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जीतने के बाद भी प्रधान नहीं ले सकेंगे कार्यभार
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 26 Nov 2015 12:24 AM IST
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत होने वाले ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पदों के मतदान संपन्न हो जाने के बाद भी रतनपुरा ब्लाक के 77 ग्राम पंचायतों में से 31 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत सदस्यों के 109 सीटों पर कोई उम्मीदवार ही नहीं हैं।
इनमें से 10 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां निर्धारित कम से कम दो तिहाई से भी कम सदस्य चुनाव मैदान में हैं। इसलिए इन गांवों में छह माह के अंदर सदस्य पदों के लिए चुनाव कराना पड़ेगा इसके बाद ग्राम पंचायतों का गठन हो सकेगा।
निर्वाचन आयोग के अनुसार कम से कम दो तिहाई सदस्यों के निर्वाचन के बाद ही ग्राम पंचायतों का गठन हो सकता है। इसलिए जीतने के बाद भी रतनपुरा ब्लाक के कम से कम नौ गांवों के प्रधानों को छह माह तक कार्यभार पाने के लिए इंतजार करना पड सकता है।
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ब्लाक में 77 ग्राम पंचायतों में सदस्यों के कुल 971 पद हैं। इस ब्लाक में मतदान पहले चरण में 28 नवंबर को हो रहे हैं। लेकिन ब्लाक में कुल 31 गांव ऐसे हैं जहां निर्धारित सदस्य पदों की सभी सीटों पर उम्मीदवार ही नहीं है।
इनमें से दस गांव तो ऐसे हैं जहां ग्राम सभा के गठन के लिए जरूरी संख्या भर को उम्मीदवार नहीं हैं। सबसे दयनीय स्थिति तो बड़ागांव की है यहां पर सदस्यों के लिए 13 वार्ड हैं इनमें से महज दो पर सदस्य चुनाव लड़ रहे हैं
,शेष 11 सीटों पर कोई उम्मीदवार ही नहीं है। इसी प्रकार इटौरा में सदस्यों के कुल 15 वार्ड हैं लेकिन प्रत्याशी केवल चार पर हैं, यहां 11 सीटें रिक्त हैं।
बीबीपुर में भी 11 सीटों के सापेक्ष महज 5 पर प्रत्याशी हैं 6 सीटें रिक्त हैं। ब्लाक में कुल 31 ग्राम पंचायतें एेेसी हैं जहां पर कुछ न कुछ संख्या में सदस्य पद रिक्त हैं।
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इनमें से 10 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां निर्धारित कम से कम दो तिहाई से भी कम सदस्य चुनाव मैदान में हैं। इसलिए इन गांवों में छह माह के अंदर सदस्य पदों के लिए चुनाव कराना पड़ेगा इसके बाद ग्राम पंचायतों का गठन हो सकेगा।
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निर्वाचन आयोग के अनुसार कम से कम दो तिहाई सदस्यों के निर्वाचन के बाद ही ग्राम पंचायतों का गठन हो सकता है। इसलिए जीतने के बाद भी रतनपुरा ब्लाक के कम से कम नौ गांवों के प्रधानों को छह माह तक कार्यभार पाने के लिए इंतजार करना पड सकता है।
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ब्लाक में 77 ग्राम पंचायतों में सदस्यों के कुल 971 पद हैं। इस ब्लाक में मतदान पहले चरण में 28 नवंबर को हो रहे हैं। लेकिन ब्लाक में कुल 31 गांव ऐसे हैं जहां निर्धारित सदस्य पदों की सभी सीटों पर उम्मीदवार ही नहीं है।
इनमें से दस गांव तो ऐसे हैं जहां ग्राम सभा के गठन के लिए जरूरी संख्या भर को उम्मीदवार नहीं हैं। सबसे दयनीय स्थिति तो बड़ागांव की है यहां पर सदस्यों के लिए 13 वार्ड हैं इनमें से महज दो पर सदस्य चुनाव लड़ रहे हैं
,शेष 11 सीटों पर कोई उम्मीदवार ही नहीं है। इसी प्रकार इटौरा में सदस्यों के कुल 15 वार्ड हैं लेकिन प्रत्याशी केवल चार पर हैं, यहां 11 सीटें रिक्त हैं।
बीबीपुर में भी 11 सीटों के सापेक्ष महज 5 पर प्रत्याशी हैं 6 सीटें रिक्त हैं। ब्लाक में कुल 31 ग्राम पंचायतें एेेसी हैं जहां पर कुछ न कुछ संख्या में सदस्य पद रिक्त हैं।