पर अपने मानदेय की मांग को लेकर प्रदर्शन करतीं आशा कार्यकत्र