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अग्निपथ योजना नौजवानों के लिए यह सुनहरा मौका : डीएम
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मऊ। जिलाधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को अग्निपथ योजना को लेकर बैठक हुई। अग्निपथ योजना को लेकर सेना में भर्ती होने वाले युवकों में भ्रम की स्थिति है, जिसके कारण ऐसे युवक इस योजना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने भूतपूर्व सैनिकों से अग्निपथ योजना के संबंध में सेना में भर्ती होने वाले जवानों से संवाद स्थापित कर इसके लाभों से अवगत कराने को कहा। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को भी नौजवानों के बीच जाकर उनसे संवाद स्थापित कर समझाने को कहा।
जिलाधिकारी ने बताया कि विश्व में जहां भी अच्छी सैन्य व्यवस्था है, वहां पर इस तरह की व्यवस्था लागू है, जो कि अब भारत में भी लागू की जा रही है। उन्होंने बताया कि चार साल की भर्ती के बाद ऐसे युवक अपना भविष्य बेहतर ढंग से संवार सकते हैं। क्योंकि उनके पास पर्याप्त प्रशिक्षण का अनुभव एवं धन होगा। साथ ही इन्हें सेना एवं पुलिस भर्ती में भी वरीयता मिलेगी। अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर के लिए भी इनके पास पर्याप्त समय होगा। कार्यकाल के दौरान कोई अन्य दुर्घटना होने पर बीमा का भी प्रावधान है। जिलाधिकारी ने वहां उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे जगहों का चिंहीकरण कर ले, जहां पर सेना में भर्ती होने वाले जवान तैयारियां करने के लिए आते हैं। उनसे बातचीत कर उन्हें योजना के लाभों से अवगत कराएं। उन्होंने एनसीसी, एनएसएस एवं नव युवक मंगल दल के लोगों को आज से ही अपने वॉलिंटियर एवं सदस्यों के माध्यम से युवकों के बीच जाकर योजना के बारे में जागरूक करने को कहा। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए कि जनपद में संचालित शैक्षिक संस्थाओं एवं कोचिंग सेंटरों में तैयारी कर रहे बच्चों को योजना के बारे में समझाएं। जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सेक्रेटरी एवं ग्राम प्रधान का सहयोग लेकर ग्रामीण स्तर पर सेना में भर्ती हेतु तैयारी करने वाले युवकों को भी अग्निपथ योजना के लाभों को समझाएं। अधिकारियों को सोशल मीडिया पर भी इस योजना के प्रति लोगों को जागरूक करने को कहा। । जिलाधिकारी ने युवकों को उकसा कर उपद्रव कराने वालों का चिन्हीकरण कर कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने जिला विद्यालय निरीक्षक से ऐसे कोचिंग सेंटरो की सूची उपलब्ध कराने को कहा, जहां पर सेना में भर्ती हेतु तैयारियां कराई जाती हैं। बैठक में नगर मजिस्ट्रेट त्रिभुवन, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला क्रीड़ा अधिकारी, डीओ पीआरडी, समन्वय नेहरू युवा केंद्र, डीसीएसके प्रिंसिपल, प्रभारी एनएसएस, एनसीसी, थानाध्यक्ष जीआरपी के अलावा कई भूतपूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
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जिलाधिकारी ने बताया कि विश्व में जहां भी अच्छी सैन्य व्यवस्था है, वहां पर इस तरह की व्यवस्था लागू है, जो कि अब भारत में भी लागू की जा रही है। उन्होंने बताया कि चार साल की भर्ती के बाद ऐसे युवक अपना भविष्य बेहतर ढंग से संवार सकते हैं। क्योंकि उनके पास पर्याप्त प्रशिक्षण का अनुभव एवं धन होगा। साथ ही इन्हें सेना एवं पुलिस भर्ती में भी वरीयता मिलेगी। अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर के लिए भी इनके पास पर्याप्त समय होगा। कार्यकाल के दौरान कोई अन्य दुर्घटना होने पर बीमा का भी प्रावधान है। जिलाधिकारी ने वहां उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे जगहों का चिंहीकरण कर ले, जहां पर सेना में भर्ती होने वाले जवान तैयारियां करने के लिए आते हैं। उनसे बातचीत कर उन्हें योजना के लाभों से अवगत कराएं। उन्होंने एनसीसी, एनएसएस एवं नव युवक मंगल दल के लोगों को आज से ही अपने वॉलिंटियर एवं सदस्यों के माध्यम से युवकों के बीच जाकर योजना के बारे में जागरूक करने को कहा। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए कि जनपद में संचालित शैक्षिक संस्थाओं एवं कोचिंग सेंटरों में तैयारी कर रहे बच्चों को योजना के बारे में समझाएं। जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सेक्रेटरी एवं ग्राम प्रधान का सहयोग लेकर ग्रामीण स्तर पर सेना में भर्ती हेतु तैयारी करने वाले युवकों को भी अग्निपथ योजना के लाभों को समझाएं। अधिकारियों को सोशल मीडिया पर भी इस योजना के प्रति लोगों को जागरूक करने को कहा। । जिलाधिकारी ने युवकों को उकसा कर उपद्रव कराने वालों का चिन्हीकरण कर कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने जिला विद्यालय निरीक्षक से ऐसे कोचिंग सेंटरो की सूची उपलब्ध कराने को कहा, जहां पर सेना में भर्ती हेतु तैयारियां कराई जाती हैं। बैठक में नगर मजिस्ट्रेट त्रिभुवन, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला क्रीड़ा अधिकारी, डीओ पीआरडी, समन्वय नेहरू युवा केंद्र, डीसीएसके प्रिंसिपल, प्रभारी एनएसएस, एनसीसी, थानाध्यक्ष जीआरपी के अलावा कई भूतपूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
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