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Mau News: अभिभावकों की मदद के लिए बनेगी आरटीई हेल्प डेस्क
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आरटीई के तहत प्रथम चरण के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। ऑनलाइन आवेदन करने में असमर्थ अभिभावकों की मदद के लिए आरटीई हेल्प डेस्क बनाई जाएगी। ब्लॉक स्तर के अधिकारी ज्यादा से ज्यादा आवेदन कराने के लिए पात्र परिवार के लोगों को आवेदन करने के लिए प्रेरित करेंगे।
निशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में प्री-प्राइमरी और पहली कक्षा की 25 फीसदी सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को प्रवेश दिलाया जाता है।
इसके तहत 770 निजी विद्यालयों में 7070 सीटों पर तीन चरण में प्रवेश होना है। पहले चरण के लिए प्रवेश प्रक्रिया गत दो फरवरी से चल रही है। आरटीई में आवेदन करने के लिए अभिभावकों को परेशानी न हो, इसके लिए विभागों में हेल्प डेस्क बनाई जाएगी।
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यहां पर ऑनलाइन आवेदन करने में परेशान होने वाले अभिभावकों काे आवेदन कराने में मदद की जाएगी। इसके साथ आरटीई में ज्यादा से ज्यादा आवेदन कराने के लिए ब्लॉक स्तर के अधिकारी भी भूमिका निभाएंगे और अपने-अपने क्षेत्र के पात्र परिवारों के बच्चों को आवेदन करने के लिए प्रेरित करेंगे।
वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांव-गांव प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। आरटीई के तहत पात्र परिवार के बच्चों का आवेदन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता आलोक कुमार सिंह का कहना है कि आरटीई के तहत प्रथम चरण के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया चल रही है। शासन के निर्देशानुसार बच्चों का प्रवेश कराया जाएगा।
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निशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में प्री-प्राइमरी और पहली कक्षा की 25 फीसदी सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को प्रवेश दिलाया जाता है।
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इसके तहत 770 निजी विद्यालयों में 7070 सीटों पर तीन चरण में प्रवेश होना है। पहले चरण के लिए प्रवेश प्रक्रिया गत दो फरवरी से चल रही है। आरटीई में आवेदन करने के लिए अभिभावकों को परेशानी न हो, इसके लिए विभागों में हेल्प डेस्क बनाई जाएगी।
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यहां पर ऑनलाइन आवेदन करने में परेशान होने वाले अभिभावकों काे आवेदन कराने में मदद की जाएगी। इसके साथ आरटीई में ज्यादा से ज्यादा आवेदन कराने के लिए ब्लॉक स्तर के अधिकारी भी भूमिका निभाएंगे और अपने-अपने क्षेत्र के पात्र परिवारों के बच्चों को आवेदन करने के लिए प्रेरित करेंगे।
वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांव-गांव प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। आरटीई के तहत पात्र परिवार के बच्चों का आवेदन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता आलोक कुमार सिंह का कहना है कि आरटीई के तहत प्रथम चरण के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया चल रही है। शासन के निर्देशानुसार बच्चों का प्रवेश कराया जाएगा।