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महान शिक्षाविद् थे अलगू राय शास्त्री
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Fri, 29 Jan 2016 11:54 PM IST
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जनपद के प्रथम सांसद एवं संविधानसभा के सदस्य रहे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित अलगू राय की जयंती उनके पैतृक गांव अमिला से लेकर पूरे जिले में शुक्रवार को मनाई गई। उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर जहां श्रद्धांजलि दी गई, वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनकी जयंती पर एक गोष्ठी का आयोजन कर उन्हें भारत का एक महान शिक्षाविद् एवं कानूनविद् बताया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक बैठक भीटी में जयंती को लेकर हुई। यहां उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। जिलाध्यक्ष अवनीश कुमार सिंह ने कहा कि पंडित अलगू राय शास्त्री इस जनपद के गौरव थे।
वह न सिर्फ संविधानसभा के सदस्य थे, बल्कि संविधान में उन्होंने अपने कई सुझाव भी दिए। कहा कि वह एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में देश को आजाद कराने में अपनी पूरी ऊर्जा लगा दिए।
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आजादी के बाद वह घोसी लोकसभा क्षेत्र के पहले सांसद चुने गए। कहा कि दुखद है कि आज केंद्र और प्रदेश सरकार ऐसे महापुरुषों के रास्तों पर न चलकर पूंजीपतियों के इशारे पर चल रही है। कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार में दबे कुचलों और दलितों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
उन्हें उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्य रूप से सुशील कुमार चौधरी, सावंत सिंह, रविप्रकाश सिंह, गोपाल, राजेंद्र कुमार, प्रदीप सिंह, धनंजय सिंह, बीके पटेल, दीनानाथ यादव, चंद्रशेखर सिंह, रामअवध गौतम आदि उपस्थित रहे।
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कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक बैठक भीटी में जयंती को लेकर हुई। यहां उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। जिलाध्यक्ष अवनीश कुमार सिंह ने कहा कि पंडित अलगू राय शास्त्री इस जनपद के गौरव थे।
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वह न सिर्फ संविधानसभा के सदस्य थे, बल्कि संविधान में उन्होंने अपने कई सुझाव भी दिए। कहा कि वह एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में देश को आजाद कराने में अपनी पूरी ऊर्जा लगा दिए।
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आजादी के बाद वह घोसी लोकसभा क्षेत्र के पहले सांसद चुने गए। कहा कि दुखद है कि आज केंद्र और प्रदेश सरकार ऐसे महापुरुषों के रास्तों पर न चलकर पूंजीपतियों के इशारे पर चल रही है। कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार में दबे कुचलों और दलितों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
उन्हें उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्य रूप से सुशील कुमार चौधरी, सावंत सिंह, रविप्रकाश सिंह, गोपाल, राजेंद्र कुमार, प्रदीप सिंह, धनंजय सिंह, बीके पटेल, दीनानाथ यादव, चंद्रशेखर सिंह, रामअवध गौतम आदि उपस्थित रहे।