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आखिर कब स्थापित होगी जिला अस्पताल में पुलिस चौकी

Sun, 10 Apr 2022 09:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 10 Apr 2022 09:54 PM IST
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After all, when will the police post in the district hospital be established?
मऊ। जिला अस्पताल में कई बार डॉक्टरों से बदसलूकी होने के बाद भी यहां पुलिस चौकी स्थापित नहीं हो सकी है। इतना ही नहीं जिला अस्पताल प्रबंधन भी सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मियों की तैनाती नहीं कर सका है। जबकि यहां इमरजेंसी में आए दिन विवाद होना आम बात है। एक बार तो ड्यूटी पर तैनात सीनियर डॉक्टर पर मनबढ़ों ने असलहा से हमला कर चुके हैं। ऐसे में जिले के सबसे बड़े सरकारी जिला अस्पताल में ऐसे सुरक्षाकर्मियों की तैनाती नहीं होने से चिकित्सक तथा कर्मचारी दहशत में रहते हैं। घटना को देखते हुए कई बार चिकित्सकों द्वारा कई बार इस समस्या को लेकर अस्पताल प्रबंधन से सुरक्षा व्यवस्था के साथ पुलिस प्रशासन से पुलिस चौकी बनाने की मांग कर चुके है। लेकिन अब तक दोनों में से किसी पर किसी जिम्मेदार कोई अमल नहीं किया गया। जिले में करीब 25 लाख की आबादी पर एक जिला अस्पताल, महिला जिला अस्पताल तथा 10 सीएचसी सहित 44 पीएचसी अस्पताल संचालित हो रहे है। इसमें वर्तमान में महिला जिला अस्पताल को छोड़कर कहीं भी सुरक्षा का व्यवस्था नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था न होने से सबसे ज्यादा परेशानी जिला अस्पताल में हो रही है। यहां आए दिन इमरजेंसी में उपचार कराने पहुंचने वाले मरीजों द्वारा चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मी से अभद्रता के मामले घटित होते रहते हैं। इतना ही नहीं वर्ष 2021 में उपचार कराने के लिए गए कुछ मनबढ़ों द्वारा इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे एक चिकित्सक से अभद्रता करने के साथ हवाई फायरिंग की घटना की गई थी। इसके अलावा इस घटना से एक माह पहले एक किशोर की मौत से नाराज परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया था। डॉक्टर पर हमले के बाद अस्पताल के डॉक्टरों ने प्रांतीय चिकित्सा संवर्ग संघ की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन कर तत्कालीन जिलाधिकारी और सीएमओ को पत्रक सौंप पुलिस चौकी बनने की मांग की थी। चिकित्सकों का कहना था कि अगर पुलिस चौकी अस्पताल परिसर में आई तो अस्पताल में होने वाली घटनाओं को जहां आसानी से रोका जा सकेगा।
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बड़ा परिसर, रात में खुद करें सुरक्षा
मऊ। जिला अस्पताल परिसर काफी बड़ा है। इसमें ब्लड बैंक, इमरजेंसी, ट्रामा सेंटर, पीआईसीयू वार्ड, डायलिसिस यूनिट, पोषण पुर्नवास केंद्र के अलावा अस्पताल के पीछे स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों के आवास बने हैं। लेकिन इतने बड़े परिसर में कोई सुरक्षा व्यवस्था न होने से काफी दिनों से अस्पताल व्यवस्था को पूरी तरह से अराजकतत्व जकड़े हुए हैं। मरीजों के साथ भी सलीका व्यवहार नहीं किया जाता है। प्राइवेट एंबुलेस का भी यहां खेल चलता है। इसके अलावा प्राइवेट में जांच के नाम पर धनादोहन जहां किया जाता है वहीं बड़े अस्पतालों के एंबुलेंस यहां घूमते रहते हैं और रात में मरीजों को लेकर प्राइवेट अस्पताल में चले जाते हैं।
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सीएमओ डॉ. एसएन दूबे जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों के भयमुक्त माहौल में काम करने के लिए प्रयास जारी है। पुलिस अधीक्षक से वार्ता कर एक हफ्ते के अंदर जिला अस्पताल में पुलिस चौकी बनवा दिया जाएगा। वहीं जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बृजकुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में पुलिस चौकी स्थापना के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ ही जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक को कई बार पत्र भेजा जा चुका है। मामले में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डॉ. एके रंजन ने कहा कि जिला अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम न होने से चिकित्सक तथा स्वास्थ्यकर्मी दहशत में रहते हैं। संगठन के माध्यम से कई बार विभागीय अधिकारियों के साथ पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। लेकिन अभी तक न तो पुलिस चौकी बनी न ही सुरक्षा गार्ड की तैनाती ही की जा सकी है।
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